सावधान : ये रतलाम कलेक्टर का फोटो जरुर है, मैसेज नहीं, प्रशासन में हडक़ंप

सावधान : ये रतलाम कलेक्टर का फोटो जरुर है, मैसेज नहीं, प्रशासन में हडक़ंप

रतलाम. एक कथित नंबर के वाट्सएप डीपी पर रतलाम कलेक्टर अजय कटेसरिया की फोटो लगाकर जिले के कई विभागों के अफसरों को हाय-हेलो के मैसेज भेजने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। प्रारंभिक रूप से जो जानकारी सामने आई है उसके अनुसार इस नंबर से महिला एवं बाल विकास विभाग के कई अफसरों को मैसेज भेजे गए हैं। इसकी जानकारी जिला प्रशासन के संज्ञान में आई तो हडक़ंपमच गया। तुरत-फुरत में जिला प्रशासन की तरफ से जनसंपर्क अधिकारी के माध्यम से एक संदेश प्रसारित करवाया गया कि इस कथित नंबर +639615402077 से आने वाले मैसेज पर कोई पैसा नहीं डाले और न ही संपर्क करें। जिला प्रशासन की तरफ से स्पष्ट किया गया कि यह नंबर कलेक्टर कटेसरिया का अधिकृत नंबर नहीं है। मोबाइल पर आने वाला +६३ फिलिपिंस का है जबकि भारत का कोड +९१ है।

कलेक्टर कटेसरिया ने नागरिकों एवं जिले के अधिकारियों-कर्मचारियों से अपील की है कि उक्त नंबर अथवा किसी अन्य अनधिकृत नंबर से कलेक्टर के नाम, फोटो अथवा पद का उपयोग करते हुए कोई संदेश प्राप्त होता है, तो उस पर विश्वास नहीं करें। ऐसे संदेशों के माध्यम से पैसों की मांग अथवा अन्य प्रकार की धोखाधड़ी किए जाने की आशंका हो सकती है। कलेक्टर कटेसरिया ने स्पष्ट किया है कि +639615402077 नंबर उनका अधिकृत नंबर नहीं है। इस नंबर से प्राप्त किसी भी संदेश, कॉल अथवा पैसों की मांग पर किसी प्रकार की प्रतिक्रिया नहीं दें और न ही किसी बैंक खाते, यूपीआई अथवा अन्य माध्यम से राशि का भुगतान करें।

कलेक्टर ने कहा कि साइबर अपराधी अक्सर वरिष्ठ अधिकारियों एवं अन्य प्रतिष्ठित व्यक्तियों के नाम और फोटो का उपयोग कर लोगों को भ्रमित करने का प्रयास करते हैं। वे ऐसा करके संबंधित पर दबाव बनाकर रुपयों की अनैतिक मांग भी कर सकते हैं। इसलिए किसी भी अनजान नंबर से प्राप्त संदेश की सत्यता की पुष्टि किए बिना कोई व्यक्तिगत जानकारी, बैंक संबंधी जानकारी, ओटीपी, पासवर्ड अथवा राशि साझा नहीं करें।

सबको जानता होगा यह व्यक्ति

जिस नंबर के वाट्सएप डीपी पर कलेक्टर कटेसरिया की फोटो लगाई गई वह फोटो महज एक दिन पूर्व की है। यह फोटो जनसंपर्क कार्यालय से जारी की गई थी। साथ ही जिन अफसरों को ये मैसेज भेजे गए वह उन्हें निश्चित रूप से जानता होगा या उनके नंबर उस व्यक्ति के पास होंगे। ज्यादातर मैसेज महिला एवं बाल विकास विभाग के अफसरों के मौबाइल पर भेजे गए हैं।

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