जहानाबाद की बराबर गुफाएं पहुंचीं सुधा मूर्ति:UNESCO धरोहर बनाने की अपील, प्राचीन रॉक-कट स्थापत्य से हुईं प्रभावित

जहानाबाद की बराबर गुफाएं पहुंचीं सुधा मूर्ति:UNESCO धरोहर बनाने की अपील, प्राचीन रॉक-कट स्थापत्य से हुईं प्रभावित

जहानाबाद में प्रख्यात लेखिका, समाजसेवी और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने रविवार को विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बराबर गुफाओं का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्राचीन शैलकृत स्थापत्य कला और गुफाओं के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। उन्होंने इस प्राचीन धरोहर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किए जाने की दिशा में पहल की अपील की। सुधा मूर्ति के आगमन पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच विनय कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने विशाल चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं की अद्भुत रॉक-कट स्थापत्य कला का बारीकी से अवलोकन किया। गुफाओं की चमकदार पॉलिश ने किया प्रभावित गुफाओं की दीवारों पर आज भी दिखाई देने वाली दर्पण जैसी चमकदार पॉलिश और अंदर उत्पन्न होने वाले विशिष्ट ध्वनि एवं प्रतिध्वनि प्रभाव ने सुधा मूर्ति को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि बराबर गुफाएं प्राचीन भारत की उन्नत इंजीनियरिंग, वैज्ञानिक सोच और अद्भुत शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वैश्विक पहचान दिलाने की अपील गुफाओं के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और स्थापत्य महत्व से प्रभावित होकर सुधा मूर्ति ने इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल करने की दिशा में पहल की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे इस प्राचीन विरासत को वैश्विक पहचान मिल सकेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर जिला प्रशासन ने देश-दुनिया के इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, पर्यटकों और विरासत प्रेमियों से बराबर गुफाओं का भ्रमण करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि गुफाओं के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित कर पर्यटन के क्षेत्र में इसकी पहचान को और मजबूत किया जाएगा। बराबर गुफाएं केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि प्राचीन भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा, स्थापत्य कौशल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण हैं। अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे। जहानाबाद में प्रख्यात लेखिका, समाजसेवी और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति ने रविवार को विश्वप्रसिद्ध ऐतिहासिक बराबर गुफाओं का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने प्राचीन शैलकृत स्थापत्य कला और गुफाओं के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी ली। उन्होंने इस प्राचीन धरोहर को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल किए जाने की दिशा में पहल की अपील की। सुधा मूर्ति के आगमन पर अपर समाहर्ता, विभागीय जांच विनय कुमार सिंह ने पुष्पगुच्छ देकर उनका स्वागत किया। भ्रमण के दौरान उन्होंने विशाल चट्टानों को काटकर बनाई गई गुफाओं की अद्भुत रॉक-कट स्थापत्य कला का बारीकी से अवलोकन किया। गुफाओं की चमकदार पॉलिश ने किया प्रभावित गुफाओं की दीवारों पर आज भी दिखाई देने वाली दर्पण जैसी चमकदार पॉलिश और अंदर उत्पन्न होने वाले विशिष्ट ध्वनि एवं प्रतिध्वनि प्रभाव ने सुधा मूर्ति को विशेष रूप से प्रभावित किया। उन्होंने कहा कि बराबर गुफाएं प्राचीन भारत की उन्नत इंजीनियरिंग, वैज्ञानिक सोच और अद्भुत शिल्प कौशल का उत्कृष्ट उदाहरण हैं। वैश्विक पहचान दिलाने की अपील गुफाओं के ऐतिहासिक, पुरातात्विक और स्थापत्य महत्व से प्रभावित होकर सुधा मूर्ति ने इसे यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल में शामिल करने की दिशा में पहल की अपील की। उन्होंने कहा कि इससे इस प्राचीन विरासत को वैश्विक पहचान मिल सकेगी। पर्यटन को बढ़ावा देने पर जोर जिला प्रशासन ने देश-दुनिया के इतिहासकारों, शोधकर्ताओं, विद्यार्थियों, पर्यटकों और विरासत प्रेमियों से बराबर गुफाओं का भ्रमण करने की अपील की है। प्रशासन का कहना है कि गुफाओं के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व को व्यापक स्तर पर प्रचारित कर पर्यटन के क्षेत्र में इसकी पहचान को और मजबूत किया जाएगा। बराबर गुफाएं केवल एक ऐतिहासिक स्थल नहीं, बल्कि प्राचीन भारत की वैज्ञानिक प्रतिभा, स्थापत्य कौशल और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का जीवंत प्रमाण हैं। अधिकारी रहे मौजूद इस अवसर पर अनुमंडल लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी सहित अन्य पदाधिकारी मौजूद रहे।  

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