Vote Theft Controversy: राहुल गांधी ने BJP और Election Commission पर बोला हमला, लगाए गंभीर आरोप

Vote Theft Controversy: राहुल गांधी ने BJP और Election Commission पर बोला हमला, लगाए गंभीर आरोप
कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने BJP के नेतृत्व वाली सरकार पर “वोट चोरी” के आरोप दोहराते हुए कहा कि केंद्र में सत्ताधारी पार्टी और चुनाव आयोग एक ही मकसद के लिए लगातार अपने तरीके बदलते रहते हैं” और वोट चोरी के दम पर बनी सरकार के लिए जनता अहम नहीं होती। चुनाव आयोग को “वोट चोरी आयोग” बताते हुए राहुल गांधी ने अपने आरोपों के समर्थन में महाराष्ट्र की वोटर लिस्ट के आंकड़े और पश्चिम बंगाल में SIR अपीलीय ट्रिब्यूनल की कार्यवाही का हवाला दिया। लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने एक्स पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि BJP जनता की बात “नहीं सुनती” और न ही उनके आदेश का पालन करती है, क्योंकि उसकी सरकार “वोट चोरी” पर टिकी है।

इसे भी पढ़ें: Telangana में अघोषित आपातकाल! BJP बोली – कांग्रेस सरकार कर रही लोकतंत्र का गला घोंटने का काम

राहुल गांधी ने कहा बीजेपी और ‘वोट चोरी आयोग’ अपनी चालें बदलते रहते हैं और आगे भी ऐसा ही करेंगे – उनका मकसद बस एक ही है: किसी भी कीमत पर बीजेपी की जीत और भारत के लोकतंत्र का खात्मा। महाराष्ट्र 2024 – लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच अचानक 39 लाख नए वोटर जुड़ गए। मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं: यह वोट चोरी थी।” उन्होंने आगे कहा, “बंगाल 2026 – SIR में जिन नामों को हटाया गया था, उनमें से 91% को अपील के बाद वापस जोड़ना पड़ा। यानी हर 10 में से 9 नाम गलत तरीके से हटाए गए थे और चुनाव के बाद ही वापस जोड़े गए। मैंने तब भी कहा था और आज भी कह रहा हूं: यह वोट चोरी थी। और अब महाराष्ट्र में, ड्राफ्ट लिस्ट से 2.07 करोड़ वोटरों के नाम हटा दिए गए हैं – यानी हर पांचवां वोटर। 

इसे भी पढ़ें: अयोध्या मछली भोज विवाद: CM Yogi के बयान पर Ajay Rai ने किया मानहानि का केस, गरमाई UP की सियासत

लोकसभा 2024: 9.29 करोड़, विधानसभा 2024: 9.7 करोड़, SIR 2026: 7.78 करोड़। कौन सी लिस्ट सही थी? वोट चोरी से बनी सरकार के लिए जनता मायने नहीं रखती – इसीलिए यह बीजेपी न तो जनता की बात सुनती है और न ही उनके आदेश का पालन करती है।” अगले साल की शुरुआत में गोवा, पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और मणिपुर में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच राजनीतिक दलों की ओर से “वोट चोरी” के आरोप फिर से लगाए जा रहे हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *