DM के जनता दरबार में जमीन की सबसे ज्यादा फरियादें:‘अंचल का चक्कर लगाकर थक गए’, फरियादियों ने सुनाया दर्द; कहा- हिस्सेदारी नहीं मिल रही

DM के जनता दरबार में जमीन की सबसे ज्यादा फरियादें:‘अंचल का चक्कर लगाकर थक गए’, फरियादियों ने सुनाया दर्द; कहा- हिस्सेदारी नहीं मिल रही

दरभंगा में हर सोमवार की तरह इस सोमवार को भी जिलाधिकारी कौशल कुमार के कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों से बातचीत करने पर सामने आया कि अधिकांश शिकायतें जमीन से जुड़े विवाद, अतिक्रमण, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने और भूमिहीन परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने से संबंधित थीं। कई फरियादियों ने लंबे समय से कार्यालयों और अंचल का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही। हायाघाट अंचल क्षेत्र की शाइस्ता ने बताया कि उनके दादाजी के नाम पर जमीन है। आरोप लगाया कि उनके चाचा जमीन पर कब्जा कर उन्हें हिस्सा देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन को लेकर विवाद के दौरान उनकी अम्मी के साथ मारपीट भी की गई, जिसमें उनका सिर फोड़ दिया गया और मोबाइल तोड़ दिया गया। आवेदन दिया पर, कार्रवाई नहीं हुई शाइस्ता के अनुसार, मामले को लेकर थाना में भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। अंचल कार्यालय में भी आवेदन दिया गया था। 22 अगस्त को दोनों पक्षों को बुलाया गया था, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद लेकर वह डीएम के जनता दरबार में पहुंची हूं।
70 साल की उम्र में भूमिहीन महिला ने मांगी जमीन बेनीपुर नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर-14 की रहने वाली 70 वर्षीय हीरा देवी भी अपनी समस्या लेकर जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह भूमिहीन हैं और सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रही थीं। उनका आरोप है कि वहां से उनका घर उजाड़ दिया गया और स्थानीय स्तर पर उनका गेट भी बंद कर दिया गया है, जिससे उनके सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। हीरा देवी ने कहा कि इस उम्र में वह जाएं तो जाएं कहां। उन्होंने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की योजना के तहत रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए और यदि संभव हो तो उन्हें उसी स्थान पर रहने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि भूमिहीन होने के कारण उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है।
रामसेवक बोले- झोपड़ी में गुजर रही जिंदगी दरभंगा शहर के वार्ड नंबर-34 निवासी 72 वर्षीय रामसेवक सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 72 वर्ष हो चुकी है, लेकिन आज तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्तमान में वह झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार की योजना से उन्हें आवास मिल जाए तो वह अपने जीवन के बाकी दिन सुरक्षित तरीके से गुजार सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसी उम्मीद से वह जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं। गुजरात से गांव पहुंचे, सड़क अतिक्रमण की शिकायत हनुमाननगर प्रखंड के पंचोभ गांव निवासी लालू साह ने बताया कि वह गुजरात में रहते हैं और करीब 10 दिन पहले गांव आए हैं। गांव की सड़क को लोगों की ओर से अतिक्रमित कर लिए जाने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग सड़क पर गाड़ियां, ठेला और मवेशी खड़े कर देते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो गया है और आने-जाने में दिक्कत होती है। उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने और आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की। दो साल से आवास के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रही खैतून अभण्डागाछी की बुजुर्ग महिला खैतून ने भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि आवास योजना की राशि मिलने की उम्मीद में वह कभी नगर निगम तो कभी जिलाधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाती रही हैं। लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के कारण उनका पैर तक टूट गया, लेकिन अभी तक उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला। खैतून ने बताया कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से काट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जीवित होने के बावजूद उनका नाम मृत्यु वाली सूची में दर्ज कर दिया गया था, जिसके कारण उनका नाम आवास योजना की सूची से हट गया। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्षों से लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के बाद उनका नाम मृत्यु वाली सूची से हटाया गया है, लेकिन अब आवास योजना का लाभ कब मिलेगा, इसकी जानकारी नहीं है।
जमीन और आवास से जुड़ी शिकायतें अधिक जनता दरबार में सोमवार को जमीन विवाद और आवास से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। कई लोगों ने जमीन पर कब्जा, पारिवारिक भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित समस्याएं रखीं। वहीं, आवास योजना के पात्र लोगों ने योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। कुछ भूमिहीन लोगों ने रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी की। इसके अलावा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर सड़क मार्ग बाधित करने की शिकायत भी सामने आई। फरियादियों ने बताया कि सड़क पर वाहन, ठेला और मवेशी खड़े किए जाने के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तथा अपने अधिकार के अनुसार न्याय मिल सकेगा। दरभंगा में हर सोमवार की तरह इस सोमवार को भी जिलाधिकारी कौशल कुमार के कार्यालय