उत्तर प्रदेश के DGP राजीव कृष्ण ने बताया कि हरियाणवी सिंगर और एक्टर अंकित बालियान की हत्या के पीछे गोगी गैंग से जुड़ा एक नेटवर्क था। 31 अगस्त को पुलिस ऑपरेशन के दौरान दो मुख्य संदिग्ध मारे गए। कृष्ण ने बताया कि शूटर्स की पहचान करने और बड़ी आपराधिक साजिश का पर्दाफाश करने के लिए कई स्पेशल टीमें जांच में लगाई गई थीं। उन्होंने कहा कि जांच से पता चला है कि इस हत्या के पीछे गोगी गैंग से जुड़ा एक नेटवर्क शामिल था। 26-27 अगस्त को राहुल उर्फ भोलू शाहपुरी से जुड़े एक इंस्टाग्राम अकाउंट के ज़रिए सोशल मीडिया पर हत्या की ज़िम्मेदारी ली गई थी, और चल रही जांच के तहत इस दावे की भी पड़ताल की जा रही है।
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शामली कोतवाली इलाके के लाला पटरी में जिम से निकलते समय चार हथियारबंद लोगों ने एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी। कृष्णा ने बताया कि हरियाणवी सिंगर अंकित बालियान शामली कोतवाली इलाके के लाला पटरी में एक जिम से बाहर आ रहे थे, तभी चार हथियारबंद अपराधियों ने उन पर गोली चलाई और उनकी हत्या कर दी। मृतक के पिता की शिकायत के आधार पर चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए, मेरठ ज़ोन के एडिशनल डायरेक्टर जनरल (ADG) ऑफ़ पुलिस, ADG (लॉ एंड ऑर्डर) और ADG (स्पेशल टास्क फ़ोर्स) की अगुवाई में कई टीमें बनाई गईं। जांच टीम में 11 सीनियर पुलिस अधिकारी शामिल थे, जिनमें सात एडिशनल सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस, चार डिप्टी सुपरिटेंडेंट ऑफ़ पुलिस और कई इंस्पेक्टर शामिल थे। कृष्णा ने कहा कि पुलिस की प्राथमिकता बिल्कुल साफ़ थी: हत्या में सीधे तौर पर शामिल शार्पशूटर्स की पहचान करना और उन्हें गिरफ़्तार करना, और उनके पीछे काम कर रही पूरी आपराधिक साज़िश और गैंग नेटवर्क का पर्दाफ़ाश करना।
जांच में ह्यूमन और टेक्निकल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल किया गया, जैसे CCTV फ़ुटेज, डिजिटल ट्रेल का एनालिसिस और आरोपियों की गतिविधियों और पेमेंट की ट्रैकिंग। कृष्णा ने आगे कहा कि जांच से पता चला कि हत्या से पहले आरोपियों ने अंकित बालियान की गतिविधियों की रेकी की थी और जिम के आस-पास उनके रूटीन पर बारीकी से नज़र रखी थी। जांच में हथियार सप्लाई और अपराध को योजनाबद्ध तरीके से अंजाम देने की पुष्टि हुई। आरोपी बार-बार अपने ठिकाने बदलकर गिरफ़्तारी से बचते रहे। हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, गुजरात और पूर्वी उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में छापेमारी की गई और लगातार निगरानी रखी गई।
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29 अगस्त को खुफिया जानकारी के ज़रिए संदिग्धों की पहचान की गई और 31 अगस्त को पुलिस मुठभेड़ में दो संदिग्ध मारे गए। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, एक संदिग्ध मोहित के खिलाफ़ हरियाणा में 14 आपराधिक मामले दर्ज हैं, जबकि दूसरे संदिग्ध सुमित के खिलाफ़ कम से कम एक मामला दर्ज है। उनके आपराधिक इतिहास की और जांच की जा रही है। हत्या के बाद, शामली पुलिस ने पूरे ज़िले में गाड़ियों की चेकिंग और सुरक्षा का अभियान चलाया, जिसके दौरान रूटीन चेकिंग के दौरान संदिग्ध पकड़े गए।
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