फिरोजाबाद में स्ट्रेचर पर मरीज ने दम तोड़ा:परिजनों का आरोप- पर्चे के चक्कर में इलाज में देरी, अस्पताल परिसर में हंगामा

फिरोजाबाद में स्ट्रेचर पर मरीज ने दम तोड़ा:परिजनों का आरोप- पर्चे के चक्कर में इलाज में देरी, अस्पताल परिसर में हंगामा

फिरोजाबाद के सरकारी मेडिकल कॉलेज के दो सौ शैया अस्पताल में इलाज में लापरवाही का आरोप लगा है। नारखी क्षेत्र से गंभीर हालत में लाए गए 55 वर्षीय महावीर सिंह ने अस्पताल परिसर में स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया। परिजनों का आरोप है कि मरीज की हालत गंभीर होने के बावजूद अस्पताल कर्मचारी पहले ओपीडी का पर्चा बनवाने की बात कहते रहे। परिजन इलाज शुरू करने की गुहार लगाते रहे, लेकिन इसी दौरान मरीज की मौत हो गई। मामला थाना नारखी क्षेत्र के आतीपुर गांव का है। यहां रहने वाले महावीर सिंह की अचानक तबीयत खराब हो गई थी। उनके बेटे दिलीप कुमार के मुताबिक, पिता को सीने में दर्द और बलगम के साथ खून आने की शिकायत थी। परिजन उन्हें सरकारी ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे। दिलीप का आरोप है कि ट्रॉमा सेंटर में प्राथमिक उपचार के बाद महावीर सिंह को घर भेज दिया गया। परिजनों ने मरीज की हालत गंभीर बताते हुए अस्पताल में रखने की बात कही, लेकिन पलंग खाली नहीं होने की बात कहकर उन्हें घर जाने के लिए कहा गया। हालत बिगड़ी तो एंबुलेंस से दो सौ शैया अस्पताल पहुंचे घर लौटने के बाद महावीर सिंह की हालत और बिगड़ गई। इसके बाद सोमवार को परिजन उन्हें एंबुलेंस से सरकारी मेडिकल कॉलेज के दो सौ शैया अस्पताल लेकर पहुंचे। परिजनों के मुताबिक, मरीज की गंभीर हालत देखकर उन्होंने तत्काल इलाज शुरू करने की गुहार लगाई। आरोप है कि अस्पताल कर्मचारियों ने पहले ओपीडी काउंटर से पर्चा बनवाने को कहा। बेटे दिलीप ने कर्मचारियों से कहा कि वह पर्चा बनवाकर ला रहे हैं, लेकिन पहले मरीज का इलाज शुरू कर दिया जाए। इलाज शुरू होने से पहले स्ट्रेचर पर मौत दिलीप का आरोप है कि इसके बावजूद महावीर सिंह का इलाज शुरू नहीं किया गया। इसी दौरान उन्होंने स्ट्रेचर पर ही दम तोड़ दिया। मरीज की मौत के बाद परिजनों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने अस्पताल परिसर में हंगामा किया। सूचना मिलने पर ट्रॉमा सेंटर चौकी प्रभारी शुभम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने परिजनों को समझाकर मामला शांत कराया। प्राचार्य बोले- जांच के बाद होगी कार्रवाई मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. योगेश गोयल ने मामले को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि मरीज के साथ ऐसा क्यों और किन परिस्थितियों में हुआ, इसकी जांच कराई जाएगी। प्राचार्य के मुताबिक, जांच में यदि किसी डॉक्टर या अस्पताल कर्मचारी की लापरवाही सामने आती है तो संबंधित के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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