ईरान से डील पर असमंजस के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- ‘होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी क्षेत्र है’

ईरान से डील पर असमंजस के बीच डोनाल्ड ट्रंप का बड़ा बयान, बोले- ‘होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी क्षेत्र है’

Donald Trump Statement on Hormuz Strait: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर होर्मुज स्ट्रेट और ईरान को लेकर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने तेहरान को साफ तौर पर चेतावनी देते हुए कहा कि ईरान को कभी भी परमाणु हथियार हासिल नहीं करने दिया जाएगा। उन्होंने यह भी दावा किया कि ईरान समझौते के लिए उत्सुक है, लेकिन अमेरिका अभी यह तय नहीं कर पाया है कि उसे तेहरान के साथ समझौता करना चाहिए या नहीं।

‘होर्मुज स्ट्रेट अमेरिकी क्षेत्र’

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दक्षिण कैरोलिना के मर्टल बीच पर एक रैली को संबोधित करते हुए होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र बताया। उन्होंने कहा कि हम वहां गए और उन्हें रोक दिया। उनके पास कभी परमाणु हथियार नहीं होगा। फिलहाल मैं होर्मुज स्ट्रेट को अमेरिकी क्षेत्र के रूप में देखता हूं। यह अमेरिकी क्षेत्र है।

बता दें कि यह पहली बार नहीं है, जब होर्मुज स्ट्रेट पर अमेरिकी राष्ट्रपति ने इस तरह का बयान दिया है। इससे पहले वे होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले जहाजों पर 20 फीसदी टोल वसूलने की बात कही थी, जिसको लेकर कई देशों ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की थी। उस वक्त मामला तूल पकड़ता देख, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को अपना फैसला बदलना पड़ा था।

68 कमर्शियल शिप ने रास्ता बदला

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ताजा बयान के बीच यूएस सेंट्रल कमांड ने बताया कि ईरान की नाकेबंदी के बीच 68 कमर्शियल जहाजों का रास्ता बदल दिया गया। इसके अलावा, तीन जहाजों को निष्क्रिय किया गया और दो अन्य जहाजों पर अमेरिकी सैनिकों ने चढ़कर जांच की।

CENTCOM ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर बताया कि इन कदमों का मकसद ईरान की समुद्री नाकेबंदी के नियमों का पालन कराना है। अमेरिकी सेना के मुताबिक, 20 से ज्यादा युद्धपोत ईरान के खिलाफ जारी समुद्री नाकेबंदी में तैनात हैं।

‘ऑपरेशन एपिक फेल्योर’

यूएस हाउस माइनॉरिटी लीडर ने ईरान में चलाए जा रहे अमेरिकी सैन्य अभियान की कड़ी निंदा की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा, ‘करदाताओं का पैसा अमेरिकी लोगों की जिंदगी को अधिक किफायती बनाने के लिए खर्च किया जाना चाहिए।’ उन्होंने आगे लिखा, ‘इसे मध्य पूर्व में एक और अंतहीन युद्ध जारी रखने के लिए खर्च नहीं किया जाना चाहिए।’

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