संस्कृत के बिना भारतीय संस्कृति व ज्ञान-परंपरा की कल्पना अधूरी

संस्कृत के बिना भारतीय संस्कृति व ज्ञान-परंपरा की कल्पना अधूरी

भारतीय संस्कृति का मूल संस्कृत ही है। अपनी संस्कृति के सम्यक् ज्ञान के लिए संस्कृत का सम्यक् ज्ञान आवश्यक है। ब्रजभूषण संस्कृत महाविद्यालय, खरखुरा, गया के सात दिवसीय संस्कृत महोत्सव समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. जितेन्द्र कुमार ने उक्त बातें कही। 25 से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित सात दिवसीय संस्कृत-सप्ताह-महोत् सव का सोमवार को समारोहपूर्वक समापन हुआ। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि एवं जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन समारोह में पुरस्कार वितरण भी किया गया। प्रतियोगिताओं में ओमप्रकाश को प्रथम, आयुष को द्वितीय तथा हर्ष को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अम्बुज त्रिवेदी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रामकेश्वर तिवारी ने किया। समापन समारोह में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. बालाजी कुमार शतपथी, डॉ. अंजनी कुमार सिन्हा, डॉ. सुशील तिवारी, उपेन्द्र कुमार मिश्र सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा उपस्थित थे। भारतीय संस्कृति का मूल संस्कृत ही है। अपनी संस्कृति के सम्यक् ज्ञान के लिए संस्कृत का सम्यक् ज्ञान आवश्यक है। ब्रजभूषण संस्कृत महाविद्यालय, खरखुरा, गया के सात दिवसीय संस्कृत महोत्सव समापन समारोह की अध्यक्षता करते हुए महाविद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. जितेन्द्र कुमार ने उक्त बातें कही। 25 से 31 अगस्त 2026 तक आयोजित सात दिवसीय संस्कृत-सप्ताह-महोत् सव का सोमवार को समारोहपूर्वक समापन हुआ। सप्ताह के दौरान विद्यार्थियों में संस्कृत के प्रति रुचि एवं जागरूकता उत्पन्न करने के उद्देश्य से विभिन्न शैक्षणिक एवं साहित्यिक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया। समापन समारोह में पुरस्कार वितरण भी किया गया। प्रतियोगिताओं में ओमप्रकाश को प्रथम, आयुष को द्वितीय तथा हर्ष को तृतीय पुरस्कार प्रदान किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन डॉ. अम्बुज त्रिवेदी ने किया तथा धन्यवाद ज्ञापन डॉ. रामकेश्वर तिवारी ने किया। समापन समारोह में डॉ. सुनील कुमार, डॉ. आरती कुमारी, डॉ. बालाजी कुमार शतपथी, डॉ. अंजनी कुमार सिन्हा, डॉ. सुशील तिवारी, उपेन्द्र कुमार मिश्र सहित महाविद्यालय के शिक्षक, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में छात्र-छात्रा उपस्थित थे।  

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