जबलपुर के भेड़ाघाट निवासी राजकुमार सोनी मंगलवार रात परिवार के साथ घर में बैठे थे। इसी दौरान उनकी नजर सोफे के नीचे गई, जहां कोई वस्तु हिलती दिखाई दी। पास जाकर देखा तो फन फैलाए कोबरा फुंफकार रहा था। सांप को देखते ही परिवार के होश उड़ गए। परिवार ने पहले सांप को भगाने की कोशिश की, लेकिन वह कमरे में इधर-उधर भागने लगा। इसके बाद सभी लोग घर से बाहर निकल आए और सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे को सूचना दी। कुछ देर बाद मौके पर पहुंचे दुबे ने काफी मशक्कत के बाद कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। पहले लगा चूहा है, फुंफकार सुनकर डर गए राजकुमार ने बताया कि वह रोज की तरह परिवार के साथ बैठकर खाना खा रहे थे। इसी दौरान सोफे के नीचे कुछ हिलता दिखाई दिया। पहले लगा कि शायद चूहा है, लेकिन कुछ देर बाद फुंफकारने की आवाज सुनाई दी। पास जाकर देखा तो सोफे के नीचे नाग फन फैलाए बैठा था। सांप देखकर पूरा परिवार घबरा गया और घर से बाहर निकल आया। चार फीट लंबा था कोबरा सर्प विशेषज्ञ गजेंद्र दुबे ने बताया कि पकड़ा गया सांप कोबरा प्रजाति का नाग है और उसकी लंबाई करीब चार फीट है। इस प्रजाति के सांप की लंबाई सामान्य तौर पर पौने छह फीट तक हो सकती है। उन्होंने बताया कि कोबरा के जहर में खतरनाक न्यूरोटॉक्सिन पाया जाता है, जो शरीर के नर्वस सिस्टम को प्रभावित कर सकता है। सांप के काटने पर तत्काल चिकित्सकीय उपचार जरूरी है। झाड़-फूंक या जड़ी-बूटी इसका उपचार नहीं है। कोबरा के सुरक्षित रेस्क्यू के बाद परिवार ने राहत की सांस ली।

