इटावा शहर के पक्का तालाब परिसर में रविवार रात ब्रह्म मध्य गौड़ीय संप्रदाय एवं श्री श्री गौर निताई परिवार के तत्वावधान में गौरांग महाप्रभु पाट उत्सव का भव्य आयोजन किया गया। सनातन धर्म प्रचारक पं. मनु पुत्र दास के सानिध्य में आयोजित कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। हरिनाम संकीर्तन, बधाई गायन और फूलों की होली के बीच पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। फूलों से हुआ भगवान का आकर्षक श्रृंगार कार्यक्रम की शुरुआत शाम 7 बजे भव्य आरती के साथ हुई। इसके बाद भगवान श्री जगन्नाथ, माता सुभद्रा और बलभद्र जी का ताजे सुगंधित देशी-विदेशी फूलों से आकर्षक श्रृंगार किया गया। प्रभु के दिव्य स्वरूप के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी। रात करीब 8 बजे दिव्य हरिनाम संकीर्तन शुरू हुआ। ढोल-मंजीरों की धुन और ‘जय गौर-निताई’ के जयकारों से पक्का तालाब परिसर गूंज उठा। श्रद्धालु भक्ति में लीन होकर संकीर्तन में झूमते नजर आए। फूलों की होली में झूमे भक्त संकीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं ने फूलों की होली खेली और ढोल-मंजीरों की ताल पर जमकर नृत्य किया। भक्तों ने उत्साह के साथ बधाई गायन किया। आयोजन में बच्चों और श्रद्धालुओं को मिठाइयां व खिलौने भी वितरित किए गए। प्रसाद और उपहार पाकर बच्चों में खासा उत्साह दिखाई दिया। संतों के चित्र पर किया माल्यार्पण समारोह के दौरान त्रिदंडी स्वामी ॐ विष्णु पाद श्री श्रीमद भक्ति गौरव केशव गोस्वामी जी महाराज और तुलसी पीठाधीश्वर जगद्गुरु श्री रामभद्राचार्य जी महाराज के चित्रों पर माल्यार्पण किया गया। श्रद्धालुओं ने संतों का स्मरण कर उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त की। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सनातन धर्म से जोड़ने और उन्हें नशे जैसे व्यसनों से दूर रहने के लिए प्रेरित करना भी है। महाप्रसाद के साथ हुआ समापन कार्यक्रम का समापन रात करीब 9 बजे महाप्रसाद वितरण के साथ हुआ। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने महाप्रसाद ग्रहण किया। पूरे आयोजन के दौरान पक्का तालाब परिसर भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से सराबोर रहा। अंत में आयोजकों ने कार्यक्रम में शामिल श्रद्धालुओं और सहयोगियों का आभार जताया।

