अश्विन ने बताया- पंत क्यों वनडे-टी20 से बाहर हुए:बोले- अपने खराब फैसलों की कीमत चुका रहे भारतीय विकेटकीपर, उन्हें खास ट्रीटमेंट देना गलत

अश्विन ने बताया- पंत क्यों वनडे-टी20 से बाहर हुए:बोले- अपने खराब फैसलों की कीमत चुका रहे भारतीय विकेटकीपर, उन्हें खास ट्रीटमेंट देना गलत

पूर्वभारतीय स्पिनर रविचंद्रन अश्विन ने कहा कि ऋषभ पंत अब तक अपनी क्षमता के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए हैं। उन्होंने कहा- पंत अपने खराब फैसलों की वजह से भारत की वनडे और टी20 इंटरनेशनल टीम में नहीं खेल रहे हैं। अश्विन ने कहा कि अगर पंत को सच्चाई बताई जाएगी, तो वे भारत के लिए हर फॉर्मेट खेलने वाले खिलाड़ी बन सकते हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि पंत को ‘एक पीढ़ी में एक बार मिलने वाला खिलाड़ी’ कहकर टीम मैनेजमेंट को उन्हें खास ट्रीटमेंट नहीं देनी चाहिए। अश्विन बोले- खास ट्रीटमेंट देना है, तो सबको दीजिए अश्विन ने ‘अश्विन की बात’ प्रोग्राम में कहा कि किसी एक खिलाड़ी को खास ट्रीटमेंट मत दीजिए।’ उन्होंने कहा- अगर खिलाड़ियों को वन जेनरेशन प्लेयर कहकर समर्थन देना ही है, तो यह समर्थन सभी को दीजिए। यशस्वी जायसवाल भी ऐसे ही खिलाड़ी हैं।’ अश्विन बोले कि ‘मैं सिर्फ इतना कह रहा हूं कि पंत अनुभवी हैं। वे 50 टेस्ट खेल चुके हैं और उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए। इसके लिए यह तर्क मत दीजिए कि वे वन जेनरेशन प्लेयर हैं। उन्होंने कहा कि पंत को हालात के हिसाब से खेलना होगा। इसके पीछे उनकी आक्रामक बल्लेबाजी को बहाना नहीं बनाया जा सकता। ‘पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई’ अश्विन ने कहा, “ऋषभ पंत से मेरी उम्मीद अब तक पूरी नहीं हुई है। इसके लिए मुझे बहुत अफसोस है। सोनल दिनूषा का स्ट्राइक रेट भी काफी अच्छा था, लेकिन अंतर ज्यादा जोखिम वाले विकल्पों का है।” उन्होंने कहा, “जब खेल आपके हाथ में हो, तब लोग कहते हैं- ‘ऋषभ इसी तरह खेलते हैं।’ लेकिन बात यह है कि आपकी टीम को क्या चाहिए।” अश्विन ने पंत की बल्लेबाजी के तरीके पर कहा कि निर्णायक मौकों पर लिए गए जोखिमों को सही नहीं ठहराया जा सकता। उनके मुताबिक, टीम की जरूरत के हिसाब से फैसले लेना जरूरी है। कहा- एक पल की मूर्खता टेस्ट हारने के लिए काफी अश्विन ने पंत की सिडनी और ब्रिस्बेन में खेली पारियों की तारीफ की। हालांकि उन्होंने साथ ही यह भी कहा कि वॉशिंगटन सुंदर और शार्दुल ठाकुर के बिना आप वह मैच नहीं जीत सकते थे। उन्होंने कहा- ‘टेस्ट मैच बनाने और उसके आखिरी सेशन में जीतने के लिए 11 क्रिकेटर्स की जरूरत होती है, लेकिन एक टेस्ट हारने के लिए सिर्फ एक पल की मूर्खता काफी होती है। हाल ही में खत्म हुई श्रीलंका सीरीज में पंत ने 168 रन बनाए थे। इसमें दो टेस्ट मैचों में उनके दो अर्धशतक शामिल थे। कोलंबो में दूसरा टेस्ट ड्रॉ होने के बाद भारत ने यह सीरीज 1-0 से जीती। सेहवाग और गिलक्रिस्ट से तुलना पर जवाब अश्विन ने पंत की आक्रामक बल्लेबाजी की तुलना वीरेंद्र सेहवाग और एडम गिलक्रिस्ट जैसे पुराने महान खिलाड़ियों से करने की बात भी खारिज की। उन्होंने कहा- मेरे सामने इन खिलाड़ियों के बारे में ऐसी मार्केटिंग वाली बातें दोबारा मत रखिए। अश्विन ने कहा- ‘सेहवाग और गिलक्रिस्ट ने आक्रामक क्रिकेट खेला, लेकिन जब उनकी टीम 500 रन पीछे होती थी, तब वे मार्को यानसन की गेंद पर आगे बढ़कर शॉट खेलने के दौरान आउट नहीं होते थे।’

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