पटना का गर्दनीबाग धरनास्थल छात्र-अभ्यर्थी आंदोलन का बड़ा केंद्र बना हुआ है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का महाआंदोलन जारी है। ऑल बिहार PhD होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन में प्रदर्शनकारी सहायक प्रोफेसर बहाली की नई प्रस्तावित नियमावली को रद्द करने, 2018 से पहले की पुरानी व्यवस्था लागू करने, गेस्ट फैकल्टी को स्थाई करने और भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाकर 55 साल करने की मांग कर रहे हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे रहे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक हमारी मांगों पर सरकार और संबंधित आयोग ठोस फैसला नहीं लेते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ी छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत शुक्रवार की शाम अचानक बिगड़ गई थी। दिलीप कई दिनों से धरनास्थल पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दिलीप कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं पड़ा। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी गर्दनीबाग में धरनास्थल पर डटे रहे। छात्रों का कहना है कि हम लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं और अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। वहीं, दूसरी तरफ मांगों को लेकर 19 दिनों से अनशन कर रहे कुमुद पटेल व्हील चेयर से प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने रोते-रोते कहा कि सरकार चाहती है कि मैं मर जाऊं। एक अभ्यर्थी ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है, बच्चे रोजगार-भविष्य के लिए धरने पर हैं। सरकार में चेतना नहीं है, जिसकी हम आलोचना करते हैं। वहीं अभ्यर्थी अमरजीत ने कहा कि प्रोटेस्ट का 5वां दिन है। सरकार की ओर से कोई भी नेता नहीं आए हैं। सरकार की तरफ से कोई बातचीत नहीं हुई है। पटना में ‘लोकभवन मार्च’ के दौरान हुआ था हंगामा सैकड़ों की संख्या में PhD धारकों, रिसर्च स्कॉलर्स और अतिथि प्राध्यापकों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर ‘लोकभवन मार्च’ निकालकर प्रदर्शन किया था। पिछले 19 दिनों से गर्दनीबाग में धरना पर बैठे प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास और राजभवन का घेराव करने आगे बढ़ रहे थे। आर ब्लॉक चौराहे पर पुलिस की डबल लेयर बैरिकेडिंग थी। जिसे तोड़कर आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान प्रशासन के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। हालात को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और वाटर कैनन तैनात किए गए थे, जिसके बाद छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) बातचीत के लिए पहुंचा। लोकभवन मार्च की तस्वीरें… अमन कुमार का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी अभ्यर्थियों के न्याय सत्याग्रह में अमन कुमार का आमरण अनशन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अमन कुमार लगातार चार दिनों से अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठे हैं। लंबे समय तक बिना भोजन और पानी के रहने के कारण अभ्यर्थियों और वहां मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य के लिए चिंता जताई है। इसके बावजूद अमन कुमार अपनी मांगों को लेकर अनशन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा। पटना का गर्दनीबाग धरनास्थल छात्र-अभ्यर्थी आंदोलन का बड़ा केंद्र बना हुआ है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC), बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) और चौथे चरण की शिक्षक भर्ती परीक्षा (TRE-4) समेत अन्य भर्ती परीक्षाओं के अभ्यर्थियों का महाआंदोलन जारी है। ऑल बिहार PhD होल्डर्स एंड रिसर्च स्कॉलर्स एसोसिएशन के बैनर तले हो रहे इस आंदोलन में प्रदर्शनकारी सहायक प्रोफेसर बहाली की नई प्रस्तावित नियमावली को रद्द करने, 2018 से पहले की पुरानी व्यवस्था लागू करने, गेस्ट फैकल्टी को स्थाई करने और भर्ती के लिए अधिकतम उम्र सीमा बढ़ाकर 55 साल करने की मांग कर रहे हैं। धरनास्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं जुटे रहे हैं। अभ्यर्थियों ने कहा कि जब तक हमारी मांगों पर सरकार और संबंधित आयोग ठोस फैसला नहीं लेते, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत बिगड़ी छात्र नेता दिलीप कुमार की तबीयत शुक्रवार की शाम अचानक बिगड़ गई थी। दिलीप कई दिनों से धरनास्थल पर आंदोलन का नेतृत्व कर रहे हैं। तबीयत खराब होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। हालांकि, दिलीप कुमार के अस्पताल में भर्ती होने के बावजूद आंदोलन कमजोर नहीं पड़ा। बड़ी संख्या में महिला और पुरुष अभ्यर्थी गर्दनीबाग में धरनास्थल पर डटे रहे। छात्रों का कहना है कि हम लंबे समय से भर्ती परीक्षाओं से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रहे हैं और अब पीछे हटने के मूड में नहीं हैं। वहीं, दूसरी तरफ मांगों को लेकर 19 दिनों से अनशन कर रहे कुमुद पटेल व्हील चेयर से प्रदर्शन में पहुंचे। उन्होंने रोते-रोते कहा कि सरकार चाहती है कि मैं मर जाऊं। एक अभ्यर्थी ने कहा कि ये दुर्भाग्यपूर्ण है, बच्चे रोजगार-भविष्य के लिए धरने पर हैं। सरकार में चेतना नहीं है, जिसकी हम आलोचना करते हैं। वहीं अभ्यर्थी अमरजीत ने कहा कि प्रोटेस्ट का 5वां दिन है। सरकार की ओर से कोई भी नेता नहीं आए हैं। सरकार की तरफ से कोई बातचीत नहीं हुई है। पटना में ‘लोकभवन मार्च’ के दौरान हुआ था हंगामा सैकड़ों की संख्या में PhD धारकों, रिसर्च स्कॉलर्स और अतिथि प्राध्यापकों ने शुक्रवार को अपनी मांगों को लेकर ‘लोकभवन मार्च’ निकालकर प्रदर्शन किया था। पिछले 19 दिनों से गर्दनीबाग में धरना पर बैठे प्रदर्शनकारी मुख्यमंत्री आवास और राजभवन का घेराव करने आगे बढ़ रहे थे। आर ब्लॉक चौराहे पर पुलिस की डबल लेयर बैरिकेडिंग थी। जिसे तोड़कर आगे निकलने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान प्रशासन के साथ उनकी तीखी झड़प हुई। हालात को संभालने के लिए मौके पर भारी पुलिस बल और वाटर कैनन तैनात किए गए थे, जिसके बाद छात्रों का एक प्रतिनिधिमंडल मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) बातचीत के लिए पहुंचा। लोकभवन मार्च की तस्वीरें… अमन कुमार का आमरण अनशन चौथे दिन भी जारी अभ्यर्थियों के न्याय सत्याग्रह में अमन कुमार का आमरण अनशन शनिवार को चौथे दिन भी जारी रहा। अमन कुमार लगातार चार दिनों से अन्न-जल त्यागकर अनशन पर बैठे हैं। लंबे समय तक बिना भोजन और पानी के रहने के कारण अभ्यर्थियों और वहां मौजूद लोगों ने स्वास्थ्य के लिए चिंता जताई है। इसके बावजूद अमन कुमार अपनी मांगों को लेकर अनशन खत्म करने के लिए तैयार नहीं हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं करती, तब तक आंदोलन और अनशन जारी रहेगा।

