नवादा के काशीचक थाना क्षेत्र के महारथ गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से शुक्रवार की सुबह बिहार पुलिस के एक जवान की मौत हो गई। मृतक की पहचान महारथ गांव के रहने वाले बैजू चौधरी के 40 साल के बेटे मोहन कुमार के रूप में की गई है। मोहन कुमार अररिया जिले में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और हाल ही में डुमरांव से अपना पीटीसी पूरा कर रक्षाबंधन के मौके पर छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। घर में मोटर चलाने के दौरान हुआ हादसा मृतक के भाई की पत्नी सिंपी देवी ने बताया कि उनके भैंसुर घर में मोटर लगाकर जमा पानी निकाल रहे थे। इसी दौरान बिजली के बोर्ड पानी में गिर गया और पूरे उपकरण में करंट दौड़ गया। जब मोहन करंट की चपेट में आए, तो परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वे अचेत होकर वहीं गिर पड़े और पत्नी बेटे भी मामूली रूप से झुलस गए। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए पहले नवादा फिर बिहारशरीफ के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों में मचा कोहराम मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई। मोहन अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। जवान की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के शव को अपने साथ गांव ले गए। मोहन अपनी छुट्टी पूरी करने के बाद आज ही शाम में ड्यूटी पर लौटने वाले थे। नवादा के काशीचक थाना क्षेत्र के महारथ गांव में बिजली के करंट की चपेट में आने से शुक्रवार की सुबह बिहार पुलिस के एक जवान की मौत हो गई। मृतक की पहचान महारथ गांव के रहने वाले बैजू चौधरी के 40 साल के बेटे मोहन कुमार के रूप में की गई है। मोहन कुमार अररिया जिले में कांस्टेबल के पद पर तैनात थे और हाल ही में डुमरांव से अपना पीटीसी पूरा कर रक्षाबंधन के मौके पर छुट्टी लेकर घर आए हुए थे। घर में मोटर चलाने के दौरान हुआ हादसा मृतक के भाई की पत्नी सिंपी देवी ने बताया कि उनके भैंसुर घर में मोटर लगाकर जमा पानी निकाल रहे थे। इसी दौरान बिजली के बोर्ड पानी में गिर गया और पूरे उपकरण में करंट दौड़ गया। जब मोहन करंट की चपेट में आए, तो परिजनों ने उन्हें छुड़ाने की कोशिश की, लेकिन वे अचेत होकर वहीं गिर पड़े और पत्नी बेटे भी मामूली रूप से झुलस गए। अस्पताल पहुंचने से पहले तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद परिजन आनन-फानन में उन्हें इलाज के लिए पहले नवादा फिर बिहारशरीफ के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने हायर सेंटर रेफर कर दिया। इसके बाद परिजन उन्हें बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां जांच के उपरांत डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। परिजनों में मचा कोहराम मौत की पुष्टि होते ही अस्पताल परिसर में परिजनों की चीख-पुकार मच गई। मोहन अपने पीछे पत्नी और चार बच्चों से भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। जवान की असामयिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई है। परिजन बिना किसी कानूनी प्रक्रिया के शव को अपने साथ गांव ले गए। मोहन अपनी छुट्टी पूरी करने के बाद आज ही शाम में ड्यूटी पर लौटने वाले थे।

