नयी दिल्ली, आठ सितंबर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए दो चरणों में चयन ट्रायल कराने का फैसला किया है जिसके तहत एशियाई खेलों के लिए चुने गए पहलवानों को भी विश्व चैंपियनशिप की भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिलेगा। डब्ल्यूएफआई की ओर से जारी परिपत्र के मुताबिक जापान में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवानों को सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने से नहीं रोका जाएगा। इसके बजाय उन्हें ‘फाइनल ट्रायल’ के जरिए विश्व चैंपियनशिप टीम में जगह बनाने के लिए दावेदारी पेश करने का मौका मिलेगा।डब्ल्यूएफआई का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियाई खेल सितंबर के अंत में होने हैं, जबकि सीनियर विश्व चैंपियनशिप इसके तुरंत बाद 24 अक्टूबर से एक नवंबर तक कजाखस्तान के अस्ताना में आयोजित होगी। डब्ल्यूएफआई सीनियर विश्व चैंपियनशिप के पहले चरण के ट्रायल 14 सितंबर को नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कराएगा। इस दिन छह ओलंपिक भार वर्गों में मुकाबले होंगे।वहीं पुरुष फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन शैली के ट्रायल 15 सितंबर को लखनऊ स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) केंद्र में आयोजित किए जाएंगे। एशियाई खेलों के लिए चुना गया कोई पहलवान अगर 14-15 सितंबर को होने वाले विश्व चैंपियनशिप ट्रायल में हिस्सा नहीं लेता है, तो उसके भार वर्ग में पहले स्थान पर रहने वाले पहलवान को बाद में एशियाई खेलों के लिए चयनित पहलवान के खिलाफ ‘फाइनल ट्रायल’ देना होगा। एशियाई खेलों के लिए चुने गए पहलवान को पहले चरण के ट्रायल में हिस्सा लेने से नहीं रोका गया है।वह ट्रायल में अगर उतरता है और अपने भार वर्ग में पहला स्थान हासिल करता है, तो डब्ल्यूएफआई के अनुसार उसे विश्व चैंपियनशिप के लिए चुन लिया जाएगा और उस भार वर्ग में फाइनल ट्रायल नहीं होगा। सितंबर में होने वाले ट्रायल से विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनौती पेश करने वाले पहलवान का चयन होगा। उसी भार वर्ग में एशियाई खेलों के लिए पहले से चयनित पहलवान भी मौजूद है, तो दोनों के बीच होने वाला दूसरा मुकाबला विश्व चैंपियनशिप के अंतिम प्रतिनिधि का फैसला करेगा।फाइनल ट्रायल की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है। पुरुष फ्रीस्टाइल के 86 किग्रा और ग्रीको-रोमन के 130 किग्रा वर्ग में ‘फाइनल ट्रायल’ नहीं होगा। 15 सितंबर के ट्रायल के विजेता सीधे विश्व चैंपियनशिप के लिए चुने जाएंगे।इन वर्गों में एशियाई खेलों के लिए भारत का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा क्योंकि मुकुल दहौया (86 किग्रा) और दीपांशु (130 किग्रा) डोप टेस्ट में विफल रहे हैं।
नयी दिल्ली, आठ सितंबर भारतीय कुश्ती महासंघ (डब्ल्यूएफआई) ने 2026 सीनियर विश्व चैंपियनशिप के लिए दो चरणों में चयन ट्रायल कराने का फैसला किया है जिसके तहत एशियाई खेलों के लिए चुने गए पहलवानों को भी विश्व चैंपियनशिप की भारतीय टीम में जगह बनाने का मौका मिलेगा। डब्ल्यूएफआई की ओर से जारी परिपत्र के मुताबिक जापान में होने वाले आगामी एशियाई खेलों के लिए भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले पहलवानों को सीनियर विश्व चैंपियनशिप के चयन ट्रायल में हिस्सा लेने से नहीं रोका जाएगा। इसके बजाय उन्हें ‘फाइनल ट्रायल’ के जरिए विश्व चैंपियनशिप टीम में जगह बनाने के लिए दावेदारी पेश करने का मौका मिलेगा।
डब्ल्यूएफआई का यह फैसला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि एशियाई खेल सितंबर के अंत में होने हैं, जबकि सीनियर विश्व चैंपियनशिप इसके तुरंत बाद 24 अक्टूबर से एक नवंबर तक कजाखस्तान के अस्ताना में आयोजित होगी। डब्ल्यूएफआई सीनियर विश्व चैंपियनशिप के पहले चरण के ट्रायल 14 सितंबर को नयी दिल्ली के इंदिरा गांधी स्टेडियम में कराएगा। इस दिन छह ओलंपिक भार वर्गों में मुकाबले होंगे।
वहीं पुरुष फ्रीस्टाइल और ग्रीको-रोमन शैली के ट्रायल 15 सितंबर को लखनऊ स्थित भारतीय खेल प्राधिकरण (साइ) केंद्र में आयोजित किए जाएंगे। एशियाई खेलों के लिए चुना गया कोई पहलवान अगर 14-15 सितंबर को होने वाले विश्व चैंपियनशिप ट्रायल में हिस्सा नहीं लेता है, तो उसके भार वर्ग में पहले स्थान पर रहने वाले पहलवान को बाद में एशियाई खेलों के लिए चयनित पहलवान के खिलाफ ‘फाइनल ट्रायल’ देना होगा। एशियाई खेलों के लिए चुने गए पहलवान को पहले चरण के ट्रायल में हिस्सा लेने से नहीं रोका गया है।
वह ट्रायल में अगर उतरता है और अपने भार वर्ग में पहला स्थान हासिल करता है, तो डब्ल्यूएफआई के अनुसार उसे विश्व चैंपियनशिप के लिए चुन लिया जाएगा और उस भार वर्ग में फाइनल ट्रायल नहीं होगा। सितंबर में होने वाले ट्रायल से विश्व चैंपियनशिप के लिए चुनौती पेश करने वाले पहलवान का चयन होगा। उसी भार वर्ग में एशियाई खेलों के लिए पहले से चयनित पहलवान भी मौजूद है, तो दोनों के बीच होने वाला दूसरा मुकाबला विश्व चैंपियनशिप के अंतिम प्रतिनिधि का फैसला करेगा।
फाइनल ट्रायल की तारीखों की घोषणा अभी नहीं की गई है। पुरुष फ्रीस्टाइल के 86 किग्रा और ग्रीको-रोमन के 130 किग्रा वर्ग में ‘फाइनल ट्रायल’ नहीं होगा। 15 सितंबर के ट्रायल के विजेता सीधे विश्व चैंपियनशिप के लिए चुने जाएंगे।
इन वर्गों में एशियाई खेलों के लिए भारत का कोई प्रतिनिधि नहीं होगा क्योंकि मुकुल दहौया (86 किग्रा) और दीपांशु (130 किग्रा) डोप टेस्ट में विफल रहे हैं।
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