Weight Loss Diet Trends: सोशल मीडिया पर हेल्दी रेसिपी, डाइट, वजन घटाने और फिटनेस से जुड़े कई ट्रेंड तेजी से वायरल होते हैं। लोग इन ट्रेंड्स को देखकर अपनी डाइट और लाइफस्टाइल में बदलाव करने लगते हैं। लेकिन हर वायरल डाइट या फिटनेस ट्रेंड सेहत के लिए फायदेमंद हो, यह जरूरी नहीं है।
सोशल मीडिया पर हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़ी गलत जानकारी भी काफी देखने को मिलती है। इसलिए किसी भी ट्रेंड को अपनाने से पहले यह समझना जरूरी है कि वह आपके लिए सही है या नहीं। आइए जानते हैं ऐसे ही कुछ सोशल मीडिया ट्रेंड्स के बारे में और समझते हैं कि इनमें कितनी सच्चाई है।
नींबू पानी
सोशल मीडिया पर सुबह खाली पेट पानी में नींबू का रस मिलाकर पीने का ट्रेंड काफी लोकप्रिय है। इसे मेटाबॉलिज्म बढ़ाने और वजन तेजी से कम करने से जोड़ा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार सुबह पानी पीना शरीर को हाइड्रेट रखने में मदद करता है और नींबू विटामिन C का अच्छा स्रोत है। हालांकि, सिर्फ नींबू पानी पीने से वजन कम होता है, इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
मेटाबॉलिज्म को बेहतर रखने के लिए वेट ट्रेनिंग के जरिए मांसपेशियों को मजबूत करना, हर भोजन में पर्याप्त प्रोटीन लेना, भोजन न छोड़ना और हर रात पर्याप्त नींद लेना ज्यादा महत्वपूर्ण है। इसलिए नींबू पानी को हाइड्रेशन और विटामिन C के लिए अपनी डाइट में शामिल कर सकते हैं, लेकिन इसे वजन घटाने का सीक्रेट न मानें। वजन कम करने के लिए संतुलित डाइट और नियमित शारीरिक गतिविधि पर ध्यान दें।
कीटो डाइट
नींबू पानी के बाद कीटो डाइट भी सोशल मीडिया पर काफी चर्चा में रहती है। इस डाइट में कार्बोहाइड्रेट की मात्रा बहुत कम और फैट की मात्रा अधिक रखी जाती है। इसका उद्देश्य शरीर को कीटोसिस की स्थिति में लाना होता है। इस अवस्था में शरीर ऊर्जा के लिए कार्बोहाइड्रेट की जगह फैट का इस्तेमाल करने लगता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार, अगर वजन घटाना लक्ष्य है, तो इसके लिए Mediterranean Diet को कैलोरी की मात्रा कम करने वाली डाइट के साथ अपनाना स्वस्थ और लंबे समय तक वजन को नियंत्रित रखने का बेहतर तरीका हो सकता है।
कार्निवोर डाइट
कार्निवोर डाइट सोशल मीडिया पर लोकप्रिय हुआ एक ट्रेंड है। इसमें मुख्य रूप से मांस, पोल्ट्री और मछली जैसे पशु आधारित खाद्य पदार्थ शामिल किए जाते हैं और पौधों से मिलने वाले ज्यादातर खाद्य पदार्थों को डाइट से बाहर रखा जाता है। सोशल मीडिया पर इस डाइट को वजन घटाने, शरीर में सूजन कम करने और टेस्टोस्टेरोन बढ़ाने जैसे दावों से जोड़ा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार इन दावों के पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण नहीं हैं। इसलिए इस डाइट को लंबे समय तक फॉलो करना भी सही नहीं माना जाता। पशु आधारित खाद्य पदार्थों से सैचुरेटेड फैट का सेवन बढ़ सकता है, जो हृदय स्वास्थ्य के साथ ही किडनी पर अतिरिक्त दबाव डाल सकता है।
ड्राई स्कूपिंग
ड्राई स्कूपिंग खासतौर पर जिम और फिटनेस से जुड़े सोशल मीडिया ट्रेंड्स में देखने को मिलता है। इसमें प्री वर्कआउट पाउडर को पानी में मिलाने के बजाय सीधे खाया जाता है। इसे एक्सरसाइज के दौरान बेहतर प्रदर्शन से जोड़ा जाता है। मेयो क्लिनिक (Mayo Clinic) के अनुसार कुछ प्री वर्कआउट सप्लीमेंट प्रदर्शन में मदद कर सकते हैं, लेकिन इस बात का कोई प्रमाण नहीं है कि इन्हें बिना पानी के लेने से प्रदर्शन बेहतर होता है। इसके बजाय ड्राई स्कूपिंग से पर्याप्त हाइड्रेशन न मिलने के साथ पाउडर के गले में अटकने या दम घुटने का खतरा हो सकता है। इस ट्रेंड से गंभीर स्वास्थ्य जोखिम भी जुड़े हैं। इसलिए प्री वर्कआउट सप्लीमेंट का इस्तेमाल करना हो तो उसे पैकेज पर दिए निर्देशों के अनुसार ही लें। पाउडर को बिना पानी के सीधे खाने से बचें। किसी भी सप्लीमेंट को शुरू करने से पहले जरूरत और सही मात्रा को लेकर विशेषज्ञ से सलाह लेना बेहतर है।

