महिलाओं, बच्चियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भागलपुर पुलिस ने रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार को ‘पुलिस दीदी’ अभियान की शुरुआत की। पुलिस केंद्र से पिंक स्कूटी से लैस पुलिस टीमों को शहर के अलग-अलग इलाकों में निगरानी के लिए रवाना किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना, छेड़खानी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना है। SSP प्रमोद यादव ने बताया कि इससे पहले महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड’ के नाम से अभियान संचालित किया जा रहा था। अब इसे और प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप देते हुए इसका नाम ‘पुलिस दीदी’ किया गया है। बिहार सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में इस अभियान को विस्तार दिया जा रहा है। भागलपुर में भी इसके तहत पुलिस टीमों को विशेष रूप से तैयार किया गया है। अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य महिलाओं और बहनों को सुरक्षा का भरोसा देना आगे बताया कि भागलपुर को फिलहाल 25 पिंक स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा पुलिस टीमों को बाइक समेत अन्य संसाधन भी दिए गए हैं। आने वाले दिनों में संसाधनों और टीमों की संख्या में और बढ़ोतरी की जाएगी। रक्षाबंधन के अवसर पर अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य महिलाओं और बहनों को सुरक्षा का भरोसा देना भी है। SSP ने बताया कि पिंक स्कूटी से लैस पुलिस दीदी की टीमें अलग-अलग समय पर शहर में गश्त करेंगी। खासकर स्कूल-कॉलेज के आसपास, बाजार, पार्क, जॉगिंग स्थल और महिलाओं की आवाजाही वाले सार्वजनिक स्थानों पर इनकी विशेष निगरानी रहेगी। स्कूल जाने वाली छात्राओं के आने-जाने के समय तथा कामकाजी महिलाओं के आवागमन के दौरान भी पुलिस टीमों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा एसएसपी प्रमोद यादव ने कहा कि अभियान को केवल नियमित गश्ती तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। पुलिस की टीमें अपने-अपने क्षेत्र में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नजर रखेंगी। किसी भी प्रकार की छेड़खानी, पीछा करने या महिलाओं को परेशान करने की शिकायत मिलने पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। आगे कहा कि ‘पुलिस दीदी’ अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य अपराध की रोकथाम भी है। महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी अथवा किसी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर भी दबाव बनेगा। अभियान के तहत पुलिस टीमों को स्कूल एवं कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के कार्यस्थल तक आने-जाने वाले मार्ग, प्रमुख बाजार, सार्वजनिक स्थल और ऐसे क्षेत्र जहां महिलाओं की अधिक आवाजाही होती है, वहां निगरानी बढ़ाई जाएगी। महिलाओं, बच्चियों और स्कूल-कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा को लेकर भागलपुर पुलिस ने रक्षाबंधन के दिन शुक्रवार को ‘पुलिस दीदी’ अभियान की शुरुआत की। पुलिस केंद्र से पिंक स्कूटी से लैस पुलिस टीमों को शहर के अलग-अलग इलाकों में निगरानी के लिए रवाना किया गया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बच्चियों को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना, छेड़खानी जैसी घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाना और संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना है। SSP प्रमोद यादव ने बताया कि इससे पहले महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा के लिए ‘अभया ब्रिगेड’ के नाम से अभियान संचालित किया जा रहा था। अब इसे और प्रभावी एवं व्यवस्थित रूप देते हुए इसका नाम ‘पुलिस दीदी’ किया गया है। बिहार सरकार के निर्देश पर सभी जिलों में इस अभियान को विस्तार दिया जा रहा है। भागलपुर में भी इसके तहत पुलिस टीमों को विशेष रूप से तैयार किया गया है। अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य महिलाओं और बहनों को सुरक्षा का भरोसा देना आगे बताया कि भागलपुर को फिलहाल 25 पिंक स्कूटी उपलब्ध कराई गई हैं। इसके अलावा पुलिस टीमों को बाइक समेत अन्य संसाधन भी दिए गए हैं। आने वाले दिनों में संसाधनों और टीमों की संख्या में और बढ़ोतरी की जाएगी। रक्षाबंधन के अवसर पर अभियान की शुरुआत करने का उद्देश्य महिलाओं और बहनों को सुरक्षा का भरोसा देना भी है। SSP ने बताया कि पिंक स्कूटी से लैस पुलिस दीदी की टीमें अलग-अलग समय पर शहर में गश्त करेंगी। खासकर स्कूल-कॉलेज के आसपास, बाजार, पार्क, जॉगिंग स्थल और महिलाओं की आवाजाही वाले सार्वजनिक स्थानों पर इनकी विशेष निगरानी रहेगी। स्कूल जाने वाली छात्राओं के आने-जाने के समय तथा कामकाजी महिलाओं के आवागमन के दौरान भी पुलिस टीमों की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा एसएसपी प्रमोद यादव ने कहा कि अभियान को केवल नियमित गश्ती तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि इसकी लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी। पुलिस की टीमें अपने-अपने क्षेत्र में महिलाओं और बच्चियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों पर नजर रखेंगी। किसी भी प्रकार की छेड़खानी, पीछा करने या महिलाओं को परेशान करने की शिकायत मिलने पर तत्काल पुलिस सहायता उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाएगा। आगे कहा कि ‘पुलिस दीदी’ अभियान का एक प्रमुख उद्देश्य अपराध की रोकथाम भी है। महिलाओं और बच्चियों के साथ छेड़खानी अथवा किसी तरह की आपराधिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। यदि कोई व्यक्ति इस तरह की कोशिश करता है तो उसके खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। संवेदनशील स्थानों पर पुलिस की नियमित मौजूदगी से असामाजिक तत्वों पर भी दबाव बनेगा। अभियान के तहत पुलिस टीमों को स्कूल एवं कॉलेज जाने वाली छात्राओं की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा कामकाजी महिलाओं के कार्यस्थल तक आने-जाने वाले मार्ग, प्रमुख बाजार, सार्वजनिक स्थल और ऐसे क्षेत्र जहां महिलाओं की अधिक आवाजाही होती है, वहां निगरानी बढ़ाई जाएगी।

