Ahmedabad news: खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सुरक्षा को लेकर महानगरपालिका (मनपा) के फूड विभाग ने मंगलवार को गुजरात बेकर्स एसोसिएशन के 100 से अधिक सदस्यों के साथ बैठक की। इसमें कारोबारियों को खाद्य सुरक्षा से जुड़े नियमों की जानकारी देने के साथ दुकानों पर रैपिड फूड टेस्टिंग किट उपलब्ध रखने पर जोर दिया गया। किट के माध्यम से दुकान स्तर पर खाद्य पदार्थों की प्राथमिक जांच और स्व-निगरानी की सुविधा उपलब्ध हो सकेगी। इससे ग्राहक भी खाद्य सामग्री की गुणवत्ता को लेकर अधिक जागरूक हो सकेंगे।
बैठक में कारोबारियों को फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड अथॉरिटी ऑफ इंडिया (एफएसएसएआइ) के तहत लागू प्रावधानों की जानकारी दी गई। विशेष रूप से प्री-पैकेज्ड खाद्य पदार्थों की पैकेजिंग और लेबलिंग को लेकर आवश्यक सावधानियों से अवगत कराया गया। कारोबारियों को उत्पाद का नाम, सामग्री की सूची, एलर्जी संबंधी जानकारी, पोषण संबंधी विवरण, शाकाहारी या मांसाहारी चिह्न, नेट मात्रा, बैच या लॉट नंबर तथा तारीख संबंधी घोषणाएं स्पष्ट रूप से दर्ज करने के निर्देश दिए गए।
इसके अलावा पैकेट पर एफएसएसएआइ का लोगो तथा लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन नंबर और निर्माता या पैकर से संबंधित जरूरी जानकारी भी नियमानुसार प्रदर्शित करने को कहा गया। मनपा अधिकारियों ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारियों, आवश्यक लाइसेंस-रजिस्ट्रेशन तथा स्वच्छता और सैनिटरी प्रैक्टिस का पालन सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया।
गलत लेबलिंग से बचने की हिदायत
बैठक में कारोबारियों को गलत अथवा भ्रामक लेबलिंग और मिसब्रांडिंग से बचने की हिदायत दी गई। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि खाद्य उत्पाद पर दी गई जानकारी उपभोक्ता के लिए स्पष्ट, सही और नियमों के अनुरूप होनी चाहिए। इससे ग्राहक को उत्पाद खरीदने से पहले उसके बारे में जरूरी जानकारी मिल सकेगी।
कई आउटलेट पर रैपिड टेस्ट किट उपलब्ध
मनपा के अनुसार कई मिष्ठान और नमकीन कारोबारियों के आउटलेट पर रैपिड फूड टेस्टिंग किट उपलब्ध कराई गई हैं। इनमें ग्वालिया स्वीट्स के 15 आउटलेट शामिल हैं। अन्य प्रमुख मिष्ठान कारोबारियों ने भी किट उपलब्ध कराने के लिए मनपा से संपर्क किया है। मनपा का कहना है कि अधिक से अधिक दुकानदारों तक यह सुविधा पहुंचाने के लिए प्रयास जारी हैं।मनपा ने स्पष्ट किया कि रैपिड टेस्ट किट प्राथमिक जांच और स्व-निगरानी का माध्यम है, यह आधिकारिक सैंपलिंग या प्रयोगशाला जांच का विकल्प नहीं है। खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे ग्राहकों को सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराएं।

