GTA में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी, दोषियों से वसूला जाएगा धन: Suvendu Adhikari

GTA में भ्रष्टाचार पर सख्त कार्रवाई होगी, दोषियों से वसूला जाएगा धन: Suvendu Adhikari

सिलीगुड़ी/कोलकाता, आठ सितंबर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने मंगलवार को गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन (जीटीए) से ‘भ्रष्टाचार’ को जड़ से उखाड़ फेंकने और भ्रष्टाचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने का संकल्प लिया। उन्होंने साथ ही नेपाल में हाल ही में आई अचानक बाढ़ के बाद हिमालय के पर्यावरण की नाजुक पारिस्थितिकी की चिंताओं के बीच राज्य के पहाड़ी इलाकों में सर्वांगीण और सतत विकास का वादा किया। शुभेंदु खराब मौसम के कारण पहाड़ी शहर कलिम्पोंग नहीं पहुंच पाए।

लेकिन सिलीगुड़ी से ही एक प्रशासनिक बैठक को ऑनलाइन माध्यम से संबोधित करते हुए कहा कि पहाड़ी इलाकों में विकास की गति बढ़ाने के लिए जीटीए का बजट दोगुना कर दिया गया है। उन्होंने साथ ही भ्रष्ट अधिकारियों को सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जीटीए की शिक्षक भर्ती प्रक्रिया, ‘अमृत’ पेयजल परियोजना और अतीत में 11 विकास बोर्ड के लिए जारी धन में कथित ‘गबन’ की गहन जांच की जाएगी।

उन्होंने सेवानिवृत्त न्यायाधीश बिस्वजीत बसु की अध्यक्षता में गठित जांच समिति का संदर्भ देते हुए कहा, ‘‘जिन लोगों ने सरकारी धन की लूट की है, उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा और पैसे की वसूली की जाएगी। किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा।’’
शुभेंदु ने कहा कि पहाड़ी इलाकों का विकास उनकी सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता है। उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गृह और पहाड़ी मामलों के राज्य मंत्री विशाल लामा को इस विभाग की पूरी जिम्मेदारी और इसके कामकाज में पूरी आजादी दी है।’’
मुख्यमंत्री ने कलिमपोंग में नया चिकित्सा महाविद्यालय स्थापित करने की घोषणा करते हुए कहा कि उनके अगले दौरे के दौरान इसकी आधारशिला रखी जाएगी।

उन्होंने बैठक में बताया कि स्वास्थ्य सचिव को प्रस्तावित महाविद्यालय के लिए आवश्यक वित्तीय मंजूरी की प्रक्रिया पूरी करने का निर्देश दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पर्वतीय प्रशासनिक निकाय के चेयरमैन और कई सदस्यों के इस्तीफे के बाद भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के अधिकारी स्मृतिरंजन मोहंती को इसका प्रशासक नियुक्त किया गया है। उन्होंने जीटीए को निर्देश दिया कि वे विकास परियोजनाओं में तेजी लाते समय स्थानीय सांसदों, विधायकों और जन-प्रतिनिधियों से विचार-विमर्श करें।

शुभेंदु ने बैठक में बताया कि सरकार ने उत्तरी ज़िलों में आपदा प्रबंधन व्यवस्था को मज़बूत करने के लिए 254 करोड़ रुपये मंज़ूर किए हैं। साथ ही, आपदा प्रबंधन और सिंचाई विभागों के प्रधान सचिव राजेश सिन्हा को पहाड़ी इलाकों में तैनात किया गया है ताकि वे तैयारियों की निगरानी और समन्वय कर सकें। उन्होंने कहा, ‘‘खराब मौसम की वजह से इस इलाके में भूस्खलन की घटनाएं हुई हैं।

हाल ही में मिरिक में भूस्खलन की एक बड़ी घटना हुई थी। हमने हाल ही में पड़ोसी देश नेपाल में एक बड़ी आपदा देखी है। हिमालयी इलाके में काम करते समय हमें अतिरिक्त सावधानी बरतनी होगी।

राज्य सरकार इस पर काम कर रही है और राजेश सिन्हा जी को हर तरह का सहयोग देगी। लोगों को इस बारे में चिंता करने की ज़रूरत नहीं है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *