जरूरत की खबर- बारिश के मौसम में घुटनों–जोड़ों में दर्द:इन 7 कारणों से बढ़ता पेन, सावधानी जरूरी, डाइट बदलें, ये 6 चीजें न खाएं

जरूरत की खबर- बारिश के मौसम में घुटनों–जोड़ों में दर्द:इन 7 कारणों से बढ़ता पेन, सावधानी जरूरी, डाइट बदलें, ये 6 चीजें न खाएं

मानसून के दौरान जोड़ों के दर्द की शिकायत बढ़ जाती है। इस मौसम में कुछ लोगों को घुटनों, पीठ और कंधों में दर्द या जकड़न की समस्या होती है। खासकर आर्थराइटिस, पुरानी चोट या हड्डियों से जुड़ी समस्याओं से पीड़ित लोगों में यह परेशानी बढ़ जाती है। ‘द जर्नल ऑफ रुमेटोलॉजी’ में पब्लिश एक स्टडी के मुताबिक, कम तापमान और ज्यादा नमी, कुछ लोगों में जॉइंट पेन बढ़ा सकते हैं। हालांकि इसका असर हर व्यक्ति पर एक जैसा नहीं होता। उम्र, स्वास्थ्य और पहले से मौजूद बीमारियां इसमें अहम भूमिका निभाती हैं। इसलिए आज ‘जरूरत की खबर’ में मानसून में जॉइंट पेन की बात करेंगे। साथ ही जानेंगे कि- एक्सपर्ट- डॉ. गौरव प्रकाश भारद्वाज, डायरेक्टर और सीनियर कंसल्टेंट- स्पोर्ट्स इंजरी, जॉइंट प्रिजर्वेशन एंड रिप्लेसमेंट सर्जन, पीएसआरआई हॉस्पिटल, नई दिल्ली सवाल- मानसून में बॉडी पेन और जॉइंट पेन क्यों बढ़ जाता है? जवाब- मानसून में बढ़ी हुई नमी, तापमान में उतार-चढ़ाव और एयर प्रेशर में बदलाव जोड़ों और मांसपेशियों को प्रभावित करते हैं। इससे कुछ लोगों में दर्द, सूजन और जकड़न की समस्या बढ़ जाती है। ग्राफिक में इसके सभी कारण देखिए- सवाल- बारिश का मौसम जॉइंट्स को कैसे प्रभावित करता है? जवाब- हां, इसे पॉइंटर्स से समझिए- सवाल- किन लोगों को इसका रिस्क ज्यादा होता है? जवाब- जिनके जॉइंट्स या मसल्स सेंसिटिव होते हैं या शरीर की रिकवरी क्षमता कम होती है, उन्हें रिस्क ज्यादा होता है। ग्राफिक में देखिए- सवाल- किन बॉडी पार्ट्स में ज्यादा दर्द बढ़ सकता है? जवाब- जहां पहले से कमजोरी, चोट या सूजन हो, उन बॉडी पार्ट्स में मानसून के दौरान दर्द ट्रिगर होता है, जैसेकि- सवाल- क्या कम धूप मिलने से दर्द बढ़ सकता है? जवाब- हां, मानसून में धूप कम निकलने से शरीर में विटामिन D का लेवल कम हो सकता है। इसकी कमी से हड्डियां और मांसपेशियां कमजोर हो सकती हैं। सवाल- मानसून में जॉइंट पेन कम करने के लिए क्या करें? जवाब- सही लाइफस्टाइल अपनाकर इसे काफी हद तक कंट्रोल किया जा सकता है। इसके लिए कुछ बातों का ध्यान रखें- सवाल- कौन-सी एक्सरसाइज दर्द से राहत दिलाने में फायदेमंद है? जवाब- जिस एक्सरसाइज से जोड़ों पर ज्यादा प्रेशर न पड़े, वो दर्द से राहत दिलाती है, जैसेकि- सवाल- क्या गर्म सिंकाई से भी दर्द में राहत मिलती है? जवाब- हां, गर्म सिंकाई जॉइंट पेन में राहत देती है। गर्माहट से जोड़ों के आसपास की मांसपेशियां रिलैक्स होती हैं, ब्लड सर्कुलेशन बेहतर होता है और स्टिफनेस कम होती है। इससे दर्द धीरे-धीरे घटता है। अगर जॉइंट में ज्यादा सूजन और रेडनेस हो तो गर्म की बजाय ठंडी सिंकाई बेहतर है। सवाल- कब डॉक्टर के पास जाना जरूरी है? जवाब- इन स्थितियों में डॉक्टर को दिखाना जरूरी है- सवाल- क्या खानपान