Iran War: ईरान युद्ध के बाद ट्रंप का ‘बड़ा रीसेट’! मिडिल ईस्ट में नई ताकत का खाका तैयार, इजरायल-सऊदी पर नजर

Iran War: ईरान युद्ध के बाद ट्रंप का ‘बड़ा रीसेट’! मिडिल ईस्ट में नई ताकत का खाका तैयार, इजरायल-सऊदी पर नजर

Israel Saudi Arabia Relations: ईरान के साथ युद्ध खत्म होने के बाद अमेरिका मध्य पूर्व में सिर्फ युद्धविराम या किसी अस्थायी समझौते तक सीमित रहने के मूड में नहीं है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन कथित तौर पर पूरे क्षेत्र की राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था को नए सिरे से आकार देने की तैयारी कर रहा है। इस योजना का मकसद ईरान के प्रभाव को सीमित करने के साथ इजरायल और अरब देशों के बीच रिश्तों को नई दिशा देना बताया जा रहा है।

युद्ध खत्म होते ही बदलेगा अमेरिकी फोकस

अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप कथित तौर पर मध्य पूर्व के लिए एक व्यापक रणनीति पर काम कर रहे हैं। अमेरिकी समाचार वेबसाइट Axios ने दो अमेरिकी अधिकारियों और मामले से जुड़े अन्य सूत्रों के हवाले से यह जानकारी दी है। रिपोर्ट के मुताबिक, रणनीति अभी शुरुआती दौर में है और इसे अंतिम रूप देने में कुछ और सप्ताह लग सकते हैं।

Axios के अनुसार, ट्रंप ने हाल के हफ्तों में वरिष्ठ सलाहकारों के साथ कम से कम दो बैठकें की हैं। इन बैठकों में युद्ध के बाद क्षेत्र की तस्वीर कैसी हो, इस पर विचार किया गया। प्रशासन के राजनीतिक नेतृत्व के साथ-साथ अलग-अलग सरकारी एजेंसियों के स्तर पर भी योजना तैयार करने का काम चल रहा है।

ईरान को घेरने के लिए क्षेत्रीय गठजोड़

प्रस्तावित रणनीति का पहला बड़ा हिस्सा खाड़ी के अमेरिकी सहयोगी देशों को एक व्यापक सुरक्षा ढांचे में जोड़ना हो सकता है। इसका उद्देश्य ईरान के क्षेत्रीय प्रभाव को संतुलित करना होगा। इस व्यवस्था में अमेरिका सुरक्षा गारंटर की भूमिका निभा सकता है।

यह पहल ऐसे समय में सामने आई है जब ईरान के साथ अमेरिकी संघर्ष लंबा खिंच चुका है और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज भी युद्ध की रणनीति का अहम केंद्र बना हुआ है। हाल के महीनों में इस जलमार्ग को लेकर अमेरिकी और ईरानी तनाव ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों पर भी दबाव बढ़ाया है।

गाजा से लेकर इजरायल-सऊदी रिश्तों तक बड़ा एजेंडा

प्रस्तावित योजना में 7 अक्टूबर 2023 के हमले के बाद पैदा हुए क्षेत्रीय संकट को खत्म करने की कोशिश भी शामिल हो सकती है। इसके तहत गाजा में ट्रंप की योजना के अगले चरण को आगे बढ़ाना, इजरायल और सीरिया के बीच सुरक्षा समझौते की दिशा में काम करना तथा इजरायल-लेबनान समझौते को लागू कराने जैसे कदमों पर जोर दिया जा सकता है।

इसके साथ ही Abraham Accords का विस्तार ट्रंप की प्राथमिकताओं में रह सकता है। खास नजर सऊदी अरब और इजरायल के बीच संभावित सामान्य संबंधों पर है। मई में भी ट्रंप ने अरब और मुस्लिम देशों के नेताओं से युद्ध के बाद इजरायल के साथ संबंध सामान्य करने की अपील की थी।

इजरायल चुनाव बनेगा सबसे बड़ा फैक्टर

हालांकि अमेरिकी योजना के सामने सबसे बड़ी राजनीतिक चुनौती इजरायल का आगामी चुनाव है। Axios के मुताबिक 27 अक्टूबर को होने वाला इजरायली चुनाव इस रणनीति पर महत्वपूर्ण असर डाल सकता है। नवंबर में अमेरिका में होने वाले मध्यावधि चुनाव भी ट्रंप प्रशासन के फैसलों को प्रभावित कर सकते हैं।

फिर भी अमेरिकी अधिकारियों का संकेत है कि ट्रंप चुनाव के नतीजे चाहे जो हों, अपनी युद्धोत्तर मध्य पूर्व रणनीति को आगे बढ़ाने की कोशिश करेंगे। यानी ईरान युद्ध खत्म होने के बाद असली कूटनीतिक लड़ाई शायद शुरू होगी—और उसका लक्ष्य सिर्फ शांति नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र में नई राजनीतिक और सुरक्षा व्यवस्था कायम करना हो सकता है।

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