बाराबंकी। घाघरा-सरयू नदी का जलस्तर रविवार दोपहर 3 बजे स्थिर रहा, लेकिन रामनगर, सिरौली गौसपुर और रामसनेहीघाट तहसील क्षेत्रों में कटान जारी है। खेतासराय गांव के पास तेज कटान के चलते कई बीघे जमीन नदी में समा चुकी है। कटान बढ़ने से ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ठोकर नहीं बनी तो गांव की ओर बढ़ सकती है नदी ग्रामीणों का कहना है कि कटान को रोकने के लिए समय रहते ठोकर का निर्माण नहीं कराया गया तो नदी गांव की ओर बढ़ सकती है। इससे आसपास के क्षेत्रों में जलभराव का खतरा पैदा हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से कटान रोकने के लिए तत्काल प्रभावी कदम उठाने की मांग की है। SDM ने नायब तहसीलदार को भेजा रविवार को तहसील प्रशासन ने बाढ़ खंड के अधिकारियों को कटान की जानकारी दी। दोपहर तक अधिकारियों के मौके पर नहीं पहुंचने पर SDM बृजेन्द्र उपाध्याय ने नायब तहसीलदार उमेश द्विवेदी को घटनास्थल पर भेजा। राजस्व टीम ने किया कटान स्थल का निरीक्षण नायब तहसीलदार राजस्व टीम के साथ खेतासराय पहुंचे और कटान स्थल का निरीक्षण किया। उन्होंने ग्रामीणों से नदी की स्थिति और कटान को लेकर जानकारी ली। लेखपाल को कटान से प्रभावित फसलों का आकलन कर क्षति की सूची तैयार करने के निर्देश दिए गए। गांव से 200 मीटर दूर है नदी का पानी प्रशासन के अनुसार, नदी का पानी फिलहाल गांव से करीब 200 मीटर दूर है। बाढ़ खंड के अधिकारियों को मौके पर पहुंचकर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन नदी के जलस्तर और कटान की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

