मड़ियांव में कबीर मंदिर के सामने सड़क किनारे खुले में कूड़ा डाले जाने पर इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने नगर निगम को फटकार लगाई है। कोर्ट ने कहा कि सड़क के किनारे इस तरह कूड़ा बिखरा होना किसी भी हालत में स्वीकार नहीं किया जा सकता है। इससे न केवल गंदगी और बदबू फैल रही है, बल्कि आसपास रहने वाले लोगों और राहगीरों के स्वास्थ्य पर भी असर पड़ सकता है। यह आदेश न्यायमूर्ति राजन राय और न्यायमूर्ति सैयद कमर हसन रिजवी की खंडपीठ ने कुलदीप की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। कोर्ट ने लखनऊ के नगर आयुक्त को निर्देश दिया कि कूड़ा डालने के लिए किसी दूसरे स्थान की तलाश की जाए। वहां कॉम्पैक्टर लगाने की संभावना भी देखी जाए। अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी कोर्ट ने साफ किया कि समस्या का स्थायी समाधान तलाशकर उसे लागू किया जाए। तब तक मौके पर साफ-सफाई और स्वास्थ्य संबंधी व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए अस्थायी उपाय किए जाएं। मामले की अगली सुनवाई 30 सितंबर को होगी। याचिका में आरोप लगाया गया था कि ब्रह्मनगर, मड़ियांव स्थित कबीर मंदिर के सामने खुले स्थान पर नगर निगम के कर्मचारी कूड़ा डाल रहे हैं। इससे इलाके में गंदगी और बदबू के कारण लोगों को परेशानी हो रही है। कोर्ट ने कहा- तस्वीरों में दिख रही दुर्दशा सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से मौके की तस्वीरें पेश की गईं। तस्वीरों को देखने के बाद कोर्ट ने कहा कि मौके की स्थिति याचिका में बताए गए हालात से भी ज्यादा खराब दिख रही है। सड़क से सटे खुले भूखंड में कूड़ा बिखरा हुआ था और यह राहगीरों को भी साफ नजर आ रहा था। नगर निगम के अधिवक्ता शैलेंद्र सिंह चौहान ने कहा कि कूड़ा आवासीय इलाके में नहीं, बल्कि हाईवे के किनारे डाला जा रहा है। इस पर कोर्ट ने कहा कि कूड़ा आवासीय क्षेत्र में डाला जा रहा है या हाईवे के किनारे, इससे स्थिति स्वीकार्य नहीं हो जाती। सड़क के पास इस तरह कूड़ा बिखरा होना किसी भी हालत में ठीक नहीं है।

