Duleep Trophy में 11 विकेट झटकने के बाद बोले Mukesh Kumar, घरेलू सत्र बेहद अहम

Duleep Trophy में 11 विकेट झटकने के बाद बोले Mukesh Kumar, घरेलू सत्र बेहद अहम

(तस्वीरों के साथ)
चेन्नई, आठ सितंबर दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 11 विकेट अपने नाम कर भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों में जुटे बंगाल के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने कहा कि आगामी घरेलू सत्र उनके लिए बेहद ‘महत्वपूर्ण’ है। मुकेश ने भारत के लिए पिछली बार 2024 में खेला था। इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे नई पीढ़ी के तेज गेंदबाजों के उभरने के बीच वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में पिछड़ गए।दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद पूर्व क्षेत्र के मुकेश ने कहा, ‘‘यह सत्र मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दलीप ट्रॉफी सत्र का पहला टूर्नामेंट है और अभी हम फाइनल खेल रहे हैं। इसकी तैयारी के लिए मैं दलीप ट्रॉफी शुरू होने से करीब चार दिन पहले ही बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंच गया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात पर ध्यान दे रहा था कि मुझे किस तरह गेंदबाजी करनी है।लाल गेंद से अभ्यास किया और फिटनेस पर भी काम किया। उम्मीद है कि आगामी रणजी ट्रॉफी सत्र भी मेरे लिए अच्छा रहेगा।’’
मुकेश ने मध्य क्षेत्र के खिलाफ सेमीफाइनल में सात विकेट लेकर पूर्व क्षेत्र की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में भी उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और अच्छी लय में चल रहे देवदत्त पडिक्कल तथा नारायण जगदीशन के महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।पडिक्कल के खिलाफ रणनीति के बारे में इस 32 साल के गेंदबाज ने कहा, ‘‘देवदत्त के खिलाफ हमारी योजना विकेटों को निशाना बनाकर गेंदबाजी करने की थी। वह श्रीलंका में लगातार दो शतक लगाकर आ रहे हैं। ऐसी पिच पर बल्लेबाजों को जरा भी जगह देने पर रन आसानी से मिलते हैं।’’
दक्षिण क्षेत्र के तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों के जरिए विकेट हासिल करने की कोशिश की, लेकिन यह रणनीति कारगर नहीं रही और पूर्व क्षेत्र ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।इसके विपरीत मुकेश और मोहम्मद शमी ने चेपक की सपाट पिच पर भी सीधी और सटीक गेंदबाजी करते हुए दक्षिण क्षेत्र के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल दिया। मुकेश ने बताया कि उन्होंने पिच की प्रकृति के अनुसार अपनी गेंदबाजी की लेंथ में बदलाव किया। चेन्नई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों के कारण तेज गेंदबाजों को छोटे-छोटे स्पैल में गेंदबाजी करनी पड़ी।शमी ने तीन स्पैल में 11 ओवर, जबकि मुकेश ने चार स्पैल में 12 ओवर गेंदबाजी की। मुकेश ने कहा, ‘‘यहां बहुत गर्मी है और विकेट भी सपाट है। ऐसे में पांच या छह ओवर के लंबे स्पैल करना व्यावहारिक नहीं होता।इससे स्वाभाविक रूप से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इसलिए गेंदबाजी समूह के तौर पर हमारी योजना छोटे स्पैल करने की थी।’’
मुकेश ने पूर्व क्षेत्र के ऑलराउंडर अनुकूल रॉय की चोट पर भी जानकारी दी। पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान रॉय की उंगली में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्होंने गेंदबाजी नहीं की और पूरे दिन मैदान पर भी नहीं उतरे।मुकेश ने बताया, ‘‘कल बल्लेबाजी के दौरान गेंद उनकी गेंदबाजी वाली उंगली पर लगी थी और अंदर की तरफ चोट लगी। अगर बाहरी हिस्से पर लगती तो शायद कोई समस्या नहीं होती, लेकिन अंदर की तरफ लगने के कारण त्वचा फट गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है कि उनके कल भी मैदान पर उतरने की संभावना कम है। 

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चेन्नई, आठ सितंबर दलीप ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते हुए अब तक 11 विकेट अपने नाम कर भारतीय टीम में वापसी की कोशिशों में जुटे बंगाल के तेज गेंदबाज मुकेश कुमार ने कहा कि आगामी घरेलू सत्र उनके लिए बेहद ‘महत्वपूर्ण’ है। मुकेश ने भारत के लिए पिछली बार 2024 में खेला था। इसके बाद प्रसिद्ध कृष्णा और गुरनूर बराड़ जैसे नई पीढ़ी के तेज गेंदबाजों के उभरने के बीच वह राष्ट्रीय टीम में जगह बनाने की दौड़ में पिछड़ गए।

