Eye Disease Keratitis Cause: कभी न कभी आपके साथ भी ऐसा जरूर हुआ होगा कि आंख में अचानक से कंकड़ या तिनका सा चुभने लगता है। हम आंख को बार-बार मलते हैं, पानी के छींटे मारते हैं, लेकिन चुभन और लालिमा कम होने का नाम ही नहीं लेती। ज्यादातर लोग इसे आंख में धूल चला जाना या कोई मामूली इंफेक्शन समझकर आई ड्रॉप डाल लेते हैं और बात को टाल देते हैं। लेकिन अगर आंख का दर्द कम न हो, लालिमा बढ़ती जाए और रोशनी से डर लगने लगे, तो इसे बिल्कुल भी नजरअंदाज न करें। क्लीवलैंड क्लिनिक के मुताबिक, आंख में लगातार होने वाली यह चुभन और पानी बहना केराटाइटिस (Keratitis) नाम की बीमारी का संकेत हो सकता है। यह आंख की पुतली यानी कॉर्निया (Cornea) में होने वाली सूजन या इंफेक्शन है। अगर समय रहते इसका सही इलाज न कराया जाए, तो यह आंखों की रोशनी पर भी असर डाल सकता है। आइए समझते हैं कि केराटाइटिस क्या है, यह क्यों होता है और इससे कैसे बचा जा सकता है।
क्या होता है केराटाइटिस (Keratitis)?
जॉन हॉपकिंस मेडिसिन के अनुसार, हमारी आंख के सामने एक शीशे जैसी पारदर्शी पर्त होती है जिसे कॉर्निया (Cornea) कहते हैं। यह पर्त आंख के अंदर रोशनी पहुंचाती है जिससे हम दुनिया को साफ देख पाते हैं। जब किसी वजह से इस कॉर्निया में सूजन आ जाती है या घाव हो जाता है, तो उस हालत को मेडिकल भाषा में केराटाइटिस कहते हैं। यह समस्या इंफेक्शन (बैक्टीरिया, वायरस या फंगस) की वजह से भी हो सकती है और बिना इंफेक्शन (जैसे आंख में चोट लगना या गंदे कांटेक्ट लेंस पहनना) के भी हो सकती है।
केराटाइटिस होने पर क्या-क्या लक्षण दिखाई देते हैं?
- आंख में तेज चुभन और दर्द।
- आंखों का अत्यधिक लाल होना।
- लगातार पानी या पीला पानी आना।
- रोशनी से परेशानी (Photophobia)।
- धुंधला दिखाई देना।
- आंख खोलने में दिक्कत होना।
क्यों होता है केराटाइटिस?
- कॉन्टैक्ट लेंस का गलत इस्तेमाल।
- बैक्टीरिया, वायरस या फंगस का इंफेक्शन।
- आंख में चोट या खरोंच।
- आंख में सूखापन (Dry Eyes)।
- गंदे पानी का इस्तेमाल।
केराटाइटिस से बचने और आंखों को सुरक्षित रखने के उपाय
- लेंस की सफाई का पूरा ध्यान रखें।
- आंखों को बार-बार न मलें।
- स्विमिंग करते समय चश्मा पहनें।
- चोट से बचाव करें।
- खुद से आई ड्रॉप न डालें।
डॉक्टर के पास कब जाना जरूरी है?
मेयो क्लिनिक के अनुसार, अगर आंख में चुभन, पानी बहना या लालिमा 24 घंटे में ठीक न हो, तो बिना देर किए तुरंत आंखों के डॉक्टर (Ophthalmologist) को दिखाएं। केराटाइटिस का इलाज इस बात पर निर्भर करता है कि इंफेक्शन किस वजह से हुआ है डॉक्टर जांच करके एंटीबायोटिक, एंटीफंगल या एंटीवायरल आई ड्रॉप देते हैं।
डिस्क्लेमरः इस लेख में दी गई जानकारी का उद्देश्य केवल रोगों और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के प्रति जागरूकता लाना है। यह क्वालीफाइड मेडिकल ऑपिनियन का विकल्प है। लेकिन पाठकों को सलाह दी जाती है कि वह कोई भी दवा, उपचार या नुस्खे को अपनी मर्जी से ना आजमाएं बल्कि इस बारे में उस चिकित्सा पैथी से संबंधित एक्सपर्ट या डॉक्टर की सलाह जरूर ले लें।