में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में फरियादी अपनी-अपनी समस्याएं और शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने एक-एक कर लोगों की समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को मामलों की जांच कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे फरियादियों से बातचीत करने पर सामने आया कि अधिकांश शिकायतें जमीन से जुड़े विवाद, अतिक्रमण, प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने और भूमिहीन परिवारों को आवासीय जमीन उपलब्ध कराने से संबंधित थीं। कई फरियादियों ने लंबे समय से कार्यालयों और अंचल का चक्कर लगाने के बावजूद समस्या का समाधान नहीं होने की बात कही। हायाघाट अंचल क्षेत्र की शाइस्ता ने बताया कि उनके दादाजी के नाम पर जमीन है। आरोप लगाया कि उनके चाचा जमीन पर कब्जा कर उन्हें हिस्सा देने से इनकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जमीन को लेकर विवाद के दौरान उनकी अम्मी के साथ मारपीट भी की गई, जिसमें उनका सिर फोड़ दिया गया और मोबाइल तोड़ दिया गया। आवेदन दिया पर, कार्रवाई नहीं हुई शाइस्ता के अनुसार, मामले को लेकर थाना में भी आवेदन दिया गया, लेकिन अब तक कार्रवाई नहीं हुई। अंचल कार्यालय में भी आवेदन दिया गया था। 22 अगस्त को दोनों पक्षों को बुलाया गया था, लेकिन इसके बाद भी समस्या का समाधान नहीं हो सका। उन्होंने कहा कि न्याय की उम्मीद लेकर वह डीएम के जनता दरबार में पहुंची हूं।
70 साल की उम्र में भूमिहीन महिला ने मांगी जमीन बेनीपुर नगर क्षेत्र के वार्ड नंबर-14 की रहने वाली 70 वर्षीय हीरा देवी भी अपनी समस्या लेकर जनता दरबार पहुंचीं। उन्होंने बताया कि वह भूमिहीन हैं और सरकारी जमीन पर घर बनाकर रह रही थीं। उनका आरोप है कि वहां से उनका घर उजाड़ दिया गया और स्थानीय स्तर पर उनका गेट भी बंद कर दिया गया है, जिससे उनके सामने रहने की समस्या उत्पन्न हो गई है। हीरा देवी ने कहा कि इस उम्र में वह जाएं तो जाएं कहां। उन्होंने जिलाधिकारी से गुहार लगाते हुए कहा कि उन्हें सरकार की योजना के तहत रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराई जाए और यदि संभव हो तो उन्हें उसी स्थान पर रहने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि भूमिहीन होने के कारण उनके पास रहने का कोई दूसरा ठिकाना नहीं है।
रामसेवक बोले- झोपड़ी में गुजर रही जिंदगी दरभंगा शहर के वार्ड नंबर-34 निवासी 72 वर्षीय रामसेवक सिंह ने प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने बताया कि उनकी उम्र 72 वर्ष हो चुकी है, लेकिन आज तक उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिला है। वर्तमान में वह झोपड़ी में रहने को मजबूर हैं। उन्होंने जिलाधिकारी से आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग करते हुए कहा कि यदि सरकार की योजना से उन्हें आवास मिल जाए तो वह अपने जीवन के बाकी दिन सुरक्षित तरीके से गुजार सकेंगे। उन्होंने बताया कि इसी उम्मीद से वह जनता दरबार में अपनी फरियाद लेकर पहुंचे हैं। गुजरात से गांव पहुंचे, सड़क अतिक्रमण की शिकायत हनुमाननगर प्रखंड के पंचोभ गांव निवासी लालू साह ने बताया कि वह गुजरात में रहते हैं और करीब 10 दिन पहले गांव आए हैं। गांव की सड़क को लोगों की ओर से अतिक्रमित कर लिए जाने के कारण आवागमन में परेशानी हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि लोग सड़क पर गाड़ियां, ठेला और मवेशी खड़े कर देते हैं, जिससे रास्ता संकरा हो गया है और आने-जाने में दिक्कत होती है। उन्होंने जिलाधिकारी को आवेदन देकर सड़क को अतिक्रमणमुक्त कराने और आवागमन की समस्या का समाधान कराने की मांग की। दो साल से आवास के लिए कार्यालयों का चक्कर काट रही खैतून अभण्डागाछी की बुजुर्ग महिला खैतून ने भी प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। उन्होंने कहा कि आवास योजना की राशि मिलने की उम्मीद में वह कभी नगर निगम तो कभी जिलाधिकारी कार्यालय का चक्कर लगाती रही हैं। लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के कारण उनका पैर तक टूट गया, लेकिन अभी तक उन्हें आवास योजना का लाभ नहीं मिला। खैतून ने बताया कि उनका नाम प्रधानमंत्री आवास योजना की सूची से काट दिया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि जीवित होने के बावजूद उनका नाम मृत्यु वाली सूची में दर्ज कर दिया गया था, जिसके कारण उनका नाम आवास योजना की सूची से हट गया। उन्होंने कहा कि करीब दो वर्षों से लगातार कार्यालयों का चक्कर लगाने के बाद उनका नाम मृत्यु वाली सूची से हटाया गया है, लेकिन अब आवास योजना का लाभ कब मिलेगा, इसकी जानकारी नहीं है।
जमीन और आवास से जुड़ी शिकायतें अधिक जनता दरबार में सोमवार को जमीन विवाद और आवास से जुड़ी शिकायतें प्रमुखता से सामने आईं। कई लोगों ने जमीन पर कब्जा, पारिवारिक भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित समस्याएं रखीं। वहीं, आवास योजना के पात्र लोगों ने योजना का लाभ नहीं मिलने की शिकायत की। कुछ भूमिहीन लोगों ने रहने के लिए जमीन उपलब्ध कराने की मांग भी की। इसके अलावा सरकारी जमीन पर अतिक्रमण कर सड़क मार्ग बाधित करने की शिकायत भी सामने आई। फरियादियों ने बताया कि सड़क पर वाहन, ठेला और मवेशी खड़े किए जाने के कारण आम लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है। डीएम ने कार्रवाई के निर्देश दिए जिलाधिकारी ने फरियादियों की समस्याओं को गंभीरता से सुना और संबंधित अधिकारियों को शिकायतों की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में पहुंचे लोगों ने उम्मीद जताई कि जिलाधिकारी के हस्तक्षेप से लंबे समय से लंबित उनकी समस्याओं का समाधान होगा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ तथा अपने अधिकार के अनुसार न्याय मिल सकेगा।  

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