शिवहर में पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर उप विकास आयुक्त (DDC) ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को DDC कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया गया। DDC ने कहा कि लापरवाही या जिम्मेदारी में शिथिलता मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। DDC ने योजना की रोजाना निगरानी करने का निर्देश दिया। जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए कम से कम 25-25 सोलर पैनल स्थापित कराने का लक्ष्य दिया गया है। अधिकारियों को योजना के तहत मिलने वाले अनुदान और इसके फायदे का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें। 1 किलोवाट पर ₹40 हजार तक अनुदान बैठक में योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की भी समीक्षा की गई। 1 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र से ₹30 हजार और राज्य सरकार से ₹10 हजार, यानी कुल ₹40 हजार तक का अनुदान मिलेगा। वहीं, 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर कुल ₹80 हजार और 3 किलोवाट तक कुल ₹98 हजार तक के अनुदान का प्रावधान बताया गया। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा अतिरिक्त अनुदान राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान 31 मार्च 2027 तक बताया गया है। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने के लिए 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। पात्र परिवारों को आवेदन के लिए प्रेरित करने का निर्देश अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए और पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। योजना की जानकारी और आवेदन के लिए www.pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट उपलब्ध है। सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15555 पर संपर्क किया जा सकता है। बिजली खर्च घटाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा DDC ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन लोगों के बिजली खर्च को कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा। बैठक में सभी BDO और संबंधित नोडल पदाधिकारी मौजूद रहे। शिवहर में पीएम सूर्य घर योजना की धीमी प्रगति पर उप विकास आयुक्त (DDC) ने कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को DDC कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में योजना की प्रगति अपेक्षा के अनुरूप नहीं मिलने पर अधिकारियों को कार्यप्रणाली में तुरंत सुधार करने का निर्देश दिया गया। DDC ने कहा कि लापरवाही या जिम्मेदारी में शिथिलता मिलने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। DDC ने योजना की रोजाना निगरानी करने का निर्देश दिया। जिले के सभी प्रखंड विकास पदाधिकारियों (BDO) को अपने-अपने क्षेत्र में व्यक्तिगत जिम्मेदारी लेते हुए कम से कम 25-25 सोलर पैनल स्थापित कराने का लक्ष्य दिया गया है। अधिकारियों को योजना के तहत मिलने वाले अनुदान और इसके फायदे का व्यापक प्रचार-प्रसार करने को भी कहा गया, ताकि अधिक से अधिक परिवार सौर ऊर्जा से जुड़ सकें। 1 किलोवाट पर ₹40 हजार तक अनुदान बैठक में योजना के तहत मिलने वाली सब्सिडी की भी समीक्षा की गई। 1 किलोवाट तक के सोलर सिस्टम पर केंद्र से ₹30 हजार और राज्य सरकार से ₹10 हजार, यानी कुल ₹40 हजार तक का अनुदान मिलेगा। वहीं, 2 किलोवाट तक के सिस्टम पर कुल ₹80 हजार और 3 किलोवाट तक कुल ₹98 हजार तक के अनुदान का प्रावधान बताया गया। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा अतिरिक्त अनुदान राज्य सरकार की ओर से मिलने वाले अतिरिक्त अनुदान का प्रावधान 31 मार्च 2027 तक बताया गया है। इसके अलावा सोलर पैनल लगाने के लिए 5.75 प्रतिशत ब्याज दर पर आसान ऋण की सुविधा भी उपलब्ध है। पात्र परिवारों को आवेदन के लिए प्रेरित करने का निर्देश अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि योजना की जानकारी अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाई जाए और पात्र परिवारों को आवेदन करने के लिए प्रेरित किया जाए। योजना की जानकारी और आवेदन के लिए www.pmsuryaghar.gov.in वेबसाइट उपलब्ध है। सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर 15555 पर संपर्क किया जा सकता है। बिजली खर्च घटाने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को मिलेगा बढ़ावा DDC ने कहा कि योजना का प्रभावी क्रियान्वयन लोगों के बिजली खर्च को कम करने के साथ स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देगा। बैठक में सभी BDO और संबंधित नोडल पदाधिकारी मौजूद रहे।

