नालंदा में सोमवार को शादीशुदा युवक का ट्रांसफॉर्मर के पोल से फंदे के सहारे लटका हुआ शव मिला है। परिवार का आरोप है कि अफेयर के चलते लड़की के परिजन ने उसकी हत्या की है। इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को लटका दिया गया है। मृतक की पहचान बारा बिगहा के धर्मेंद्र पासवान (32) के रूप में हुई है। पिता का साफ तौर पर कहना है कि बेटे ने खुदकुशी नहीं कि है, उसे तड़पा-तड़पाकर मारा है। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया मर्डर है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों ही एंगल से मामले की जांच कर रही है। घटना नूरसराय थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… धर्मेंद्र पासवान चेन्नई की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। साल 2014 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो छोटे-छोटे बेटे हैं। परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने संजोकर वह हाड़-तोड़ मेहनत करता था। 21 अगस्त को लंबे समय बाद गांव लौटा तो परिवार को लगा कि घर में खुशियां लौट आई हैं। लेकिन किसी को क्या पता था कि गांव में कदम रखते ही मौत उसका पीछा करने लगेगी। परिजनों के अनुसार, शादीशुदा होने के बावजूद धर्मेंद्र का पिछले 2 साल से पास के ही गांव में एक लड़की से अफेयर था। यह अवैध संबंध धीरे-धीरे पूरे परिवार के लिए नासूर बन चुका था। चेन्नई से लौटने के बाद सीधे अपने घर जाने के बजाय प्रेमिका से मिलने पहुंच गया था, जिसको लेकर दोनों पक्षों में गहरा तनाव चल रहा था। विवाद की वह आखिरी शाम: 500 रुपये, शराब और गुस्से में टूटा मोबाइल मृतक के पिता अरुण पासवान ने नम आंखों से उस काली शाम की पूरी कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि सोमवार की दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच धर्मेंद्र अपनी प्रेमिका से मिलने धर्मपुर गांव गया था। वहां से उसने प्रेमिका से 500 रुपए लिए और गांव लौट आया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ बैठकर शराब पी। शाम करीब 5 बजे दोबारा लड़की से मिलने चला गया देर शाम वहां से वापस लौटा। घरवालों ने शराब पीने और अवैध संबंध को लेकर उसे सख्त फटकार लगाई। पत्नी अपनी उजड़ती गृहस्थी को बचाने के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन नशे और जिद में धुत धर्मेंद्र ने गुस्से में आकर अपना मोबाइल जमीन पर पटक कर चकनाचूर कर दिया। पिता बोले- हत्या कर शव लटका दिया सोमवार सुबह परिजनों को मुखिया और चौकीदार से सूचना मिली कि धर्मेंद्र का शव गांव में ट्रांसफॉर्मर के पोल से लटका है। पिता अरुण पासवान का सीधा आरोप है कि प्रेमिका के पिता और परिजन ने ही धर्मेंद्र की हत्या की है। दावा किया कि आरोपी चार पहिया वाहन से शव लेकर आए थे। महतो जी के खेत के पास गाड़ी खड़ी कर शव को यहां लटका दिया। वहां उसका गमछा भी गिरा हुआ मिला है। ग्रामीणों को भी हत्या का शक- जमीन से सटा था पैर धर्मेंद्र के साथ रहने वाले ग्रामीण लाल चंद मांझी ने भी हत्या की आशंका जताई है। उसने बताया कि शाम 5 बजे तक वह हमारे साथ था। इसके बाद घर चला गया। ‘पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था’ बारा बिगहा गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है। मृतक के घर से उठ रही चीखें हर किसी का दिल दहला रही हैं। धर्मेंद्र की बेबस पत्नी बार-बार बेहोश हो रही है। जब भी उसे होश आता है, वह अपने दोनों मासूम बेटों को सीने से लगाकर रो पड़ती है, ‘अब इन बच्चों का सहारा कौन बनेगा? इन्होंने किसका क्या बिगाड़ा था? दोनों मासूम बच्चे, जो अभी जिंदगी और मौत का फर्क भी ठीक से नहीं समझते। अपनी मां को रोता देख बिलख रहे हैं। