राजधानी के महादेव घाट में शुक्रवार दोपहर अस्थि विसर्जन के दौरान एक युवक खारुन नदी में डूब गया। घटना दोपहर करीब 12:30 बजे की बताई जा रही है। युवक की पहचान युधिष्ठिर सारंग (35), निवासी सतनामी पारा, रायपुरा के रूप में हुई है। वह अपनी बहन की अस्थियां विसर्जित करने जीजा और अन्य परिजनों के साथ घाट पहुंचा था। नदी में नहाने के दौरान वह गहरे पानी में चला गया और एनीकट के नीचे बने भंवर में फंसकर डूब गया। अब पढ़े क्या है पूरा मामला डीडी नगर थाना प्रभारी गौतम गावड़े ने बताया कि पुलिस को दोपहर में युधिष्ठिर के नदी में डूबने की सूचना मिली। मृतक की बहन गीतेश्वरी की 25 अगस्त को तबीयत खराब होने से मौत हुई थी। शुक्रवार को परिवार के लोग उसकी अस्थियों के विसर्जन के लिए खारुन नदी स्थित महादेव घाट पहुंचे थे। परिजन नदी में नहा रहे थे। इसी दौरान युधिष्ठिर और रामेश्वर गहरे पानी की तरफ चले गए और डूबने लगे। वहां मौजूद मछुआरों ने रामेश्वर को किसी तरह नदी से बाहर निकाल लिया। वह सुरक्षित बताया जा रहा है। जबकि युधिष्ठिर पानी के बहाव के साथ आगे चला गया और एनीकट के नीचे गहरे पानी में डूब गया। भंवर और तेज बहाव से रेस्क्यू में परेशानी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और SDRF की टीम मौके पर पहुंची। SDRF के जवान नाव और अन्य संसाधनों की मदद से नदी में युधिष्ठिर की तलाश कर रहे हैं। एनीकट के नीचे गहराई और पानी के बहाव के कारण रेस्क्यू ऑपरेशन में परेशानी आ रही है। परिजनों ने SDRF पर देरी का आरोप लगाया युधिष्ठिर के परिजनों ने आरोप लगाया कि SDRF की टीम मौके पर करीब तीन घंटे बाद पहुंची। उनका कहना है कि यदि बचाव दल समय पर पहुंच जाता तो रेस्क्यू ऑपरेशन जल्दी शुरू हो सकता था। हालांकि, इस आरोप पर अधिकारियों की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। घटना के बाद महादेव घाट पर परिजन और बड़ी संख्या में लोग मौजूद हैं। पुलिस घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है, जबकि SDRF का सर्च ऑपरेशन जारी है।