दक्षिण क्षेत्र के खिलाफ दलीप ट्रॉफी फाइनल के तीसरे दिन का खेल खत्म होने के बाद पूर्व क्षेत्र के मुकेश ने कहा, ‘‘यह सत्र मेरे लिए बहुत महत्वपूर्ण है। दलीप ट्रॉफी सत्र का पहला टूर्नामेंट है और अभी हम फाइनल खेल रहे हैं। इसकी तैयारी के लिए मैं दलीप ट्रॉफी शुरू होने से करीब चार दिन पहले ही बीसीसीआई सेंटर ऑफ एक्सीलेंस पहुंच गया था।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इस बात पर ध्यान दे रहा था कि मुझे किस तरह गेंदबाजी करनी है।

लाल गेंद से अभ्यास किया और फिटनेस पर भी काम किया। उम्मीद है कि आगामी रणजी ट्रॉफी सत्र भी मेरे लिए अच्छा रहेगा।’’
मुकेश ने मध्य क्षेत्र के खिलाफ सेमीफाइनल में सात विकेट लेकर पूर्व क्षेत्र की जीत में अहम भूमिका निभाई थी। फाइनल में भी उन्होंने अपनी शानदार फॉर्म जारी रखी और अच्छी लय में चल रहे देवदत्त पडिक्कल तथा नारायण जगदीशन के महत्वपूर्ण विकेट हासिल किए।

पडिक्कल के खिलाफ रणनीति के बारे में इस 32 साल के गेंदबाज ने कहा, ‘‘देवदत्त के खिलाफ हमारी योजना विकेटों को निशाना बनाकर गेंदबाजी करने की थी। वह श्रीलंका में लगातार दो शतक लगाकर आ रहे हैं। ऐसी पिच पर बल्लेबाजों को जरा भी जगह देने पर रन आसानी से मिलते हैं।’’
दक्षिण क्षेत्र के तेज गेंदबाजों ने शॉर्ट गेंदों के जरिए विकेट हासिल करने की कोशिश की, लेकिन यह रणनीति कारगर नहीं रही और पूर्व क्षेत्र ने पहली पारी में 708 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।

इसके विपरीत मुकेश और मोहम्मद शमी ने चेपक की सपाट पिच पर भी सीधी और सटीक गेंदबाजी करते हुए दक्षिण क्षेत्र के बल्लेबाजों को परेशानी में डाल दिया। मुकेश ने बताया कि उन्होंने पिच की प्रकृति के अनुसार अपनी गेंदबाजी की लेंथ में बदलाव किया। चेन्नई की गर्म और उमस भरी परिस्थितियों के कारण तेज गेंदबाजों को छोटे-छोटे स्पैल में गेंदबाजी करनी पड़ी।

शमी ने तीन स्पैल में 11 ओवर, जबकि मुकेश ने चार स्पैल में 12 ओवर गेंदबाजी की। मुकेश ने कहा, ‘‘यहां बहुत गर्मी है और विकेट भी सपाट है। ऐसे में पांच या छह ओवर के लंबे स्पैल करना व्यावहारिक नहीं होता।

इससे स्वाभाविक रूप से मांसपेशियों में ऐंठन हो सकती है। इसलिए गेंदबाजी समूह के तौर पर हमारी योजना छोटे स्पैल करने की थी।’’
मुकेश ने पूर्व क्षेत्र के ऑलराउंडर अनुकूल रॉय की चोट पर भी जानकारी दी। पहली पारी में बल्लेबाजी के दौरान रॉय की उंगली में चोट लगी थी, जिसके बाद उन्होंने गेंदबाजी नहीं की और पूरे दिन मैदान पर भी नहीं उतरे।

मुकेश ने बताया, ‘‘कल बल्लेबाजी के दौरान गेंद उनकी गेंदबाजी वाली उंगली पर लगी थी और अंदर की तरफ चोट लगी। अगर बाहरी हिस्से पर लगती तो शायद कोई समस्या नहीं होती, लेकिन अंदर की तरफ लगने के कारण त्वचा फट गई।’’
उन्होंने कहा, ‘‘व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगता है कि उनके कल भी मैदान पर उतरने की संभावना कम है।

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