हापुड़ में सरकारी दफ्तरों और औपचारिक जन्मदिन समारोहों से अलग, हापुड़ की बेसिक शिक्षा अधिकारी दीपा भाटी ने शनिवार को अपना जन्मदिन स्कूली बच्चों के बीच मनाया। वह सीधे सबली स्थित प्राथमिक विद्यालय पहुंचीं। वहां बच्चों के साथ समय बिताया, उनसे बातचीत की और जन्मदिन की खुशियां साझा कीं। BSA के स्कूल पहुंचने की खबर मिलते ही बच्चों में अलग ही उत्साह दिखाई दिया। उनके लिए यह दिन सामान्य स्कूल दिवस जैसा नहीं था। बच्चे अपनी अधिकारी के साथ बातचीत कर रहे थे और कुछ ही देर बाद स्कूल परिसर में भोजन का आयोजन भी किया गया। जन्मदिन के मौके पर बच्चों को प्रसाद के रूप में पूरी, हलवा, छोले और चावल खिलाए गए। बच्चों ने उत्साह के साथ भोजन किया और दीपा भाटी को जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। एक तरफ बच्चों की खुशियां थीं तो दूसरी ओर BSA भी उनके बीच सहज अंदाज में नजर आईं। BSA के पहुंचते ही बच्चों में दिखा उत्साह सबली स्थित प्राथमिक विद्यालय में शनिवार का माहौल उस समय कुछ अलग हो गया, जब BSA दीपा भाटी वहां पहुंचीं। बच्चों ने उनका उत्साह के साथ स्वागत किया और उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दीं। दीपा भाटी ने भी बच्चों के साथ बैठकर बातचीत की। उन्होंने बच्चों से उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा और यह जानने की कोशिश की कि स्कूल में होने वाली गतिविधियों को लेकर उनकी क्या रुचि है। इस दौरान उन्होंने सिर्फ औपचारिक निरीक्षण जैसा माहौल नहीं रखा, बल्कि बच्चों के साथ सहज होकर समय बिताया। बच्चों से सीधे बातचीत के जरिए उनकी पढ़ाई और जरूरतों को समझने की कोशिश की। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के लिए BSA का जन्मदिन उनके बीच मनाया जाना भी खास अनुभव रहा। बच्चों के लिए यह दिन पढ़ाई के साथ-साथ खुशियों और दावत वाला बन गया। बच्चों ने कहा- हैप्पी बर्थडे मैडम जन्मदिन के मौके पर स्कूल में बच्चों के लिए विशेष भोजन की व्यवस्था की गई। बच्चों को प्रसाद के रूप में पूरी, हलवा, छोले और चावल परोसे गए। जैसे-जैसे भोजन बच्चों के बीच पहुंचा, उनका उत्साह भी बढ़ता गया। बच्चों ने खुशी-खुशी भोजन किया और BSA को जन्मदिन की बधाई दी। स्कूल परिसर में बच्चों की चहल-पहल और उत्साह ने पूरे आयोजन को खास बना दिया। दीपा भाटी ने कहा कि जन्मदिन हर व्यक्ति के लिए विशेष होता है, लेकिन बच्चों के साथ इस दिन को मनाने की खुशी कुछ अलग है। सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों के बीच पहुंचकर उनके साथ खुशियां बांटने से उन्हें आत्मिक संतुष्टि मिलती है। उनके मुताबिक, बच्चों के चेहरे की मुस्कान ही उनके लिए जन्मदिन का सबसे अच्छा तोहफा है।
बोलीं- बच्चों के बीच जाएंगे तो समझ आएंगी उनकी जरूरतें जन्मदिन का जश्न बच्चों के साथ मनाने के पीछे दीपा भाटी का एक उद्देश्य बच्चों से सीधे जुड़ना भी था। उन्होंने कहा कि जब शिक्षक और अधिकारी बच्चों के साथ सहज होकर बातचीत करते हैं तो उनकी जरूरतों और समस्याओं को नजदीक से समझने का मौका मिलता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सिर्फ किताबों और कक्षाओं तक सीमित नहीं है। बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उनके साथ संवाद और बेहतर माहौल भी जरूरी है। इस दौरान BSA ने विद्यालय के शिक्षकों से भी बच्चों की पढ़ाई के साथ-साथ उनके सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान देने को कहा। उन्होंने शिक्षकों से कहा कि बच्चों के साथ बेहतर संवाद स्थापित कर उनकी प्रतिभा और जरूरतों को समझें। शनिवार को सबली प्राथमिक विद्यालय में मनाया गया यह जन्मदिन बच्चों के लिए भी यादगार बन गया। स्कूल पहुंचे अधिकारी, बच्चों के साथ बातचीत, जन्मदिन की शुभकामनाएं और फिर पूरी-हलवा, छोले और चावल की दावत—दिन खत्म होने तक बच्चों के बीच इस खास जन्मदिन समारोह की ही चर्चा रही।

