रोहतक, 8 सितंबर। भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता एवं प्रदेश मीडिया सह-प्रभारी शमशेर सिंह खरक ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा के खिलाफ अभय सिंह चौटाला द्वारा दी गई विवादित टिप्पणी पर कड़ा ऐतराज जताया है।
खरक ने कहा कि किसी लोकप्रिय जनप्रतिनिधि को ‘जाट समाज पर कलंक’ कहना न केवल अभय चौटाला की ओछी राजनीति को दर्शाता है, बल्कि यह लोकतांत्रिक मर्यादाओं और सामाजिक भाईचारे के भी पूरी तरह खिलाफ है।
खरक ने कहा कि राजनीतिक विरोध करना लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन अपनी राजनीतिक जमीन खिसकती देख अभय चौटाला अब भाषा की गरिमा भूल चुके हैं। महिपाल ढांडा किसी एक वर्ग विशेष की राजनीति नहीं करते, बल्कि वे सर्वसमाज और 36 बिरादरी को साथ लेकर चलने वाले निष्ठावान नेता हैं। पानीपत की जनता ने उनके विकास कार्यों और नेतृत्व क्षमता पर विश्वास जताते हुए उन्हें लगातार तीन बार विधायक चुनकर विधानसभा भेजा है। ऐसे कर्मठ जननेता पर व्यक्तिगत और जातिगत टिप्पणी करना इनेलो नेतृत्व की संकीर्ण मानसिकता को उजागर करता है।
इनेलो प्रमुख को आइना दिखाते हुए शमशेर सिंह खरक ने कहा कि दूसरों पर उंगली उठाने से पहले अभय चौटाला को अपने राजनीतिक अतीत में झांकना चाहिए। महम में हुई चुनावी हिंसा और कंडेला किसान आंदोलन के दौरान हुए घटनाक्रम हरियाणा के राजनीतिक इतिहास के ऐसे संवेदनशील और काले अध्याय हैं, जिन्हें प्रदेश की जनता आज तक नहीं भूली है। दूसरों को सामाजिक न्याय और भाईचारे का उपदेश देने से पहले इनेलो नेताओं को अपने दौर की कार्यशैली पर आत्ममंथन करना चाहिए।

