भिवानी जिले के लोहारू क्षेत्र में शनिवार को जाने-माने शिक्षाविद् और प्रमुख रक्तदाता स्वर्गीय मास्टर प्यारेलाल सांगवान की 73वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर रामलीला मैदान में उनके परिवार, सामाजिक संगठनों और शहरवासियों द्वारा पौधारोपण किया गया। उपस्थित लोगों ने मास्टर प्यारेलाल सांगवान की प्रतिमा पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। पौधारोपण का कार्यक्रम उनकी नातिन मनन्या द्वारा तिलक लगाकर शुरू किया गया। इस दौरान लोगों ने मास्टर प्यारेलाल सांगवान के सामाजिक और शैक्षणिक योगदान को याद किया। परिजनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने बताया कि उन्होंने अपना पूरा जीवन समाजसेवा, शिक्षा और मानवता के कार्यों के लिए समर्पित किया। रक्तदान-महादान की मुहिम चलाई मास्टर प्यारेलाल सांगवान एक सेवानिवृत्त प्रिंसिपल थे। उन्होंने अपने जीवनकाल में 108 बार रक्तदान कर समाज के सामने एक मिसाल पेश की। उन्होंने न केवल स्वयं रक्तदान किया, बल्कि युवाओं को भी इस महादान के लिए प्रेरित किया। उनके मार्गदर्शन में लोहारू शहर और आसपास के क्षेत्रों में रक्तदान महादान की मुहिम को लगातार बढ़ावा मिला। आज भी इस क्षेत्र में जन्मदिन, शादी की वर्षगांठ और अन्य पारिवारिक उत्सवों पर रक्तदान शिविर आयोजित कर जरूरतमंदों की मदद करने की परंपरा जारी है। यह उनकी प्रेरणा का ही परिणाम है। दिसंबर 2025 में हुआ था निधन स्वर्गीय मास्टर प्यारेलाल सांगवान का निधन 18 दिसंबर 2025 को हुआ था। उनके परिवार ने उनकी जयंती को पर्यावरण संरक्षण और समाजसेवा के संदेश के साथ मनाने का निर्णय लिया। इसी कड़ी में त्रिवेणी रोपण के माध्यम से लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक किया गया। मास्टर प्यारेलाल सांगवान को उनके उत्कृष्ट शैक्षणिक और सामाजिक कार्यों के लिए हरियाणा के विभिन्न मंचों, राज्यपालों, मुख्यमंत्रियों और स्थानीय प्रशासनिक निकायों द्वारा भी सम्मानित किया जा चुका था।

