‘मोबाइल स्क्रीन से किताबों के पन्नों की ओर बढ़ना होगा’:प्रयागराज में पठन संस्कृति महोत्सव ने दिया संदेश, पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ

‘मोबाइल स्क्रीन से किताबों के पन्नों की ओर बढ़ना होगा’:प्रयागराज में पठन संस्कृति महोत्सव ने दिया संदेश, पुस्तकालय का उद्घाटन हुआ

प्रयागराज के शिक्षा निदेशालय में रविवार को राज्य स्तरीय पठन संस्कृति महोत्सव आयोजित हुआ। ‘स्क्रीन से पन्नों की ओर’ थीम पर हुए कार्यक्रम में विद्यार्थियों को मोबाइल और डिजिटल स्क्रीन के अत्यधिक इस्तेमाल से होने वाले नुकसान बताए गए। साथ ही किताबों और समाचार-पत्रों को नियमित पढ़ने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी शर्मा रहे। उन्होंने शिक्षा निदेशालय परिसर में आम लोगों के लिए सार्वजनिक पुस्तकालय का उद्घाटन किया। इसके बाद पुस्तक प्रदर्शनी का अवलोकन किया। लघु नाटिका से मोबाइल के नुकसान बताए महोत्सव में विद्यार्थियों ने मोबाइल फोन के अत्यधिक इस्तेमाल पर आधारित लघु नाटिका प्रस्तुत की। इसमें स्क्रीन से दूरी बनाकर किताबों से जुड़ने का संदेश दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत सरस्वती वंदना और स्वागत गीत से हुई। पहले सत्र में मौखिक सामान्य ज्ञान क्विज प्रतियोगिता हुई। कलाकार महेश चंद्र देवा ने विद्यार्थियों से सामान्य ज्ञान और समसामयिक विषयों पर सवाल पूछे। विद्यार्थियों ने उत्साह के साथ जवाब दिए। मिथिलेश लखनवी ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। विजेताओं को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। समाचार-पत्र पढ़ने के फायदे बताए दूसरे सत्र में समाचार-पत्रों की उपयोगिता पर चर्चा हुई। विद्यार्थियों को बताया गया कि समाचार-पत्र अलग-अलग विषयों की जानकारी देने के साथ उनका सामान्य ज्ञान बढ़ाने में मदद करते हैं। उन्हें नियमित रूप से समाचार-पत्र पढ़ने के लिए प्रोत्साहित किया गया। लेखक से संवाद में साहित्य पर चर्चा तीसरे सत्र में ‘लेखक से संवाद’ कार्यक्रम हुआ। इसमें अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी शर्मा और लेखिका प्रो. नीलम शरण गौर ने पठन संस्कृति, साहित्य और पुस्तकों की उपयोगिता पर बातचीत की। संवाद का संचालन चंद्र प्रकाश ने किया। विद्यार्थियों के ज्ञान और व्यक्तित्व विकास में नियमित पठन की भूमिका पर भी चर्चा हुई। शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों का सम्मान महोत्सव में उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों और पुस्तकालय अध्यक्षों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। राजा राम मोहन राय लाइब्रेरी फाउंडेशन, कोलकाता के पूर्व महानिदेशक के.के. बनर्जी को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में यह संदेश दिया गया कि उद्देश्य तकनीक से पूरी तरह दूरी बनाना नहीं, बल्कि मोबाइल और डिजिटल माध्यमों के साथ किताबों व समाचार-पत्रों को भी जीवन का हिस्सा बनाना है। नियमित पठन से विद्यार्थियों के ज्ञान, चिंतन, कल्पनाशक्ति और व्यक्तित्व विकास को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम का संचालन डॉ. प्रभाकर त्रिपाठी ने किया। इस दौरान सचिव बेसिक शिक्षा परिषद सुरेंद्र कुमार तिवारी, अपर शिक्षा निदेशक माध्यमिक कामता राम पाल, यूपी बोर्ड के सचिव भगवती सिंह, अपर शिक्षा निदेशक बेसिक मनोज कुमार द्विवेदी, संयुक्त शिक्षा निदेशक आरएन विश्वकर्मा, जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. संतोष कुमार राय, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, सह जिला विद्यालय निरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह और अजय गिरी समेत प्रधानाचार्य, शिक्षक और विद्यार्थी मौजूद रहे।

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