Nepal Floods: छत्तीसगढ़ से जुड़ीं 2 NRI महिलाएं लापता, 7 लोग सुरक्षित

Nepal Floods: छत्तीसगढ़ से जुड़ीं 2 NRI महिलाएं लापता, 7 लोग सुरक्षित

बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित नेपाल में छत्तीसगढ़ से जुड़ी दो अनिवासी भारतीय महिलाएं लापता हैं, जबकि राज्य की दो अन्य महिलाओं ने अपने परिवारों से संपर्क किया है, जिनके पूर्व में लापता होने की सूचना थी। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ सरकार नेपाल में बाढ़ और भूस्खलन की मौजूदा स्थिति के बीच वहां मौजूद राज्य के निवासियों के लिए निगरानी और राहत कार्यों को तेज कर रही है।

एक अधिकारी ने बताया कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के निर्देश पर, राज्य सरकार नेपाल में छत्तीसगढ़ से जुड़े लोगों के बारे में लगातार जानकारी जुटा रही है और वहां के प्रशासन तथा केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर रही है। उन्होंने कहा कि अब तक मिली जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ से जुड़े नौ लोगों की जानकारी मिली है जिनमें से दो ने अपने परिवारों से संपर्क किया है, जबकि रायपुर के पांच निवासियों के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है और उन्होंने वापसी की यात्रा शुरू कर दी है। अधिकारी ने बताया कि हालांकि, बिलासपुर और सरगुजा जिलों के एक-एक अनिवासी भारतीय के लापता होने की खबर है।

उन्होंने बताया कि बिलासपुर की निवासी और फिनलैंड की नागरिक 39 वर्षीय प्रियंका चौधरी और सरगुजा की मूल निवासी तथा ब्रिटिश नागरिक डॉ. मीना गुप्ता लापता हैं। उन्होंने कहा कि उनके परिवारों द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर सरकार संबंधित अधिकारियों के साथ समन्वय कर रही है। अधिकारी ने बताया कि डॉ. गुप्ता की आखिरी ज्ञात लोकेशन नेपाल-चीन सीमा पर स्थित रसुवागढ़ी आव्रजन (इमिग्रेशन) कार्यालय थी और अधिकारी उनके ठिकाने का पता लगाने के लिए संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय कर रहे हैं।

डॉ.गुप्ता के रिश्तेदार प्रवीण मित्तल ने अंबिकापुर में संवाददाताओं को बताया कि वह 14 अगस्त को दिल्ली पहुंची थीं और ईशा फाउंडेशन से जुड़े लगभग 77 लोगों के उस समूह का हिस्सा थीं, जिसने दिल्ली से काठमांडू तक यात्रा की थी। मित्तल ने कहा कि समूह ने 23 अगस्त को कैलाश मानसरोवर यात्रा पूरी की और 25 अगस्त को नेपाल-तिब्बत सीमा पार करने की औपचारिकताएं पूरी करने के लिए आव्रजन कार्यालय गए थे, तभी आपदा आ गई। उन्होंने बताया कि डॉ. गुप्ता की शुरुआती पढ़ाई अंबिकापुर के होली क्रॉस स्कूल में हुई थी और चिकित्सा की पढ़ाई करने के बाद से वह इंग्लैंड में रह रही हैं।

राज्य के पर्यटन और संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा कि उन्होंने डॉ.गुप्ता के पिता और स्थानीय भाजपा नेता करताराम गुप्ता से बात की है और उन्हें हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। उन्होंने बताया कि रायपुर की रहने वाली मोनिका यादव और बिलासपुर की मंजू राय चौधरी (65) के बृहस्पतिवार को लापता होने की खबर मिली थी लेकिन दोनों ने अपने परिवार से संपर्क किया है। चौधरी कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए नेपाल गई थीं।

अधिकारी ने बताया कि प्रशासन इन दोनों महिलाओं के बारे में मिली जानकारी की पुष्टि कर रहा है और ज़रूरी मदद का इंतज़ाम कर रहा है। रायपुर के माना इलाके के पांच निवासी – दिनेश ओझा, प्रेम सिंह जगत, नारायण सेन, यतेंद्र प्रकाश और दिनेश सिंह ठाकुर – के सुरक्षित होने की पुष्टि हुई है। उन्होंने बताया कि वे 21 अगस्त को नेपाल गए थे और रायपुर लौटने की यात्रा शुरू कर चुके हैं।

अधिकारी ने बताया कि राज्य सरकार नेपाल में छत्तीसगढ़ के निवासियों के परिवारों को जरूरी मदद दे रही है और जिला प्रशासन व संबंधित विभागों के जरिए लगातार जानकारी का आदान-प्रदान कर रही है। सरकार ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर उन्हें नेपाल में फंसे छत्तीसगढ़ के निवासियों के बारे में कोई जानकारी मिले, तो वे तुरंत प्रशासन को सूचित करें। अधिकारी ने कहा कि मदद चाहने वाले या जानकारी रखने वाले लोग राज्य नियंत्रण कक्ष के टोल-फ्री नंबर 1070 या 0771-2223471 पर संपर्क कर सकते हैं।

राज्य सरकार ने कहा कि वह इस प्राकृतिक आपदा के बीच प्रभावित नागरिकों और उनके परिवारों की मदद के लिए हर संभव कोशिश कर रही है।

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