(फाइल फोटो के साथ)
सिलीगुड़ी, 22 अगस्त केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह आज यानी शनिवार को यहां कई बैठकें करेंगे जिनमें रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा एवं दार्जिलिंग पहाड़ क्षेत्र की लंबे समय से जारी समस्याओं के ‘‘स्थायी राजनीतिक समाधान’’ के मुद्दे पर मुख्य रूप से चर्चा होने की संभावना है। गृह मंत्री के आधिकारिक कार्यक्रम के अनुसार, पश्चिम बंगाल के तीन दिवसीय दौरे के अंतिम दिन शाह सिलीगुड़ी शहर के बाहरी इलाके सुकना स्थित उस होटल में पूर्वाह्न 11 बजे से लगातार दो बैठकों की अध्यक्षता करेंगे, जहां वह ठहरे हुए हैं। उनके अपराह्न करीब ढाई बजे बागडोगरा हवाई अड्डे से दिल्ली रवाना होने की संभावना है।
सूत्रों ने बताया कि शाह सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करेंगे और बैठक में सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ), सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी), खुफिया एजेंसियों एवं राज्य प्रशासन के बीच समन्वय पर खास तौर पर चर्चा होने की संभावना है। सिलीगुड़ी के नेपाल, भूटान और बांग्लादेश की अंतरराष्ट्रीय सीमाओं के करीब स्थित होने और पूर्वोत्तर को देश के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाले संकरे गलियारे के रणनीतिक महत्व को देखते हुए यह बैठक अहम मानी जा रही है। शाह के दार्जिलिंग पहाड़ क्षेत्र के निर्वाचित प्रतिनिधियों और नेताओं से भी मुलाकात करने की संभावना है।
इस दौरान क्षेत्र के काफी समय से लंबित राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। हालांकि, इस बैठक की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। बैठक में गोरखा समुदाय और पहाड़ क्षेत्र के अन्य निवासियों के लिए ‘‘स्थायी राजनीतिक समाधान’’ को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की चुनाव से पहले की गई घोषणा पर मुख्य रूप से चर्चा होने की संभावना है।
गोरखा जनमुक्ति मोर्चा (जीजेएम) के अध्यक्ष बिमल गुरुंग और महासचिव रोशन गिरि के बैठक में शामिल होने की संभावना है। दार्जिलिंग से सांसद राजू बिस्ता, राज्य के मंत्री और पहाड़ क्षेत्र के विधायक भी इसमें हिस्सा ले सकते हैं। दार्जिलिंग पहाड़ क्षेत्र में अलग गोरखालैंड राज्य की मांग दशकों से उठती रही है।
पिछली सरकारों ने ‘दार्जिलिंग गोरखा हिल काउंसिल’ और गोरखालैंड क्षेत्रीय प्रशासन जैसी व्यवस्थाओं के जरिए इस मुद्दे का समाधान करने की कोशिश की थी। शाह ने 2026 के विधानसभा चुनाव प्रचार के दौरान ‘‘स्थायी राजनीतिक समाधान’’ का वादा किया था जिससे क्षेत्र में अधिक राजनीतिक और आर्थिक स्थिरता की उम्मीदें बढ़ीं। शाह ने शुक्रवार को सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) के फ्रंटियर मुख्यालय का दौरा किया था।
उन्होंने इस दौरान कई बुनियादी ढांचा परियोजनाओं का उद्घाटन एवं शिलान्यास किया और सीमा सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कावाखाली में तीन नए आपराधिक कानूनों पर एक प्रदर्शनी का भी उद्घाटन किया। शाह ने सीमा पर बाड़ लगाने और सुरक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे के लिए जरूरी जमीन उपलब्ध कराने में ‘‘देरी’’ को लेकर पूर्ववर्ती ममता बनर्जी सरकार की शुक्रवार के कार्यक्रम के दौरान कड़ी आलोचना की।
उन्होंने भूमि हस्तांतरण में तेजी लाने और केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियों के साथ सहयोग के लिए मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की सरकार की सराहना की। शनिवार के कार्यक्रमों में गृह मंत्री का जोर सिलीगुड़ी गलियारे की सुरक्षा मजबूत करने पर रहने की संभावना है। इस गलियारे को आम तौर पर ‘‘चिकन नेक’’ कहा जाता है।

