दुबई, छह सितंबर पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप टी20 में अपनी धारदार गेंदबाजी से भारत की एकतरफा जीत की नींव रखने वाली बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने कहा कि टीम की स्पिनर मैच से पहले साथ बैठकर रणनीति बनाती हैं और मैदान पर उसके प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर देती हैं। श्री चरणी (सात रन पर तीन विकेट), प्रेमा रावत (नौ रन पर तीन विकेट), दीप्ति शर्मा (पांच रन पर दो विकेट) और शेफाली वर्मा (10 रन पर एक विकेट) ने शनिवार को यहां पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और उसे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने अब तक के सबसे कम स्कोर 55 रन पर समेट दिया। भारत ने इसके बाद 68 गेंद शेष रहते सात विकेट से आसान जीत दर्ज की।भारत पहले ही ग्रुप ए से सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका था। टीम तीनों मैच जीतकर टीम छह अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रही। चरणी ने कहा, ‘‘ टीम की बैठक में हम सब साथ बैठते हैं।प्रेमा, मैं, दीप्ति दीदी और राधा (यादव) दीदी। हम चर्चा करते हैं कि मैच में क्या करना है। इसलिए दीप्ति और राधा दी जो कहती हैं, हम मैदान पर उसे लागू करने की कोशिश करते हैं।”
चरणी ने पाकिस्तान के शीर्ष क्रम पर कहर बरपाते हुए शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा और आयशा जफर को पवेलियन भेजा।इससे पहले शेफाली ने मुनीबा अली को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई थी। पाकिस्तान ने चार ओवर में बिना किसी नुकसान के 27 रन बनाकर तेज शुरुआत की थी लेकिन छठे ओवर में चरणी के दो विकेटों ने उसका स्कोर तीन विकेट पर 29 रन कर दिया। इसके बाद टीम इन झटकों से उबर नहीं सकी।चरणी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। इस 22 साल की गेंदबाज ने अपनी सफलता का श्रेय चीजों को सरल रखने और बुनियादी बातों पर ध्यान देने को दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ खुद पर ध्यान देने की बात है।मैं अपनी चीजों पर ध्यान देना चाहती हूं… मैं चाहती हूं कि मैं अपना काम सही तरीके से करूं।”
चरणी ने बताया कि पिच का आकलन करने के बाद उन्हें लगा कि गेंद को टर्न मिल सकता है, इसलिए उन्होंने सिर्फ स्टंप पर गेंदबाजी करने पर ध्यान दिया और बाकी काम गेंद पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ स्टंप पर गेंदबाजी करने की कोशिश की। पिच देखकर हमें पता था कि गेंद टर्न हो सकती है, इसलिए मैंने उसी पर ध्यान दिया।”
चरणी ने प्रेमा रावत की भी जमकर तारीफ की।प्रेमा की लेग स्पिन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि प्रेमा शानदार और स्वाभाविक प्रतिभा वाली खिलाड़ी हैं। उनके पास सब कुछ है।वह अच्छी क्षेत्ररक्षक है, बल्लेबाजी से भी योगदान दे सकती है और गेंदबाजी तो है ही।”
चरणी के मुताबिक गेंदबाजों की मददगार पिच पर करीब 120 रन का स्कोर अच्छा माना जा सकता था। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस विकेट पर 120 के आस-पास का स्कोर अच्छा होता।’’
उन्होंने दीप्ति शर्मा को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजे जाने को भी रणनीतिक फैसला बताया। चरणी ने कहा कि अब भारतीय टीम आगे के मुकाबलों में ‘एक समय में एक मैच’ के नजरिये के साथ आगे बढ़ेगी।
