Herpes Labialis Symptoms: होंठों के आसपास बार बार छोटे छोटे पानी से भरे छाले निकलना, जलन या दर्द होना ओरल हर्पीस का संकेत हो सकता है। इसे हर्पीस लैबियालिस या कोल्ड सोर भी कहा जाता है। यह हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस यानी HSV की वजह से होने वाला इंफेक्शन है। ज्यादातर मामलों में ओरल हर्पीस का कारण HSV 1 होता है। इंफेक्शन होने के बाद वायरस शरीर में बना रह सकता है और कुछ समय बाद दोबारा एक्टिव होकर छाले पैदा कर सकता है। आइए जानते हैं इससे बचने के लिए क्या करना चाहिए।
ओरल हर्पीस के लक्षण क्या हैं
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार ओरल हर्पीस का सबसे आम लक्षण होंठों या मुंह के आसपास छोटे छोटे छाले निकलना है। छाले दिखाई देने से पहले प्रभावित जगह पर झनझनाहट, खुजली, जलन या दर्द महसूस हो सकता है। इसके बाद छोटे छाले बनते हैं जिनमें तरल पदार्थ भरा हो सकता है। कुछ समय बाद ये छाले फूट सकते हैं और उन पर पपड़ी बन सकती है। आमतौर पर कोल्ड सोर कुछ दिनों में ठीक होने लगता है और करीब दो हफ्ते में पूरी तरह ठीक हो सकता है। वहीं नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इंफॉर्मेशन (NCBI) के अनुसार, पहली बार होने वाला इंफेक्शन दोबारा होने वाले इंफेक्शन की तुलना में ज्यादा गंभीर हो सकता है।
पहली बार HSV इंफेक्शन होने पर कुछ लोगों में बुखार, गले में दर्द, गर्दन की लिम्फ नोड्स में सूजन और मुंह के अंदर दर्द वाले घाव भी हो सकते हैं। वहीं कई लोगों में इंफेक्शन होने के बावजूद कोई साफ लक्षण दिखाई नहीं देते।
ओरल हर्पीस क्यों होता है
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार ओरल हर्पीस हर्पीस सिंप्लेक्स वायरस यानी HSV की वजह से होता है। HSV 1 आमतौर पर मुंह और होंठ के आसपास इंफेक्शन का कारण बनता है, हालांकि HSV 2 भी मुंह के आसपास इंफेक्शन कर सकता है। यह वायरस संक्रमित व्यक्ति की लार, त्वचा या संक्रमित हिस्से के सीधे संपर्क में आने से फैल सकता है। संक्रमित व्यक्ति के साथ कप, चम्मच या लिप बाम जैसी चीजें शेयर करने से भी वायरस फैल सकता है।
ओरल हर्पीस से बचने के लिए क्या करें
क्लीवलैंड क्लिनिक (Cleveland Clinic) के अनुसार अगर किसी व्यक्ति के होंठों के आसपास एक्टिव कोल्ड सोर है तो उसके साथ ऐसी चीजें भी शेयर नहीं करनी चाहिए जो सीधे मुंह के संपर्क में आती हैं, जैसे कप, चम्मच, खाना खाने के बर्तन या लिप बाम। इससे वायरस फैलने का खतरा कम किया जा सकता है। इसके अलावा अगर होंठ पर छाला है तो उसे बार बार छूने से बचना चाहिए। छाले को छूने के बाद हाथ अच्छी तरह धोना भी जरूरी है। खासकर छाले को छूने के बाद आंखों को नहीं छूना चाहिए, क्योंकि HSV आंख में इंफेक्शन कर सकता है।
डॉक्टर को कब दिखाना चाहिए
अगर पहली बार होंठों या मुंह के आसपास ऐसे छाले हुए हैं और यह साफ नहीं है कि इसकी वजह क्या है, तो डॉक्टर से सलाह लेना बेहतर है। इसके अलावा अगर छालों के साथ तेज दर्द, बुखार या मुंह के अंदर ज्यादा घाव हों, छाले बार बार निकलते हों, बहुत ज्यादा फैल रहे हों या लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहे हों, तो भी डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प नहीं है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

