शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा पंचबदन स्थान मंदिर कुसेढ़ी में दो दिवसीय राजकीय श्रावणी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में बरबीघा के विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय, शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी, जिलाधिकारी शेखर आनंद और डीडीसी राकेश कुमार सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। हालांकि, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आमंत्रित पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और समाज कल्याण मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता उपस्थित नहीं हो सके। ”आज जो कुछ भी हूं, बाबा की कृपा से हूं” विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय ने इस आयोजन के लिए जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी ने बताया कि मंत्री डॉ. अशोक चौधरी का इस मंदिर से पुराना आध्यात्मिक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि डॉ. चौधरी लगभग 25 वर्षों से यहां पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं, और उनके प्रयासों से ही इस स्थल को पर्यटन विभाग के माध्यम से राजकीय महोत्सव का दर्जा मिला है। मुख्य अतिथि डॉ. अशोक चौधरी ने अपने संबोधन में पंचबदन स्थान से अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे 1987 से बाबा की पूजा करते आ रहे हैं और आज वे जो कुछ भी हैं, वह बाबा की कृपा से है। बाबा के मंदिर में राजनीति नहीं होनी चाहिए – मंत्री मंत्री ने यह भी बताया कि एक बार बाबा उनके स्वप्न में आए थे, जिसके बाद उनके मन में इस स्थान और मंदिर के विकास के लिए विशेष भावना जागृत हुई और उन्होंने इसके लिए प्रयास शुरू किए। डॉ. चौधरी ने कहा कि पंचबदन स्थान उनके लिए केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का केंद्र है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि बाबा के मंदिर में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरबीघा प्रखंड की धरती विशेष है, क्योंकि यहां ‘हर’ और ‘हरि’ दोनों मौजूद हैं। एक ओर पंचवदन स्थान में भगवान शिव की आराधना होती है तो दूसरी ओर सामस विष्णुधाम भगवान विष्णु की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने शिव पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव की मूल भावना प्रेम है। कांवर लेकर बाबा के दरबार में आएंगे – अशोक चौधरी मंत्री ने धार्मिक सद्भाव का संदेश देते हुए कहा कि धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो। गोहत्या बंद हो, कहा कि हिंदू धर्म किसी की निंदा करने की शिक्षा नहीं देता। धर्म का मूल भाव मानवता, प्रेम और सद्भाव है। ‘डॉ. चौधरी ने पंचवदन स्थान से अपनी भावनात्मक प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी यहां की धार्मिक परंपरा से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे विधायकों के साथ कांवर लेकर बाबा के दरबार में आएंगे। उन्होंने भादो महीने में मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों और समिति के माध्यम से आगे की गतिविधियों को गति देने की बात भी कही। मंत्री ने कहा कि बरबीघा उनकी कर्मभूमि है और जब-जब बाबा उन्हें शक्ति देंगे, वे क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा ने उन्हें लंबे समय तक मंत्री पद पर रहने का अवसर दिया और वे इसे बाबा का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बरबीघा और क्षेत्र के विकास के लिए वे अपनी क्षमता के अनुसार लगातार प्रयास करते रहेंगे। शेखपुरा जिले के बरबीघा प्रखंड स्थित ऐतिहासिक बाबा पंचबदन स्थान मंदिर कुसेढ़ी में दो दिवसीय राजकीय श्रावणी महोत्सव का शुभारंभ हुआ। पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस महोत्सव में बिहार सरकार के मंत्री डॉ. अशोक चौधरी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। समारोह में बरबीघा के विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय, शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी, जिलाधिकारी शेखर आनंद और डीडीसी राकेश कुमार सहित कई अधिकारी एवं जनप्रतिनिधि मौजूद थे। प्रशासनिक अधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। हालांकि, निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार आमंत्रित पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता और समाज कल्याण मंत्री सह जिला प्रभारी मंत्री डॉ. श्वेता गुप्ता उपस्थित नहीं हो सके। ”आज जो कुछ भी हूं, बाबा की कृपा से हूं” विधायक डॉ. कुमार पुष्पंजय ने इस आयोजन के लिए जिला प्रशासन और जिलाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। शेखपुरा विधायक रणधीर कुमार सोनी ने बताया कि मंत्री डॉ. अशोक चौधरी का इस मंदिर से पुराना आध्यात्मिक जुड़ाव है। उन्होंने कहा कि डॉ. चौधरी लगभग 25 वर्षों से यहां पूजा-अर्चना करते आ रहे हैं, और उनके प्रयासों से ही इस स्थल को पर्यटन विभाग के माध्यम से राजकीय महोत्सव का दर्जा मिला है। मुख्य अतिथि डॉ. अशोक चौधरी ने अपने संबोधन में पंचबदन स्थान से अपने पुराने संबंधों का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि वे 1987 से बाबा की पूजा करते आ रहे हैं और आज वे जो कुछ भी हैं, वह बाबा की कृपा से है। बाबा के मंदिर में राजनीति नहीं होनी चाहिए – मंत्री मंत्री ने यह भी बताया कि एक बार बाबा उनके स्वप्न में आए थे, जिसके बाद उनके मन में इस स्थान और मंदिर के विकास के लिए विशेष भावना जागृत हुई और उन्होंने इसके लिए प्रयास शुरू किए। डॉ. चौधरी ने कहा कि पंचबदन स्थान उनके लिए केवल एक मंदिर नहीं, बल्कि आस्था और आत्मीयता का केंद्र है। उन्होंने यह भी जोर दिया कि बाबा के मंदिर में राजनीति नहीं होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बरबीघा प्रखंड की धरती विशेष है, क्योंकि यहां ‘हर’ और ‘हरि’ दोनों मौजूद हैं। एक ओर पंचवदन स्थान में भगवान शिव की आराधना होती है तो दूसरी ओर सामस विष्णुधाम भगवान विष्णु की आस्था का प्रमुख केंद्र है। उन्होंने शिव पुराण का उल्लेख करते हुए कहा कि भगवान शिव की मूल भावना प्रेम है। कांवर लेकर बाबा के दरबार में आएंगे – अशोक चौधरी मंत्री ने धार्मिक सद्भाव का संदेश देते हुए कहा कि धर्म की जय हो, अधर्म का नाश हो। गोहत्या बंद हो, कहा कि हिंदू धर्म किसी की निंदा करने की शिक्षा नहीं देता। धर्म का मूल भाव मानवता, प्रेम और सद्भाव है। ‘डॉ. चौधरी ने पंचवदन स्थान से अपनी भावनात्मक प्रतिबद्धता व्यक्त करते हुए कहा कि वे आगे भी यहां की धार्मिक परंपरा से जुड़े रहेंगे। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में वे विधायकों के साथ कांवर लेकर बाबा के दरबार में आएंगे। उन्होंने भादो महीने में मंदिर से जुड़े धार्मिक कार्यक्रमों और समिति के माध्यम से आगे की गतिविधियों को गति देने की बात भी कही। मंत्री ने कहा कि बरबीघा उनकी कर्मभूमि है और जब-जब बाबा उन्हें शक्ति देंगे, वे क्षेत्र के विकास के लिए हरसंभव प्रयास करेंगे। उन्होंने कहा कि बाबा ने उन्हें लंबे समय तक मंत्री पद पर रहने का अवसर दिया और वे इसे बाबा का आशीर्वाद मानते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बरबीघा और क्षेत्र के विकास के लिए वे अपनी क्षमता के अनुसार लगातार प्रयास करते रहेंगे।

