सहरसा शहर के उद्योग विभाग कार्यालय परिसर में 29 अगस्त को बिजली का हाईटेंशन तार गिरने से एक दुधारू भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। यह भैंस पंचवटी चौक (वार्ड नंबर 17) निवासी डेजी कुमारी की थी। पीड़िता की सूचना पर सहरसा सदर थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए पशुपालन विभाग से मवेशी का पोस्टमार्टम कराया है। इसको लेकर सोमवार को पशुपालन विभाग के डॉ. सत्य नारायण यादव ने बताया कि सदर थाने के निर्देश पर मृत भैंस का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भैंस के दाहिने गर्दन के नीचे गंभीर रूप से जलने के निशान मिले हैं और दिल का खून सूख चुका था। । पशु क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा नियमानुसार इससे पुष्टि होती है कि मवेशी की मौत हाईटेंशन विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से हुई है। विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही पुलिस और संबंधित विभाग को सौंपी जाएगी। मवेशी चिकित्सक डॉ. सत्य नारायण यादव ने पशुपालकों को आकस्मिक पशु मृत्यु पर मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कारणवश पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में मौत होती है, तो पशुपालक सबसे पहले नजदीकी थाने में लिखित आवेदन (सनहा) दें। इसके बाद पुलिस के माध्यम से पशुपालन विभाग से पोस्टमार्टम कराएं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही सरकारी नियमानुसार पशुपालकों को पशु क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा मिल पाता है। जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मुआवजे की मांग सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने जानकारी दी कि बिजली के करंट से भैंस की मौत का मामला सामने आया था। पीड़िता के आवेदन पर सनहा दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए पशुपालन विभाग को पत्र भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पीड़िता डेजी कुमारी ने बताया कि वह पशुपालन के जरिए ही अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। 29 अगस्त को हुई इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। डेजी कुमारी ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है सहरसा शहर के उद्योग विभाग कार्यालय परिसर में 29 अगस्त को बिजली का हाईटेंशन तार गिरने से एक दुधारू भैंस की मौके पर ही मौत हो गई। यह भैंस पंचवटी चौक (वार्ड नंबर 17) निवासी डेजी कुमारी की थी। पीड़िता की सूचना पर सहरसा सदर थाना पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए पशुपालन विभाग से मवेशी का पोस्टमार्टम कराया है। इसको लेकर सोमवार को पशुपालन विभाग के डॉ. सत्य नारायण यादव ने बताया कि सदर थाने के निर्देश पर मृत भैंस का पोस्टमार्टम किया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भैंस के दाहिने गर्दन के नीचे गंभीर रूप से जलने के निशान मिले हैं और दिल का खून सूख चुका था। । पशु क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा नियमानुसार इससे पुष्टि होती है कि मवेशी की मौत हाईटेंशन विद्युत प्रवाहित तार की चपेट में आने से हुई है। विस्तृत रिपोर्ट जल्द ही पुलिस और संबंधित विभाग को सौंपी जाएगी। मवेशी चिकित्सक डॉ. सत्य नारायण यादव ने पशुपालकों को आकस्मिक पशु मृत्यु पर मुआवजा प्राप्त करने की प्रक्रिया भी बताई। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी कारणवश पशु की आकस्मिक या दुर्घटना में मौत होती है, तो पशुपालक सबसे पहले नजदीकी थाने में लिखित आवेदन (सनहा) दें। इसके बाद पुलिस के माध्यम से पशुपालन विभाग से पोस्टमार्टम कराएं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर ही सरकारी नियमानुसार पशुपालकों को पशु क्षतिपूर्ति का उचित मुआवजा मिल पाता है। जिला प्रशासन और बिजली विभाग से मुआवजे की मांग सहरसा सदर थानाध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने जानकारी दी कि बिजली के करंट से भैंस की मौत का मामला सामने आया था। पीड़िता के आवेदन पर सनहा दर्ज कर पोस्टमार्टम के लिए पशुपालन विभाग को पत्र भेजा गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी। पीड़िता डेजी कुमारी ने बताया कि वह पशुपालन के जरिए ही अपने परिवार का भरण-पोषण करती हैं। 29 अगस्त को हुई इस घटना से उन्हें भारी आर्थिक क्षति हुई है। डेजी कुमारी ने जिला प्रशासन और विद्युत विभाग से उचित मुआवजे की मांग की है

