बॉम्बे हाईकोर्ट ने शनिवार को महाराष्ट्र के फूड डिपार्टमेंट के काम करने के तरीके पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा, अधिकारी न तो हमारा आदेश समझते हैं, न ही एक्ट। वे अपने नियम तक नहीं पढ़ते। न ही कानून जानते बस कार्रवाई कर देते हैं। दरअसल मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन ने महाराष्ट्र फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) के खिलाफ हाईकोर्ट में याचिका लगाई थी। FDA ने 21 अगस्त को शुरुआती जांच के बाद क्लब के पांच आउटलेट के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए थे। हाईकोर्ट की डिवीजन बेंच ने नई रिपोर्ट के आधार पर पांचों रेस्टोरेंट को दोबारा खोलने की अनुमति दी। रिपोर्ट में सामने आया कि ये रेस्टोरेंट अब फूड सेफ्टी नियमों के 88% मानकों का पालन कर रहे हैं। कोर्ट की 2 टिप्पणी, एक सुझाव रेस्टोरेंट के लिए वेबसाइट का सुझाव सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट ने FDA को एक नीति पर विचार करने का सुझाव भी दिया। कोर्ट ने कहा कि बड़े रेस्टोरेंट की अपनी वेबसाइट होनी चाहिए, जहां लोग हाइजीन, खाने और स्वाद को लेकर अपनी राय साझा कर सकें। FDA ने कहा था- रेस्टोरेंट का लाइसेंस किसी और के नाम था, चला कोई और रहा था FDA ने अपनी दलील में कहा था कि कि रेस्टोरेंट का संचालन M/s Shirke Infrastructure कर रहा था, जबकि लाइसेंस MCA के नाम पर थे। FDA ने शनिवार को कोर्ट को बताया कि वह MCA को नया नोटिस जारी करेगा और Shirke Infrastructure के साथ उसके कॉन्ट्रैक्ट को लेकर MCA का पक्ष सुनेगा। इसके बाद कारणों के साथ नया आदेश जारी किया जाएगा। कोर्ट ने कहा कि जब रेस्टोरेंट अब नियमों के अनुरूप हैं, तो लाइसेंस निलंबित रखने का आदेश जारी नहीं रह सकता। इसलिए निलंबन आदेश को वापस ले लिया गया और रेस्टोरेंट को दोबारा खोलने की अनुमति दी गई। महाराष्ट्र में FDA क्यों चर्चा में, नए कमिश्नर के आने के बाद से एक्शन जारी महाराष्ट्र का फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन यानी FDA पिछले कुछ महीनों से चर्चा में है। इसकी वजह नए FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे हैं। जिन्होंने पद संभालने के 3 महीने के भीतर 1100 से ज्यादा छापे मारे और 165 लाइसेंस सस्पेंड किए। पूरे प्रदेश में नकली पनीर पर बैन लगाया। हाईकोर्ट की अपनी कैंटीन तक नहीं बख्शी। अब सीधे बॉलीवुड के तीन बड़े सितारों शाहरुख खान, अजय देवगन और टाइगर श्रॉफ को विमल के ऐड के लिए नोटिस जारी किया है। सोशल मीडिया पर इन्हें ‘रियल लाइफ सिंघम’ का टैग दिया जा रहा है। ————————— ये खबर भी पढ़ें… खराब खाना खिलाने वालों के दुश्मन IAS तुकाराम मुंढे की कहानी तुकाराम मुंढे की पहली पोस्टिंग बतौर असिस्टेंट कलेक्टर सोलापुर में हुई। यहां रेत माफियों पर कार्रवाई की, तो उन पर जानलेवा हमला हो गया। 2007 में नांदेड़ में अवैध रेत खनन के खिलाफ कार्रवाई की, तो महज 5 महीने में ट्रांसफर हो गया। पूरी खबर पढ़ें…
बॉम्बे HC बोला-FDA अधिकारी खुद को भगवान समझते हैं क्या:न नियम पढ़ते- न कानून जानते, कार्रवाई कर देते; 5 रेस्टोरेंट को फूड लाइसेंस वापस मिले

