पठानकोट: पेयजल संकट के परेशान लोगों ने घेरा निगम कार्यालय:10 दिन से नहीं मिला पानी तो खुशी नगर के लोगों का फूटा गुस्सा, निगम दफ्तर का किया घेराव; अधिकारियों से तीखी बहस

पठानकोट: पेयजल संकट के परेशान लोगों ने घेरा निगम कार्यालय:10 दिन से नहीं मिला पानी तो खुशी नगर के लोगों का फूटा गुस्सा, निगम दफ्तर का किया घेराव; अधिकारियों से तीखी बहस

पठानकोट के वार्ड नंबर 11 स्थित खुशी नगर मोहल्ले में पिछले 10 दिनों से जारी भीषण पेयजल किल्लत और प्रशासनिक बेरुखी के खिलाफ स्थानीय निवासियों का सब्र आखिरकार टूट गया। पीने के पानी, खराब स्ट्रीट लाइटों और सीवरेज की समस्याओं से परेशान होकर पूरे मोहल्ले महिलाओं, बुजूर्गों ने एकत्रित होकर संबंधित जूनियर इंजीनियर और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए दफ्तर का घेराव किया। लोगों ने एसडीओ पर बदसलूकी के आरोप भी लगाए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि भीषण गर्मी के बीच नहाने-धोने से लेकर शौचालय तक के लिए पानी की बूंद-बूंद को तरसना पड़ रहा है। बार-बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हो रही। इसलिए अधिकारियों के कानों तक आवाज पहुंचाने के लिए नगर निगम कार्यालय आना पड़ा। वहीं, नगर निगम के एसडीओ नवदीप बेदी ने लोगों की बात सुनी। इस दौरान रोष जताते मोहल्लावासियों के साथ अधिकारियों की तीखी बहस भी हुई। लेकिन, उसके बावजूद अधिकारियों ने एक घंटे में पानी की सप्लाई बहाल करने का आश्वासन देकर लोगों को शांत किया। भीषण गर्मी में बिना पानी कैसे रहे जनता? – देविका प्रदर्शन में शामिल खुशी नगर निवासी देविका ने अपना दर्द बयान करते हुए बताया कि पिछले 10 से अधिक दिनों से उनकी गली में पानी की एक बूंद नहीं आई है। भीषण गर्मी के बीच नहाने-धोने से लेकर शौचालय तक के लिए पानी की बूंद-बूंद को तरसना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि: मोटर चलने के बावजूद पानी नहीं: मोहल्ले की मोटर दिन में 5 से 6 घंटे चलती है, लेकिन उनकी गली में पानी की आपूर्ति बिल्कुल नहीं हो रही। कर्मचारी की मनमानी: ट्यूबवेल का कर्मचारी (ऑपरेटर) पानी किस तरफ छोड़ता है, इसका कोई हिसाब नहीं है। बाकी सभी गलियों में पानी जा रहा है, लेकिन उनकी गली को छोड़ दिया जाता है। बार-बार खराब होता है वाल्व: हर दूसरे-तीसरे दिन पानी का वाल्व खराब हो जाता है, जिससे पूरी सप्लाई ठप हो जाती है। अधिकारी अपनी गली की लाइटें ठीक नहीं कर पा रहे, शहर क्या संभालेंगे? प्रदर्शनकारियों ने मौके पर मौजूद अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए। निवासियों ने कहा कि संबंधित एसडीओ नवदीप बेदी साहब खुद सिंबल चौक के पास ही रहते हैं, लेकिन उनके अपने घर के आसपास की 5 स्ट्रीट लाइटें पिछले कई दिनों से खराब पड़ी हैं। जब अधिकारी अपने घर के बाहर की लाइटें ठीक नहीं करवा सकते, तो वे पूरे वार्ड की समस्याएं क्या सुलझाएंगे? स्थानीय निवासी करण कुमार ने कहा कि जब वे सुबह 7 बजे शिकायत लेकर एसडीओ के घर पहुंचे, तो उन्होंने पहले टालमटोल किया और फिर दफ्तर बुलाकर बदसलूकी की। करण कुमार ने मांग की कि ड्यूटी में लापरवाही बरतने वाले और जनता से गलत व्यवहार करने वाले कर्मचारियों का तुरंत तबादला किया जाए, अन्यथा वे इसकी लिखित शिकायत सीधे जिलाधीश पठानकोट को सौंपेंगे। एसडीओ बोले- 1 घंटे के भीतर बहाल होगी पानी की आपूर्ति हंगामे और निवासियों के बढ़ते रोष को देखते हुए मौके पर पहुंचे एसडीओ नवदीप बेदी ने स्थिति को संभालने का प्रयास किया। समस्या का कारण: एसडीओ ने बताया कि पाइपलाइन में एक वाल्व खराब हो गया था, जिसके कारण खुशी नगर इलाके में पानी की सप्लाई बाधित हुई थी। 1 घंटे में समाधान का वादा: उन्होंने निवासियों को आश्वासन दिया कि कर्मचारियों को तुरंत काम पर लगा दिया गया है और अगले 1 घंटे के भीतर वाल्व ठीक करके पानी की सप्लाई बहाल कर दी जाएगी। ऑपरेटर बदलने का आश्वासन: डीजीपी पैलेस के पास वाल्व में गड़बड़ी और ऑपरेटर द्वारा पक्षपात करने के आरोपों पर एसडीओ ने कहा कि मामले की जांच की जाएगी और यदि ऑपरेटर दोषी पाया जाता है या ओवरटाइम की मनमानी करता है, तो उसे तुरंत वहां से हटा दिया जाएगा। समाधान न होने पर डीसी दफ्तर घेरने की चेतावनी मोहल्ला निवासियों ने स्पष्ट शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि 1 घंटे के भीतर उनके नल में पानी नहीं आया, तो वार्ड नंबर 11 के सभी निवासी एकजुट होकर डिप्टी कमिश्नर दफ्तर पठानकोट के बाहर धरना देंगे और लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करेंगे।

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