बिहार सरकार की महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की पहल अब जमुई में भी प्रभावी होगी। शुक्रवार को जमुई के जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने खुद बाइक चलाकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। दोनों अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम से बाइक चलाते हुए कचहरी चौक तक पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ आम लोगों को भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जागरूक किया गया। राज्य सरकार की ओर से पूरे बिहार में लगभग 4,700 स्कूटी और मोटरसाइकिल का वितरण किया गया है। इसी योजना के तहत जमुई जिले को 20 बाइक और 9 स्कूटी मिली हैं। डीएम और एसपी ने महिला पुलिसकर्मियों एवं पुलिस जवानों को ये वाहन सौंपे, जिसके बाद हरी झंडी दिखाकर उन्हें निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस को ये दोपहिया वाहन दिए गए हैं। इससे पुलिस की पहुंच और कार्रवाई की गति बढ़ेगी। कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त एसपी विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि इन दोपहिया वाहनों का मुख्य उपयोग महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। पुलिसकर्मी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लगातार गश्त करेंगे। विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘पुलिस दीदी’ की टीम मनचलों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखेगी। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंच सकेंगे। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी पुलिस गाड़ियों के बजाय बाइक और स्कूटी से पहुंचना आसान होगा। एसपी ने बताया कि फिलहाल जिले के सभी थानों को बाइक उपलब्ध करा दी गई है। इस नई व्यवस्था से जमुई में पुलिस का त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत होगा और महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता जमीनी स्तर पर और बढ़ेगी। बिहार सरकार की महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने की पहल अब जमुई में भी प्रभावी होगी। शुक्रवार को जमुई के जिलाधिकारी नवीन और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने खुद बाइक चलाकर महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता का संदेश दिया। दोनों अधिकारी श्रीकृष्ण सिंह स्टेडियम से बाइक चलाते हुए कचहरी चौक तक पहुंचे। इस दौरान पुलिसकर्मियों के साथ आम लोगों को भी सुरक्षा व्यवस्था को लेकर जागरूक किया गया। राज्य सरकार की ओर से पूरे बिहार में लगभग 4,700 स्कूटी और मोटरसाइकिल का वितरण किया गया है। इसी योजना के तहत जमुई जिले को 20 बाइक और 9 स्कूटी मिली हैं। डीएम और एसपी ने महिला पुलिसकर्मियों एवं पुलिस जवानों को ये वाहन सौंपे, जिसके बाद हरी झंडी दिखाकर उन्हें निर्धारित क्षेत्रों के लिए रवाना किया गया। जिलाधिकारी नवीन ने बताया कि महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में शामिल हैं। कानून-व्यवस्था को मजबूत करने और महिलाओं एवं बालिकाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पुलिस को ये दोपहिया वाहन दिए गए हैं। इससे पुलिस की पहुंच और कार्रवाई की गति बढ़ेगी। कॉलेज, कोचिंग सेंटर और सार्वजनिक स्थलों पर गश्त एसपी विश्वजीत दयाल ने जानकारी दी कि इन दोपहिया वाहनों का मुख्य उपयोग महिलाओं और छात्राओं की सुरक्षा के लिए किया जाएगा। पुलिसकर्मी स्कूल, कॉलेज, कोचिंग सेंटर और अन्य प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर लगातार गश्त करेंगे। विशेष रूप से छात्राओं और महिलाओं की आवाजाही वाले क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि ‘पुलिस दीदी’ की टीम मनचलों और असामाजिक तत्वों पर नजर रखेगी। किसी भी अप्रिय घटना की सूचना मिलने पर पुलिसकर्मी तत्काल मौके पर पहुंच सकेंगे। संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में बड़ी पुलिस गाड़ियों के बजाय बाइक और स्कूटी से पहुंचना आसान होगा। एसपी ने बताया कि फिलहाल जिले के सभी थानों को बाइक उपलब्ध करा दी गई है। इस नई व्यवस्था से जमुई में पुलिस का त्वरित रिस्पॉन्स सिस्टम मजबूत होगा और महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस की सक्रियता जमीनी स्तर पर और बढ़ेगी।

