सोमवार को वाराणसी में गंगा का जलस्तर तेज़ी से बढ़ता रहा, जिससे सभी 84 घाट डूब गए और कई निचले इलाकों में पानी भर गया। नदी का जलस्तर लगभग 69.40 मीटर था, जबकि चेतावनी का स्तर 70.262 मीटर और खतरे का निशान 71.26 मीटर है। बढ़ते पानी ने घाटों के किनारे कई मशहूर जगहों को डुबो दिया है; नमो घाट पर लगी मशहूर ‘नमस्ते’ प्रतिमा लगभग पानी में डूब चुकी है। कई घाट चारों तरफ से पानी से घिर गए हैं, और भारी बारिश के बीच रिवर पुलिस कमिश्नरेट के दफ़्तर में भी पानी घुस गया है।
इसे भी पढ़ें: FDA की बड़ी कार्रवाई: Lays समेत ब्रांडेड ‘एक्सपायर फूड’ जब्त, सेहत से खिलवाड़ के रैकेट का खुलासा
गंगा का जलस्तर लगभग 4 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रहा है, जिसके चलते अधिकारियों ने एहतियात के तौर पर नावों का परिचालन रोक दिया है। रविवार को भी जलस्तर में बढ़ोतरी हुई, जिससे वरुण नदी का बहाव उल्टा हो गया और नदी के किनारे बसे निचले इलाकों में पानी घुस गया। खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोग सुरक्षित और ऊंचे स्थानों की ओर जाने लगे हैं। बाढ़ के खतरे को देखते हुए ज़िला प्रशासन ने तैयारियां तेज़ कर दी हैं। वाराणसी में कुल 61 बाढ़ राहत कैंपों की पहचान की गई है, जहाँ रहने, खाने, पीने के पानी, साफ़-सफ़ाई, रोशनी और मेडिकल मदद का इंतज़ाम किया गया है।
इसे भी पढ़ें: SC Hearing on CJP: महाराष्ट्र और बिहार समेत 4 राज्यों ने मिलाया हाथ, प्रदर्शनकारियों की FIR पर बड़ी राहत
बाढ़ की आशंका वाले इलाकों में पानी के स्तर और हालात पर नज़र रखने के लिए 21 बाढ़ चौकियां भी बनाई गई हैं। राहत और बचाव कार्यों के लिए 198 नावें तैनात की गई हैं। आपातकालीन कार्यों के लिए नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF), वॉटर पुलिस और प्रोविंशियल आर्म्ड कांस्टेबुलरी (PAC) की टीमों को स्टैंडबाय पर रखा गया है। अधिकारियों ने बाढ़ की स्थिति बिगड़ने की आशंका को देखते हुए पशुओं के लिए चारे, पीने के पानी और उन्हें दूसरी जगह ले जाने जैसी व्यवस्थाएं भी की हैं।
देशभर की राजनीति, ताज़ा घटनाओं और बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल प्रभासाक्षी पर।

