बिजनौर में उत्तर प्रदेश राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की ओर से गुरुवार दोपहर 12 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए राज्य स्तरीय मॉक ड्रिल की तैयारियों की समीक्षा की गई। प्राधिकरण के उपाध्यक्ष रिटायर्ड लेफ्टिनेंट जनरल योगेंद्र डिमरी ने इसकी अध्यक्षता की। उन्होंने बताया कि 18 सितंबर को प्रदेश के 34 जिलों की 157 तहसीलों में भूकंप, औद्योगिक (रासायनिक) हादसों और आग से बचाव को लेकर मॉक ड्रिल कराई जाएगी। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में उपाध्यक्ष योगेंद्र डिमरी ने अधिकारियों को पिछली मॉक ड्रिल में सामने आई कमियों को ध्यान में रखकर तैयारियां करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सभी विभागों को अपने-अपने दायित्व और कार्यों की पूरी जानकारी होनी चाहिए। मॉक ड्रिल के दौरान विभाग आपसी तालमेल और सहयोग से काम करें, ताकि वास्तविक आपदा की स्थिति में बेहतर तरीके से राहत एवं बचाव कार्य किया जा सके। उन्होंने जिलों में वूलनेरेबिलिटी मैपिंग कराने के निर्देश भी दिए। बिजनौर की पांचों तहसीलों में होगी मॉक ड्रिल जिलाधिकारी बिजनौर कलेक्ट्रेट स्थित महात्मा विदुर सभागार से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में शामिल हुए। अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व देवेंद्र पाल सिंह ने बताया कि 18 सितंबर को जिले की पांचों तहसीलों में मॉक ड्रिल आयोजित की जाएगी। इसकी तैयारियों को लेकर 17 सितंबर को संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक होगी। उन्होंने बताया कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में हैजर्ड, वूलनेरेबिलिटी, कैपेसिटी और रिसोर्स को लेकर चर्चा की गई। अधिकारियों को आपदा की संभावित स्थिति के अनुसार उपलब्ध संसाधनों और तैयारियों की समीक्षा करने के निर्देश दिए गए। 24 घंटे सक्रिय रहेगा कंट्रोल रूम जिला आपदा विशेषज्ञ प्रशांत ने बताया कि जिले में कंट्रोल रूम बनाया गया है। यह 24 घंटे सक्रिय रहेगा। कंट्रोल रूम का नंबर 01342-262031 है। आपदा या मॉक ड्रिल से संबंधित सूचनाएं और समन्वय इसी के जरिए किया जाएगा। पुलिस से लेकर NDRF-SDRF तक लेंगी हिस्सा मॉक ड्रिल में जिला स्तरीय इंसीडेंट रिस्पांस टीम के साथ अग्निशमन एवं इमरजेंसी सेवाएं, NDRF/SDRF, पुलिस, PAC, होमगार्ड, नागरिक सुरक्षा और PRD की टीमें शामिल होंगी। इसके अलावा युवक मंगल दल, नेहरू युवा केंद्र, NCC, NSS, भारत स्काउट एंड गाइड, प्रशिक्षित आपदा मित्र स्वयंसेवक, भूतपूर्व सैनिक कल्याण निगम, गैर सरकारी संगठन और अन्य स्थानीय संस्थाएं भी सहयोग करेंगी। सभी SDM वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से जुड़े वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में जिले के सभी उप जिलाधिकारी वेब लिंक के जरिए जुड़े। इस दौरान जिला विद्यालय निरीक्षक, जिला सैनिक कल्याण अधिकारी, IOCL के प्रतिनिधि समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मॉक ड्रिल को लेकर विभागवार तैयारियों और जिम्मेदारियों पर चर्चा की।

