Chhattisgarh Electricity Bill News: @ दिनेश कुमार। राजधानी में बिजली बिल अदा नहीं करने वाले सरकारी विभागों में जल्द ही अंधेरा छा सकता है। सीएसपीडीसीएल इन पर 11 सितंबर से सख्ती करने जा रहा है। ऐसे विभाग जिनका बिल बकाया है उनका कनेक्शन काटा जाएगा।इसे उधारी बिजली बिल उपलब्ध नहीं कराने के लिए सख्ती रूप में देखा जा रहा है। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियों के अनुसार रायपुर जिले में ही लगभग सरकारी कार्यालयों पर 100 करोड़ से ज्यादा का बिल बकाया है। इसमें सबसे ज्यादा रायपुर के नगर निगम कार्यालयों का करीब 80 करोड़ है। जबकि, प्रदेशभर में सीएसपीडीसीएल का करीब 3200 करोड़ सरकारी विभागों पर बकाया है। रायपुर में बकाया वसूली के लिए 11 सितंबर से कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी।
पहले कार्यालयों फिर स्कूल व हॉस्टलों पर सख्ती
11 सितंबर से रायपुर में बकाया बिल वाले सरकारी कार्यालयों में कनेक्शन काटने की कार्रवाई शुरू होगी। सीएसपीडीसीएल के अधिकारियोंं के अनुसार शुरुआत में सरकारी कार्यालयों की बिजली काटने की कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सरकारी स्कूलों, भवनों और हॉस्टलों की वसूली के लिए बिजली काटी जाएगी।
प्री-पेड सिस्टम शुरू करने की कवायद
स्मार्ट मीटर लगने के बाद सीएसपीडीसीएल पिछले मार्च माह से की सरकारी कार्यालयों में प्री-पेड सिस्टम शुरू करने की कवायद कर रहा है। लेकिन, बकाया बिल और तीन महीने का एडवांस नहीं जमा करने के लिए सरकारी विभागों में प्री-पेड सिस्टम शुरू करने में देरी हो रही है। अब सीएसपीडीसीएल बकाया वसूली के लिए बिजली काटने की कार्रवाई शुरू कर दी है।
100 फीसदी लग चुके स्मार्ट मीटर
प्रदेशभर में विकासखंड स्तर के सभी सरकारी कार्यालयों में स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिसके बाद सीएसपीडीसीएल ने विभागों को उधारी बिजली नहीं देने के लिए प्री-पेड सिस्टम शुरू करने का फैसला किया है। यानि मोबाइल की तरह विभागों को पहले तीन महीने के लिए स्मार्ट मीटर को एडवांस अनुमानित राशि अदाकर रिचार्ज करना होगा। इसके अलावा सभी विभागों को पिछला बकाया भी साल के अंदर चार किश्तों में सीएसपीडीसीएल को जमा करना होगा।
प्रदेशभर में 3200 करोड़ रुपए बकाया
प्रदेशभर में 32 सरकारी विभाग का करीब 3200 करोड़ रुपए बिजली बिल बकाया है। यह आंकड़ा मई 2026 का है। अब इसके और बढऩे की संभावना है। सबसे ज्यादा नगरीय निकायों 1596.36 करोड़ रुपए बिल बकाया है। पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग का 1121.36 करोड़ रुपए का भुगतान बकाया है।