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण और भविष्य का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सुसाइड की आशंका, जांच में जुटी पुलिस नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला लग रहा है। बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजन की ओर से अभी तक आवेदन नहीं दिया गया है। नालंदा में सोमवार को शादीशुदा युवक का ट्रांसफॉर्मर के पोल से फंदे के सहारे लटका हुआ शव मिला है। परिवार का आरोप है कि अफेयर के चलते लड़की के परिजन ने उसकी हत्या की है। इसे आत्महत्या का रूप देने के लिए शव को लटका दिया गया है। मृतक की पहचान बारा बिगहा के धर्मेंद्र पासवान (32) के रूप में हुई है। पिता का साफ तौर पर कहना है कि बेटे ने खुदकुशी नहीं कि है, उसे तड़पा-तड़पाकर मारा है। यह आत्महत्या नहीं, बल्कि सोची-समझी साजिश के तहत किया गया मर्डर है। पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों ही एंगल से मामले की जांच कर रही है। घटना नूरसराय थाना क्षेत्र की है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… धर्मेंद्र पासवान चेन्नई की एक प्राइवेट कंपनी में काम करता था। साल 2014 में उसकी शादी हुई थी और उसके दो छोटे-छोटे बेटे हैं। परिवार की आर्थिक तंगी दूर करने और बच्चों के बेहतर भविष्य के सपने संजोकर वह हाड़-तोड़ मेहनत करता था। 21 अगस्त को लंबे समय बाद गांव लौटा तो परिवार को लगा कि घर में खुशियां लौट आई हैं। लेकिन किसी को क्या पता था कि गांव में कदम रखते ही मौत उसका पीछा करने लगेगी। परिजनों के अनुसार, शादीशुदा होने के बावजूद धर्मेंद्र का पिछले 2 साल से पास के ही गांव में एक लड़की से अफेयर था। यह अवैध संबंध धीरे-धीरे पूरे परिवार के लिए नासूर बन चुका था। चेन्नई से लौटने के बाद सीधे अपने घर जाने के बजाय प्रेमिका से मिलने पहुंच गया था, जिसको लेकर दोनों पक्षों में गहरा तनाव चल रहा था। विवाद की वह आखिरी शाम: 500 रुपये, शराब और गुस्से में टूटा मोबाइल मृतक के पिता अरुण पासवान ने नम आंखों से उस काली शाम की पूरी कहानी बयां की। उन्होंने बताया कि सोमवार की दोपहर करीब ढाई से तीन बजे के बीच धर्मेंद्र अपनी प्रेमिका से मिलने धर्मपुर गांव गया था। वहां से उसने प्रेमिका से 500 रुपए लिए और गांव लौट आया। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ बैठकर शराब पी। शाम करीब 5 बजे दोबारा लड़की से मिलने चला गया देर शाम वहां से वापस लौटा। घरवालों ने शराब पीने और अवैध संबंध को लेकर उसे सख्त फटकार लगाई। पत्नी अपनी उजड़ती गृहस्थी को बचाने के लिए गिड़गिड़ाती रही, लेकिन नशे और जिद में धुत धर्मेंद्र ने गुस्से में आकर अपना मोबाइल जमीन पर पटक कर चकनाचूर कर दिया। पिता बोले- हत्या कर शव लटका दिया सोमवार सुबह परिजनों को मुखिया और चौकीदार से सूचना मिली कि धर्मेंद्र का शव गांव में ट्रांसफॉर्मर के पोल से लटका है। पिता अरुण पासवान का सीधा आरोप है कि प्रेमिका के पिता और परिजन ने ही धर्मेंद्र की हत्या की है। दावा किया कि आरोपी चार पहिया वाहन से शव लेकर आए थे। महतो जी के खेत के पास गाड़ी खड़ी कर शव को यहां लटका दिया। वहां उसका गमछा भी गिरा हुआ मिला है। ग्रामीणों को भी हत्या का शक- जमीन से सटा था पैर धर्मेंद्र के साथ रहने वाले ग्रामीण लाल चंद मांझी ने भी हत्या की आशंका जताई है। उसने बताया कि शाम 5 बजे तक वह हमारे साथ था। इसके बाद घर चला गया। ‘पति ने किसी का क्या बिगाड़ा था’ बारा बिगहा गांव का माहौल पूरी तरह गमगीन है। मृतक के घर से उठ रही चीखें हर किसी का दिल दहला रही हैं। धर्मेंद्र की बेबस पत्नी बार-बार बेहोश हो रही है। जब भी उसे होश आता है, वह अपने दोनों मासूम बेटों को सीने से लगाकर रो पड़ती है, ‘अब इन बच्चों का सहारा कौन बनेगा? इन्होंने किसका क्या बिगाड़ा था? दोनों मासूम बच्चे, जो अभी जिंदगी और मौत का फर्क भी ठीक से नहीं समझते। अपनी मां को रोता देख बिलख रहे हैं। पिता का साया सिर से उठ जाने के बाद परिवार के सामने भरण-पोषण और भविष्य का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। सुसाइड की आशंका, जांच में जुटी पुलिस नूरसराय थानाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि शुरुआती जांच में यह फांसी लगाकर आत्महत्या करने का मामला लग रहा है। बिहारशरीफ मॉडल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
पुलिस मामले के सभी पहलुओं से गहनता से जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के असली कारणों का खुलासा हो सकेगा। परिजन की ओर से अभी तक आवेदन नहीं दिया गया है।

