Hanuman Ansh review by Virender Sehwag: बाबा नीम करोली के जीवन पर आधारित फिल्म हनुमान अंश हाल ही में रिलीज हुई है। बाबा के चमत्कारों को दर्शाती इस फिल्म को महज 2 करोड़ रुपये में बनाया गया था, जो बॉक्स ऑफिस पर खूब धूम मचा रही है और करीब 60 करोड़ रुपये की कमाई कर चुकी है। लोगों को यह फिल्म काफी पसंद आ रही है। भारतीय टीम के पूर्व खिलाड़ी वीरेंदर सहवाग को भी यह फिल्म बहुत पसंद आई है। 10 साल से बाबा नीम करोली के भक्त सहवाग फिल्म में बाबा के चमत्कार देख हैरान रह गए। उन्होंने फिल्म का रिव्यू करते हुए एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर करते हुए लोगों से फिल्म देखने की अपील की है।
वीरेंदर सहवाग ने इंस्टाग्राम पर डाली पोस्ट
सहवाग ने इंस्टाग्राम पर अपनी पोस्ट में कहा कि बाबा नीम करोली के प्रभाव के बारे में जितना सुना है उसे एक फिल्म में उतारना भले संभव ना हो, लेकिन उनके प्रभाव की एक झलक जरूर मिलती है। उन्होंने पोस्ट के कैप्शन में लिखा कि महाराज जी की लीला बहुत निराली है। उनको समझना शायद संभव नहीं, लेकिन उनकी कृपा को महसूस करना जरूर संभव है। हनुमान अंश एक महान संत की अद्भुत यात्रा, जरूर देखिये। जय सीताराम… जय जय जय नीम करोली बाबा।
‘महाराज जी को शरीर त्यागे 53 साल हो गए, लेकिन…’
सहवाग वीडियो की शुरुआत ‘सीता-राम’ से करते हुए कहते हैं कि 10 साल पहले मुझे एक दोस्त ने महाराज जी के साथ उनकी लीलाओं के बारे में बताया था। उसी समय से मैं उनके विषय में पढ़ता-सुनता आ रहा हूं। तभी से मेरे मन में महाराज जी के प्रति एक गजब आकर्षण है। सहवाग ने आगे कहा कि सबसे खास बात ये है कि महाराज जी को शरीर त्यागे 53 साल हो गए, लेकिन महाराज की कृपा और उनकी लीलाएं आज भी उनके भक्तों के जीवन पर प्रभाव डाल रही हैं। महाराज जी का व्यक्तित्व, उनकी करुणा, उनकी कृपा से भक्तो में जो ट्रांस्फोर्मेशन आया। वह दिखाता है कि वे क्या थे? वे भक्तों को बिना बताए और जताए उनके सच्चेपन से मिला देते थे।
सहवाग ने आगे बताया कि मैंने हाल ही में महाराज जी के जीवन पर बनी फिल्म हनुमान अंश देखी है। महाराज जी एक फिल्म दिखाना संभव नहीं, लेकिन ये फिल्म बेहद ही खूबसूरती से बनाई गई है। ये महाराज जी के लिए एक सुंदर ट्रिब्यूट है।
महाराज जी के गले में सांप देख सबसे ज्यादा प्रभावित हुए सहवाग
सहवाग ने बताया कि हनुमान अंश के एक सीन से वह सबसे ज्यादा प्रभावित हुए हैं। जहां महाराज जी के गले में सांप देखकर एक भक्त पूछता है कि आप शिव हैं, एक दम भोले। इस पर महाराज जी उत्तर देते हुए कहते हैं कि भोले तो तुम हो। आंखे वही देखती हैं, जो आपके मन में होता है। मन में वही दिखाता है, जो आपके हृदय में होता है। सहवाग कहते हैं कि ऐसे संत सदियो में आते हैं। उनको समझ पाना संभव नहीं, लेकिन उनकी झलक पाना जरूर संभव है।