की आदतें भी दर्द बढ़ा सकती हैं? जवाब- हां, गलत खानपान से शरीर में सूजन बढ़ सकती है। इससे जॉइंट पेन बढ़ता है। ग्राफिक में ऐसी ही कुछ खराब आदतों की लिस्ट देखिए- सवाल- जिन्हें पहले से जॉइंट पेन की समस्या है, मानसून में उनकी डाइट कैसी होनी चाहिए? जवाब- ऐसे लोगों की डाइट में एंटी-इंफ्लेमेटरी और कैल्शियम रिच फूड होने चाहिए, जो हड्डियों को मजबूत बनाएं और मसल्स को सपोर्ट दें। ग्राफिक में फूड्स की लिस्ट देखिए- बॉडी पेन से जुड़े कुछ कॉमन सवाल–जवाब सवाल- क्या ज्यादा सोने या देर तक एक ही पोजिशन में रहने से दर्द बढ़ता है? जवाब- हां, इससे जोड़ों में फ्लूइड मूवमेंट कम हो जाता है और आसपास की मांसपेशियां सख्त होने लगती हैं। इससे स्टिफनेस और दर्द बढ़ता है। सवाल- क्या पानी कम पीने से भी शरीर दर्द हो सकता है? जवाब- हां, इससे जोड़ों के बीच मौजूद लुब्रिकेटिंग फ्लूइड का प्रभाव कम हो जाता है। साथ ही घर्षण, स्टिफनेस और दर्द बढ़ सकता है। डिहाइड्रेशन मांसपेशियों में ऐंठन और थकान भी बढ़ाता है। सवाल- क्या नींद की कमी से दर्द बढ़ सकता है? जवाब- हां, पर्याप्त नींद न मिलने पर शरीर की रिपेयर और रिकवरी प्रक्रिया प्रभावित होती है। इससे मसल्स और जोड़ों में सूजन बढ़ सकती है। नींद की कमी दर्द सहने की क्षमता भी कम कर देती है। इसलिए हल्का दर्द भी ज्यादा ज्यादा महसूस होने लगता है। सवाल- क्या लंबे समय तक डेस्क जॉब से दर्द बढ़ता है? जवाब- हां, इससे जोड़ों में स्टिफनेस आती है और मांसपेशियां टाइट होने लगती हैं। गलत पोस्चर इस समस्या को बढ़ा देता है। इससे धीरे-धीरे क्रॉनिक दर्द की स्थिति बन सकती है। सवाल- किस तरह के गद्दा/तकिया बेहतर हैं? जवाब- मीडियम-फर्म ऑर्थोपेडिक गद्दा बेहतर माना जाता है। यह रीढ़ (स्पाइन/रीढ़ की हड्डी) को सही सपोर्ट देता है। साथ ही कंधे, कूल्हे व घुटनों जैसे दबाव वाले हिस्सों पर भार कम करता है। तकिए के लिए ऐसा विकल्प चुनें, जो गर्दन को सीधी और न्यूट्रल पोजिशन में रखे। सवाल- क्या हर बार पेनकिलर लेना सही है? जवाब- नहीं, इसके बजाय दर्द की वजह समझना जरूरी है। साथ ही हेल्दी लाइफस्टाइल अपनाएं और जरूरत पड़ने पर डॉक्टर से सलाह लें। सवाल- क्या गलत फुटवियर से दर्द बढ़ सकता है? जवाब- हां, बहुत फ्लैट, बहुत सख्त या बिना कुशन वाले जूते पैरों के शॉक को ठीक से एब्जॉर्ब नहीं करते। इसका असर सीधे एड़ी, घुटनों और कूल्हों तक जाता है। इसी तरह हाई हील्स शरीर का संतुलन बिगाड़ती हैं और घुटनों व पीठ पर अतिरिक्त दबाव डालती हैं। इससे दर्द बढ़ सकता है। ********************* ये खबर भी पढ़ें…. जरूरत की खबर- मानसून में बढ़ते सांप काटने के केस:सांप काटे तो तुरंत करें ये 6 काम, ये 10 गलतियां न करें, बता रहे हैं डॉक्टर पिछले दिनों महाराष्ट्र पब्लिक हेल्थ डिपार्टमेंट ने सांप के काटने (स्नेक बाइट) को ‘नोटिफाएबल डिजीज’ घोषित किया। यानी अब स्वास्थ्य विभाग को स्नेक बाइट के मामलों और इससे होने वाली मौतों की जानकारी देना अनिवार्य होगा। पूरी खबर पढ़ें…

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *