फिरोजाबाद में नगर निगम प्रशासन द्वारा कई महीनों से सदन की बैठक नहीं बुलाने पर पार्षदों में गुस्सा बढ़ रहा है। मंगलवार को नगर निगम की कार्यप्रणाली और बैठक न बुलाए जाने के विरोध में अलग-अलग राजनीतिक दलों के पार्षद एक साथ आए। इन पार्षदों ने उपसभापति केशव देव कुशवाहा की अगुवाई में जीवाराम हाल में खुद सदन की बैठक बुलाई और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ अपना विरोध जताया। इस बैठक में सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस समेत कई दलों के पार्षद शामिल हुए। पार्षदों ने आरोप लगाया कि लंबे समय से सदन की बैठक नहीं होने के कारण वार्डों से जुड़ी जनता की समस्याओं और विकास कामों पर बात नहीं हो पा रही है। इसका सीधा असर शहर के विकास और नागरिक सुविधाओं पर पड़ रहा है। पार्षदों ने बताया कि उनके वार्डों में सड़क, नाली, सफाई, पीने का पानी और स्ट्रीट लाइट जैसी कई समस्याएं लंबे समय से बनी हुई हैं। सदन की बैठक न होने से इन मुद्दों को एक साथ उठाने और उनके समाधान के लिए जरूरी फैसले लेने में दिक्कत आ रही है। मंगलवार को जीवाराम हाल में हुई इस बैठक में पार्षदों ने अपने-अपने वार्डों की समस्याओं के साथ ही नगर निगम से जुड़े दूसरे जरूरी मुद्दों को भी उठाया। सभी पार्षदों ने एक साथ नगर निगम प्रशासन से जल्द ही नियमित रूप से सदन की बैठक बुलाने की मांग की। इस विरोध की खास बात यह रही कि नगर निगम सदन की बैठक को लेकर अलग-अलग राजनीतिक दलों के पार्षद एक मंच पर दिखे। सपा, भाजपा, बसपा और कांग्रेस के पार्षदों ने पार्टी की राजनीति से ऊपर उठकर नगर निगम प्रशासन के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। पार्षदों का कहना है कि सदन नगर निगम का एक जरूरी लोकतांत्रिक मंच है। यहां जनप्रतिनिधि जनता की समस्याएं और शहर के विकास से जुड़े मुद्दे उठा सकते हैं। ऐसे में लंबे समय तक सदन की बैठक न बुलाना ठीक नहीं है। पार्षदों ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही सदन की नियमित बैठक नहीं बुलाई गई, तो वे अपने आंदोलन को और बढ़ा सकते हैं।

