यूपी विधानसभा चुनाव 2027 से पहले सहारनपुर की राजनीति में बड़ा सियासी घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के दामाद और पूर्व राज्य मंत्री शायान मसूद ने 20 अगस्त को सपा का दामन थाम लिया। लखनऊ में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता लेने के बाद शायान ने अपने फैसले को सिर्फ व्यक्तिगत राजनीतिक निर्णय नहीं, बल्कि भाजपा के खिलाफ लड़ाई से जोड़कर पेश किया। शायान मसूद ने साफ कहा कि यूपी में भाजपा को हराना है तो अखिलेश यादव के अलावा दूसरा कोई रास्ता नहीं है। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य अखिलेश यादव को सीएम बनाना है और इसी उद्देश्य से वह सपा के साथ आए हैं। लेकिन शायान के सपा में जाने से ज्यादा चर्चा उनके उस बयान की हो रही है, जिसमें उन्होंने अपने ससुर और सहारनपुर से कांग्रेस सांसद इमरान मसूद की राजनीतिक लाइन पर खुलकर असहमति जताई। शायान ने इमरान का नाम लेते हुए कहा कि वह उनकी विचारधारा से इत्तफाक नहीं रखते। अखिलेश पर हमला कर रहे हैं तो BJP को फायदा पहुंचा रहे शायान मसूद ने इमरान मसूद के अखिलेश यादव पर हमलों को लेकर कहा कि अगर यूपी में भाजपा को हराना है तो भाजपा के खिलाफ बोलना पड़ेगा। उनके मुताबिक, अखिलेश यादव को निशाना बनाने का सीधा फायदा भाजपा को पहुंचता है। शायान ने सवालिया अंदाज में कहा कि जब अखिलेश यादव भाजपा को हराने की लड़ाई लड़ रहे हैं और कोई व्यक्ति उन्हीं पर हमला करता है, तो इसका मतलब यही है कि वो सीधे तौर पर भाजपा को फायदा पहुंचाना चाहता है। यही बयान इस पूरे घटनाक्रम का सबसे बड़ा राजनीतिक संदेश माना जा रहा है। क्योंकि शायान सिर्फ कांग्रेस छोड़कर सपा में नहीं गए हैं, बल्कि उन्होंने अपने ससुर इमरान मसूद की मौजूदा राजनीतिक रणनीति से सार्वजनिक तौर पर दूरी भी बना ली है। परिवार के भीतर राजनीतिक रास्ते अलग इमरान मसूद और शायान मसूद का राजनीतिक जुड़ाव सहारनपुर की राजनीति में पहले से चर्चा का विषय रहा है। ऐसे में शायान का सपा में जाना मसूद परिवार के भीतर राजनीतिक रास्तों के अलग होने का संकेत माना जा रहा है। इससे पहले भी शायान की सियासी सक्रियता सहारनपुर की राजनीति में नजर आती रही है। अब स्थिति ये है कि इमरान मसूद कांग्रेस में रहते हुए अपनी राजनीतिक भूमिका तय कर रहे हैं, जबकि उनके दामाद ने सपा को अपना राजनीतिक मंच चुन लिया है। इससे सहारनपुर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कांग्रेस-सपा संबंधों को लेकर भी नई चर्चा शुरू हो गई है। अखिलेश को मुख्यमंत्री बनाने का लक्ष्य सपा में शामिल होने के बाद शायान ने कहा कि उनकी प्राथमिकता अखिलेश यादव को मुख्यमंत्री बनाना है। उन्होंने कहा कि 2027 में सपा की सरकार बनने जा रही है और वह इसी लक्ष्य के साथ पार्टी में आए हैं। शायान मसूद ने कहा कि यूपी में इस समय विचारधाराओं की लड़ाई है। एक तरफ भाजपा है, जबकि दूसरी तरफ अखिलेश यादव जैसे नेता हैं, जो प्रदेश को विकास और प्रगति की दिशा में ले जाने का विजन रखते हैं। शायान ने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश समेत पूरे प्रदेश में सपा और PDA इस बार बेहतर प्रदर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने 2024 के लोकसभा चुनाव में सपा के प्रदर्शन का हवाला देते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव में भी इसी प्रदर्शन को दोहराया जाएगा। नोएडा से लेकर सहारनपुर तक सियासी नजर शायान मसूद ने नोएडा और गौतमबुद्ध नगर की राजनीति पर भी बात की। उन्होंने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की कई सीटों पर सपा बेहतर प्रदर्शन करेगी। गौतमबुद्ध नगर जैसी सीट को लेकर भी उन्होंने पार्टी की तैयारियों और स्थानीय राजनीतिक स्थिति पर बातचीत होने की बात कही। उनका दावा है कि 2027 के विधानसभा चुनाव में सपा बहुमत के आंकड़े तक पहुंचेगी। शायान ने यहां तक कहा कि शुरुआती चरणों के बाद पार्टी के खाते में आने वाली सीटें उसके लिए बढ़त को और मजबूत करेंगी। सच सामने आएगा तो BJP खत्म हो जाएगी भाजपा पर हमला बोलते हुए शायान ने आरोप लगाया कि पिछले करीब 10 वर्षों की भाजपा सरकार प्रचार और झूठ के सहारे चली है। उन्होंने कहा कि ये बहुत दिन तक नहीं चल सकता और जल्द ही सच सामने आएगा। शायान ने दावा किया कि जिस दिन सच सामने आएगा, उस दिन भाजपा का राजनीतिक आधार खत्म हो जाएगा।

