Iran Economic Sanctions: मध्य पूर्व में जारी तनाव अब सिर्फ मिसाइलों और सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा है। ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ऐसा कदम उठाने की तैयारी शुरू कर दी है, जिसका असर वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति पर पड़ सकता है। वहीं अमेरिका ने तेहरान की आर्थिक कमर तोड़ने के लिए अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई का संकेत दिया है। दोनों देशों के बीच बढ़ता दबाव दुनिया की अर्थव्यवस्था के लिए नई चुनौती बनता दिख रहा है।
Iran US Conflict: जहाजों से सेवा शुल्क लेने की तैयारी से बढ़ी वैश्विक चिंता
ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर बड़ा संकेत दिया है। ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा और विदेश नीति समिति ने एक ऐसे मसौदा कानून का समर्थन किया है, जिसके तहत उन देशों के जहाजों से शुल्क लिया जा सकता है, जिन्हें ईरान की अनुमति के बाद इस रणनीतिक समुद्री मार्ग से गुजरने की इजाजत मिलेगी।
हॉर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक है। फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी को जोड़ने वाला यह मार्ग वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए बेहद अहम माना जाता है। दुनिया के बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से होकर अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में ईरान का यह प्रस्ताव वैश्विक ऊर्जा बाजार में चिंता बढ़ा सकता है।
ईरान का यह कदम ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने तेहरान के खिलाफ आर्थिक दबाव बढ़ाने का ऐलान किया है। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वॉशिंगटन ईरान को आर्थिक रूप से अलग-थलग करने के लिए व्यापक अभियान चला रहा है।
Iran US Conflict: वॉशिंगटन ने ईरान की आर्थिक नस दबाने का किया दावा
बेसेंट ने दावा किया कि अमेरिका ईरान की अर्थव्यवस्था को सहारा देने वाली हर महत्वपूर्ण कड़ी को कमजोर करने की रणनीति पर काम कर रहा है। उन्होंने इसे अब तक की सबसे बड़ी वित्तीय कार्रवाई में से एक बताया। अमेरिका आने वाले समय में ईरान के साथ कारोबार करने वाली कंपनियों और देशों पर अतिरिक्त प्रतिबंध लगाने की चेतावनी भी दे चुका है।
वहीं ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने अमेरिकी रणनीति को आर्थिक युद्ध करार दिया है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि सैन्य दबाव के बाद अमेरिका अब आर्थिक हथियारों का सहारा ले रहा है।
मध्य पूर्व में पहले से ही गाजा संघर्ष, इजरायल-फिलिस्तीन तनाव और क्षेत्रीय सुरक्षा संकट बने हुए हैं। ऐसे में ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ता आर्थिक व रणनीतिक संघर्ष हालात को और जटिल बना सकता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि हॉर्मुज मार्ग को लेकर कोई बड़ा विवाद पैदा होता है तो इसका सीधा असर तेल की कीमतों, समुद्री परिवहन लागत और वैश्विक बाजारों पर पड़ सकता है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि ईरान इस प्रस्ताव को किस स्तर तक लागू करता है और अमेरिका इसका क्या जवाब देता है।


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