Nepal Flood Death Toll: नेपाल में 26 अगस्त को आई विनाशकारी बाढ़ में मरने वालों का आंकड़ा 1,000 के पार पहुंच गया है। रिपोर्ट के मुताबिक, नेपाल में अब तक 987 लोगों की मौत हुई है, वहीं चीन में 16 लोगों की जान गई है। बाढ़ और भूस्खलन के चलते सड़कें और पुल तबाह हो गए हैं, जिसकी वजह से नेपाल के कई इलाके अभी भी देश के बाकी हिस्सों से कटे हुए हैं। इन इलाकों में राहत और बचाव टीमें पहुंचने की कोशिश में जुटी हुई हैं।
नेपाल में 3,916 लोग लापता
नेपाल की आपदा एजेंसी ने मंगलवार को बताया कि बाढ़ के चलते अभी भी 3,916 लोग लापता हैं। इनमें 583 विदेशी नागरिक शामिल हैं। इस भीषण आपदा में अब तक कम से कम 11,814 लोगों को बचाया गया है। सड़कें टूटने की वजह से राहत और बचाव दल हेलीकॉप्टर और अन्य विमानों के जरिए फंसे हुए लोगों तक पहुंच रहे हैं। भारतीय विदेश मंत्रालय के अनुसार, अब तक 158 भारतीय नागरिकों को नेपाल से सुरक्षित निकाला जा चुका है।
नेपाल ने जारी किया नया अलर्ट
नेपाल में जारी राहत और बचाव कार्यों के बीच नया अलर्ट जारी किया गया है। जारी अलर्ट के मुताबिक, कई जिलों में जलस्तर बढ़ने के कारण बाढ़ का खतरा बढ़ गया है। इसके चलते राहत और बचाव अभियान के दौरान मुश्किलें बढ़ सकती हैं।
वैज्ञानिक उपग्रह से मिली तस्वीरों के आधार पर इस आपदा के कारणों का अध्ययन कर रहे हैं। वैज्ञानिकों का मानना है कि ग्लेशियर के नीचे मौजूद चट्टानी आधार टूटने की वजह से यह घटना हुई। इसकी ताकत इतनी अधिक थी कि इसे 5.2 तीव्रता के भूकंप के तौर पर दर्ज किया गया।
नेपाल में शवों की पहचान शुरू
नेपाल में मौजूद भारतीय दूतावास ने बाढ़ में मारे गए भारतीय नागरिकों के शवों की पहचान की प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजन नेपाल पुलिस की ओर से जारी की गई तस्वीरों और शवों के विवरण के आधार पर अपने लोगों की पहचान कर सकते हैं।
जिन शवों की पहचान तस्वीरों से नहीं हो पा रही है या जिन्हें अस्थायी रूप से दफनाया गया है, उनकी पहचान के लिए डीएनए मिलान की जरूरत होगी। इस तरह देखा जाए तो बचाव और शव बरामद करने के अभियान के साथ ही फॉरेंसिक जांच और पहचान की प्रक्रिया भी बेहद महत्वपूर्ण हो गई है।

