मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रक्सौल निवासी महेंद्र प्रसाद को ठगी गई पूरी 3 लाख 95 हजार 526 रुपए की राशि वापस दिलवाई है। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। महेंद्र प्रसाद ने रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड से साइबर थाना में साइबर ठगी कांड संख्या-176/25 दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि उन्हें एक मोबाइल कॉल आया था, जिसमें बिजली बिल अपडेट कराने के बहाने उनसे ठगी की गई। ठगों ने उनके खाते से कुल 3 लाख 95 हजार 526 रुपए निकाल लिए थे। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद, साइबर थाना पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार ने तकनीकी जांच और बैंकिंग समन्वय के माध्यम से कार्रवाई की। शुरुआती प्रयासों में पीड़ित के खाते में 2 लाख रुपए वापस कराए गए थे। पीड़ित के खाते में पैसे कराए गए वापस पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद, शेष 1 लाख 95 हजार 526 रुपए भी पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। इस प्रकार, महेंद्र प्रसाद को ठगी गई उनकी पूरी राशि 3 लाख 95 हजार 526 रुपए वापस मिल गई। राशि वापस मिलने पर महेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। उन्होंने साइबर थाना पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना करते हुए पूरी टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की भी अपील की। फोन कॉल के झांसे में न आने की सलाह इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल सिम किसी दूसरे को उपयोग के लिए न दे। एएसपी ने बिजली बिल अपडेट, बैंक केवाईसी या अन्य किसी बहाने आने वाले फोन कॉल के झांसे में न आने की सलाह दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अपने बैंक खाते, ओटीपी, एटीएम, यूपीआई या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक या कोई सरकारी विभाग कभी भी फोन पर ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। फोन पर इस प्रकार की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। साथ ही कहा कि मोतिहारी साइबर थाना की टीम साइबर अपराधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से भी जागरूक एवं सतर्क रहने की अपील की है। मोतिहारी साइबर थाना पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने रक्सौल निवासी महेंद्र प्रसाद को ठगी गई पूरी 3 लाख 95 हजार 526 रुपए की राशि वापस दिलवाई है। राशि वापस मिलने के बाद पीड़ित ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। महेंद्र प्रसाद ने रक्सौल थाना क्षेत्र के नागा रोड से साइबर थाना में साइबर ठगी कांड संख्या-176/25 दर्ज कराया था। उन्होंने बताया कि उन्हें एक मोबाइल कॉल आया था, जिसमें बिजली बिल अपडेट कराने के बहाने उनसे ठगी की गई। ठगों ने उनके खाते से कुल 3 लाख 95 हजार 526 रुपए निकाल लिए थे। मामला दर्ज होने के तुरंत बाद, साइबर थाना पुलिस ने अनुसंधान शुरू किया। कांड के अनुसंधानकर्ता पुलिस अवर निरीक्षक मनीष कुमार ने तकनीकी जांच और बैंकिंग समन्वय के माध्यम से कार्रवाई की। शुरुआती प्रयासों में पीड़ित के खाते में 2 लाख रुपए वापस कराए गए थे। पीड़ित के खाते में पैसे कराए गए वापस पुलिस के लगातार प्रयासों के बाद, शेष 1 लाख 95 हजार 526 रुपए भी पीड़ित के खाते में सफलतापूर्वक वापस करा दिए गए। इस प्रकार, महेंद्र प्रसाद को ठगी गई उनकी पूरी राशि 3 लाख 95 हजार 526 रुपए वापस मिल गई। राशि वापस मिलने पर महेंद्र प्रसाद ने कहा कि उन्हें अपनी रकम वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। उन्होंने साइबर थाना पुलिस की सक्रियता और तत्परता की सराहना करते हुए पूरी टीम को धन्यवाद दिया। उन्होंने लोगों से साइबर अपराधियों से सतर्क रहने की भी अपील की। फोन कॉल के झांसे में न आने की सलाह इस संबंध में अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) ने आम जनता से अपील की है। उन्होंने कहा कि कोई भी व्यक्ति अपना बैंक खाता, एटीएम कार्ड या मोबाइल सिम किसी दूसरे को उपयोग के लिए न दे। एएसपी ने बिजली बिल अपडेट, बैंक केवाईसी या अन्य किसी बहाने आने वाले फोन कॉल के झांसे में न आने की सलाह दी। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी परिस्थिति में अपने बैंक खाते, ओटीपी, एटीएम, यूपीआई या अन्य गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक या कोई सरकारी विभाग कभी भी फोन पर ऐसी गोपनीय जानकारी नहीं मांगता है। फोन पर इस प्रकार की गोपनीय जानकारी नहीं मांगता। साथ ही कहा कि मोतिहारी साइबर थाना की टीम साइबर अपराधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है और लोगों से भी जागरूक एवं सतर्क रहने की अपील की है।

