जम्मू-कश्मीर के जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद विरोधी अभियानों के लिए सेना और CRPF की तैनाती में बदलाव की तैयारी है। उधमपुर और कठुआ के 21 ठिकानों पर सेना की जगह CRPF के करीब 2,100 जवान तैनात किए जाएंगे। इनके साथ जंगलों में अभियान चलाने वाली कोबरा की टीमें भी रहेंगी। अधिकारियों के मुताबिक, जवानों की आवाजाही के कारण इन कैंपों में सेना की मौजूदगी पहले ही कम हो गई थी। अब CRPF इन ठिकानों को संभालेगी, जिससे सेना और अर्धसैनिक बलों के बीच बेहतर तालमेल बन सकेगा। सेना की पैदल टुकड़ियों को नियमित आतंकवाद विरोधी ड्यूटी से हटाकर LoC और अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात किया जा सकेगा। इससे सेना सीमा सुरक्षा पर ध्यान दे सकेगी, जबकि जम्मू के अंदरूनी इलाकों में अभियान CRPF संभालेगी। जंगलों में आतंकियों के खिलाफ अभियान चलाएगी CRPF अधिकारियों के मुताबिक, 2020 में सेना के सीमा की ओर जाने से जम्मू क्षेत्र में बने खालीपन को CRPF की तैनाती से भरने का फैसला हुआ था। इसी योजना के तहत अब उधमपुर और कठुआ के 21 कैंपों में CRPF की तैनाती की तैयारी है। इन इलाकों के जंगलों और दुर्गम रास्तों में आतंकियों की आवाजाही और छिपने के ठिकाने सामने आए हैं। CRPF की कंपनियां और कोबरा की टीमें यहां आतंकवाद विरोधी अभियान चलाएंगी। कोबरा CRPF की विशेष जंगल युद्ध इकाई है। प्रस्ताव लागू होने पर सेना और CRPF की जिम्मेदारियां ज्यादा स्पष्ट होंगी। CRPF जम्मू के अंदरूनी इलाकों में आतंकवाद विरोधी अभियान चलाएगी, जबकि सेना सीमा सुरक्षा मजबूत करेगी। ————————————– ये खबर भी पढ़ें… 26 दिन में तीन धमकियां, फिर खौफ में कश्मीरी पंडित, लेटर में नाम, पता, गाड़ी नंबर का जिक्र कश्मीरी पंडितों को ये धमकी लगातार तीसरी बार मिली है। 7 अगस्त से लेकर 1 सितंबर तक उन्हें 3 धमकी भरे लेटर मिले हैं। इनमें सिर्फ कश्मीरी पंडितों के नाम ही नहीं, घर का पता, गाड़ी का नंबर और रंग तक सब लिखा है। निजी जानकारी लीक होने के बाद कश्मीरी पंडित और डर गए हैं। वे जांच और सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। देखें ग्राउंड रिपोर्ट
जम्मू- 21 ठिकानों पर सेना की जगह CRPF तैनात होगी:2100 जवानों के साथ कोबरा टीम भी होगी; LoC पर सेना की तैनाती बढ़ाने की तैयारी