दुबई, छह सितंबर पाकिस्तान के खिलाफ महिला एशिया कप टी20 में अपनी धारदार गेंदबाजी से भारत की एकतरफा जीत की नींव रखने वाली बायें हाथ की स्पिनर श्री चरणी ने कहा कि टीम की स्पिनर मैच से पहले साथ बैठकर रणनीति बनाती हैं और मैदान पर उसके प्रभावी तरीके से लागू करने पर जोर देती हैं। श्री चरणी (सात रन पर तीन विकेट), प्रेमा रावत (नौ रन पर तीन विकेट), दीप्ति शर्मा (पांच रन पर दो विकेट) और शेफाली वर्मा (10 रन पर एक विकेट) ने शनिवार को यहां पाकिस्तान की बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और उसे टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट के अपने अब तक के सबसे कम स्कोर 55 रन पर समेट दिया। भारत ने इसके बाद 68 गेंद शेष रहते सात विकेट से आसान जीत दर्ज की।
भारत पहले ही ग्रुप ए से सेमीफाइनल में जगह पक्की कर चुका था। टीम तीनों मैच जीतकर टीम छह अंक के साथ ग्रुप में शीर्ष पर रही। चरणी ने कहा, ‘‘ टीम की बैठक में हम सब साथ बैठते हैं।
प्रेमा, मैं, दीप्ति दीदी और राधा (यादव) दीदी। हम चर्चा करते हैं कि मैच में क्या करना है। इसलिए दीप्ति और राधा दी जो कहती हैं, हम मैदान पर उसे लागू करने की कोशिश करते हैं।”
चरणी ने पाकिस्तान के शीर्ष क्रम पर कहर बरपाते हुए शवाल जुल्फिकार, गुल फिरोजा और आयशा जफर को पवेलियन भेजा।
इससे पहले शेफाली ने मुनीबा अली को आउट कर भारत को पहली सफलता दिलाई थी। पाकिस्तान ने चार ओवर में बिना किसी नुकसान के 27 रन बनाकर तेज शुरुआत की थी लेकिन छठे ओवर में चरणी के दो विकेटों ने उसका स्कोर तीन विकेट पर 29 रन कर दिया। इसके बाद टीम इन झटकों से उबर नहीं सकी।
चरणी टी20 अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में 50 विकेट पूरे करने से सिर्फ एक विकेट दूर हैं। इस 22 साल की गेंदबाज ने अपनी सफलता का श्रेय चीजों को सरल रखने और बुनियादी बातों पर ध्यान देने को दिया। उन्होंने कहा, ‘‘यह सिर्फ खुद पर ध्यान देने की बात है।
मैं अपनी चीजों पर ध्यान देना चाहती हूं… मैं चाहती हूं कि मैं अपना काम सही तरीके से करूं।”
चरणी ने बताया कि पिच का आकलन करने के बाद उन्हें लगा कि गेंद को टर्न मिल सकता है, इसलिए उन्होंने सिर्फ स्टंप पर गेंदबाजी करने पर ध्यान दिया और बाकी काम गेंद पर छोड़ दिया। उन्होंने कहा, “मैंने सिर्फ स्टंप पर गेंदबाजी करने की कोशिश की। पिच देखकर हमें पता था कि गेंद टर्न हो सकती है, इसलिए मैंने उसी पर ध्यान दिया।”
चरणी ने प्रेमा रावत की भी जमकर तारीफ की।
प्रेमा की लेग स्पिन ने पाकिस्तान की बल्लेबाजों को खासा परेशान किया। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि प्रेमा शानदार और स्वाभाविक प्रतिभा वाली खिलाड़ी हैं। उनके पास सब कुछ है।
वह अच्छी क्षेत्ररक्षक है, बल्लेबाजी से भी योगदान दे सकती है और गेंदबाजी तो है ही।”
चरणी के मुताबिक गेंदबाजों की मददगार पिच पर करीब 120 रन का स्कोर अच्छा माना जा सकता था। उन्होंने कहा, “मुझे लगता है कि इस विकेट पर 120 के आस-पास का स्कोर अच्छा होता।’’
उन्होंने दीप्ति शर्मा को बल्लेबाजी क्रम में ऊपर भेजे जाने को भी रणनीतिक फैसला बताया। चरणी ने कहा कि अब भारतीय टीम आगे के मुकाबलों में ‘एक समय में एक मैच’ के नजरिये के साथ आगे बढ़ेगी।
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